राहुल गाँधी द्वारा संसद में मोबाइल लेकर इसके कलपुर्जों को Made in China बताकर क्या साबित करना चाहा रहे हैं, एक, चीन से व्यापार बंद कर भारत में ही उत्पादन कर चीन का विरोध कर रहे हैं। दो, देश में बिकने वाला हर उत्पाद Made in China नहीं बल्कि Made in India हो। दरअसल सकारात्मक दृष्टि से देखा जाए तो राहुल ने चीन का विरोध किया है। कहते हैं हर बुराई के पीछे कोई अच्छी बात जरूर छिपी होती है। क्या राहुल नहीं चाहते कि चीन से किसी भी तरह का व्यापार किया जाए? लेकिन राहुल के गुरु पित्रोदा ने चीन प्रेम दिखाकर राहुल को बचा लिया। और बाज़ी पलट दी।
कांग्रेस का चीन प्रेम एक बार फिर खुलकर सामने आया है। इस बार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सियासी गुरु सैम पित्रोदा ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि मुझे चीन से खतरा समझ में नहीं आता। उन्होंने कहा कि भारत को चीन को दुश्मन मानना बंद कर देना चाहिए। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पित्रोदा ने कहा कि मुझे लगता है कि इस मुद्दे को हमेशा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है। हमारा दृष्टिकोण शुरू से टकराव वाला रहा है। ये दुश्मनी पैदा करता है। हमें अपना रवैया बदलना होगा और यह मानना बंद करना होगा कि चीन हमारा दुश्मन है।
चीन हमारा दुश्मन नहीं है हमें पहले दिन से यह मानना बंद करना होगा कि चीन दुश्मन है-सैम पित्रोदा
— ocean jain (@ocjain4) February 17, 2025
पप्पू चीन के ड्रोन की प्रशंसा करता है और कांग्रेस अब चीन को दुश्मन नहीं मानती.....ट्रंप ओर मोदी की जोड़ी से चीन की लंका लगी हुई है और ये अब अपने बाप को बचाने में लगे है pic.twitter.com/vmfxBa0RvN
कांग्रेस का असली चेहरा
— Social Tamasha (@SocialTamasha) February 17, 2025
ये खाते हिंदुस्तान का है और गाते पाकिस्तान का है pic.twitter.com/FbkIpYaxMo
सैम के बयान पर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि ‘जो कुछ कांग्रेस और उनके थिंक टैंक कहे जाने वाले लोग समय-समय पर कहते आ रहे हैं, वो चीजे अब पूरी तरह से जनता के सामने आती जा रही हैं। ओवरसीज कांग्रेस के प्रेसिडेंट सैम पित्रोदा ने चीन को लेकर आज जिस प्रकार का बयान दिया है, उससे यह बात बहुत साफ हो गई है कि कांग्रेस पार्टी के चीन के साथ हुए करार का इजहार वो दिनदहाड़े कर रहे हैं। गंभीर बात ये है कि जिस प्रकार की बात सैम पित्रोदा ने कही है, वो भारत की अस्मिता, कूटनीति और भारत की संप्रभुता पर बहुत गहरा आघात है। उन्होंने कहा है कि चीन के साथ तो किसी प्रकार का विवाद ही नहीं है, यानी भारत ही आक्रामक मुद्रा लिए हुए है। इसी भाव और इसी विचार के अनेक स्टेटमेंट राहुल गांधी भी पहले दे चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अपने विदेश दौरे पर कहा कि चीन ने बेरोजगारी की समस्या को बहुत अच्छे से दूर किया है। गलवान में हमारे 20 सैनिक शहीद हो गए और उसके बाद आपके नेता इस प्रकार की भाषा बोलता हैं तो यह निंदनीय है।’
चीन और कांग्रेस का गुप्त समझौता
"चीन हमारा दुश्मन नहीं है, हमें यह मानना बंद करना होगा कि चीन हमारा दुश्मन है."- भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा#China #SamPitroda #Congress #SamPitrodaOnChina #VistaarNews pic.twitter.com/Io7cmjYV5q
— Vistaar News (@VistaarNews) February 17, 2025
पित्रोदा के इस बयान पर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, जॉर्ज सोरोस और चीन के एजेंट के रूप में काम करते हैं।
बीजेपी प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि जिन्होंने हमारी 40,000 वर्ग किमी जमीन चीन को सौंप दी, उन्हें अब भी ड्रैगन से कोई खतरा नहीं दिख रहा है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि राहुल गांधी चीन से खौफ में हैं और आईएमईईसी की घोषणा से एक दिन पहले बीआरआई की वकालत कर रहे थे। चीन के प्रति कांग्रेस पार्टी के जुनूनी आकर्षण का मूल रहस्य 2008 के कांग्रेस-सीसीपी एमओयू में छिपा है।
Those who ceded away 40000 square km of our land to China, still see no threat from the Dragon.. no wonder Rahul Gandhi is in awe of China and was rooting for BRI one day before the IMEEC was announced .. the crux of Cong party’s obsessive fascination for China, lies hidden in… https://t.co/3lsTRgkAZn
— Tuhin A. Sinha तुहिन सिन्हा (@tuhins) February 17, 2025
आजादी के बाद से ही कांग्रेस चीन के प्रति विशेष लगाव रखती आई है। कांग्रेसी नेता जवाहर लाल नेहरू के चीनी प्रेम के कारण देश को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्थायी सीट उन्हीं के कारण चीन के पास गई थी। भारत-चीन भाई-भाई के नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में ही चीन ने भारत की हजारों किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया था। उसी चीन की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के साथ कांग्रेस ने 2008 में एक गुप्त समझौता किया। आपको जानकर हैरानी होगी कि कांग्रेस चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए चंदा भी लेती रही है। इतना ही नहीं 2017 के डोकलाम विवाद के दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी ने गुपचुप तरीके से चीनी राजदूत से मुलाकात भी की थी। चीनी हमलों के कारण ही गलवान में हमारे कई जवान शहीद हुए थे। ऐसे में चीन के पक्ष में इस बयान से लोग सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के गुरु और पार्टी पर भड़क गए हैं।

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