झूठ बोल-बोलकर दिल्लीवासियों को पागल बनाने वाले अरविन्द केजरीवाल द्वारा यमुना नदी में जहर मिलाने के भ्रामिक आरोप में केजरीवाल खुद फंस गए। यमुना नदी में जहर मिलाए जाने के अति गंभीर आरोप से I.N.D.I. गठबंधन तक हिल गया है। फिर भी जो पार्टियां दिल्ली चुनाव में केजरीवाल पार्टी से अपना समर्थन वापस नहीं लेती है तो साफ जाहिर है कि विदेशी चंदे पर पलने वाली पार्टियों को जनता की लेशमात्र भी चिंता नहीं।
चुनाव आयोग को केजरीवाल द्वारा दिए जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर केजरीवाल से कल (31 जनवरी) 11 बजे तक 5 प्रश्नों का जवाब देने को कहा है।
1. जहर कहाँ पाया गया ?
2. किन इंजीनियरों ने टेस्ट किया ?
3. जहरीले पानी को कैसे रोका ?
4. यमुना नदी में कैसा जहर मिलाया?
5. जहर की पहचान कैसे की?
आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविन्द केजरीवाल हरियाणा यमुना में ‘जहर मिलाने’ के आरोप पर फंस गए हैं। उन्हें हरियाणा की एक अदालत ने हाजिर होने का आदेश दिया है। यह आदेश हरियाणा सरकार की तरफ से दाखिल एक मुकदमे में दिया गया है।
वहीं चुनाव आयोग भी इस मामले पर केजरीवाल के जवाब से संतुष्ट नहीं है। उसने केजरीवाल से उनके ‘जहर मिलाने’ के दावे के सबूत देने को कहा है। केजरीवाल ने अपने जवाब में अमोनिया की मात्रा ज्यादा होने को बयान का आधार बताया था।
बुधवार (29 जनवरी, 2025) को हरियाणा के सोनीपत में कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल को 17 फरवरी, 2025 के लिए नोटिस जारी किया जाता है। उन्हें निर्देश दिया जाता है कि अगर उन्हें कुछ कहना है तो वे अगली सुनवाई की तारीख को इस अदालत के सामने हाजिर हों।”
अदालत ने कहा, “यदि वह अगली सुनवाई की तारीख को इस अदालत के सामने हाजिर नहीं होते तो यह माना जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना। ऐसे में आगे की कार्यवाही कानून के अनुसार की जाएगी।” सोनीपत की अदालत ने यह आदेश हरियाणा सरकार द्वारा दायर किए गए एक केस में दिया गया है।
हरियाणा सरकार ने हरियाणा राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकार (HSDMA) के माध्यम से यह केस दायर किया है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि केजरीवाल ने यमुना में जहर मिलाने को लेकर झूठे दावे किए और लोगों को भ्रम में डाला। इसके बाद सोनीपत के कुछ गाँव वालों ने भी इस पर प्रश्न उठाए।
जब गाँव वालों से प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने केजरीवाल के उस वीडियो का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि हरियाणा सरकार यमुना में जहर मिलाकर दिल्ली में भेज रही है। केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि हरियाणा की भाजपा सरकार दिल्ली के निवासियों का नरसंहार करना चाहती थी और इसे दिल्ली जल बोर्ड ने रोक लिया।
उनके इस बयान पर सीएम नायब सिंह सैनी ने मानहानि का मुकदमा करने का ऐलान किया था। इस मामले में चुनाव आयोग ने भी केजरीवाल से जवाब माँगा था कि आखिर उन्होंने जहर मिलाने की बात किस आधार पर कही थी। केजरीवाल ने अपने जवाब में दावा किया कि उन्होंने यह बयान ‘जनहित’ में दिया था।
केजरीवाल ने दावा किया कि हरियाणा से आने वाले पानी में अमोनिया की मात्रा ज्यादा थी, ऐसे में उन्होंने लोगों को चेताने को यह बयान दिया था। उनके इस जवाब से चुनाव आयोग पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि चुनाव आयोग ने केजरीवाल से कहा है कि वह ‘जहर मिलाने’ का सबूत पेश करें।
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