हिंदू के दम पर पलते हैं मुस्लिम और फिर भी उन्हें “काफिर” कहते हैं

सुभाष चन्द्र

यह सत्य है कि मुस्लिम हिंदुओं के दम पर ही पलते हैं लेकिन हिंदुओं पर अत्याचार करना ही अपना फ़र्ज़ समझते है। हिंदुओं को अपने त्योहार तक नहीं मनाने देते क्योंकि वे मूर्ति पूजा और हिंदू भगवानों से नफरत करते हैं।

दूसरी तरफ हिंदुओं के भगवानों के  नाम पर अपने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे चलाते हैं और वहीं हिंदुओं के भोजन में थूक और पेशाब डालते हैं। “कृष्णा होटल, राधा, श्री राम और गणेश और बाबा, लक्ष्मी उनके होटल ढाबों और रेस्टोरेंट की नाम मिलेंगे और उसमें उन देवताओं की फोटो भी लगी मिलेगी।

लेखक 
चर्चित YouTuber 
गुजरात में सूरत-अहमदाबाद और अन्य हाइवेज पर चेलिया मुस्लिम समुदाय के अनेक हिंदू नामों से ऐसे होटल आदि चलते है और यह चेलिया ग्रुप किसी और को वहां स्थापित नहीं होने देता। इस ग्रुप के होटलों के कुछ नाम है- “होटल सहयोग, होटल गैलेक्सी, होटल रौनक, होटल सर्वोदय और होटल सम्राट।

गुजरात सरकार ने हाल ही में GSRTC की बसों को ऐसे होटलों पर रुकने से मना कर दिया और GSRTC ने इन होटलों के लाइसेंस रद्द कर दिए जो हिंदू नामों से चल रहे थे लेकिन थे वो मुस्लिमों के।

हिंदू त्योहारों से नफरत करते हैं और हर त्योहार पर पत्थरबाज़ी और आगजनी करते हैं। गरबा में घुसेंगे, होली में भी घुसने की कोशिश करेंगे, हिंदुओं के देवी देवताओं के नाम से कमाई करते हैं लेकिन दीपावली, हनुमान जयंती, गणेश और दुर्गा विसर्जन में उत्पात मचाते हैं।

वर्ष 2022 में याद होगा उदयपुर के कन्हैया की हत्या के बाद अजमेर दरगाह में उनके खादिम समेत कुछ लोगों ने ऐलान किया था कि जो भी नूपुर शर्मा की गर्दन काट लाएगा, उसे इनाम दिया जाएगा और नतीजा क्या हुआ अजमेर दरगाह का हिंदुओं ने बहिष्कार कर दिया जिससे दरगाह में कंगाली छा गई। अजमेर दरगाह और शिरडी जाने वाले हिन्दुओं को इनके असली इतिहास को पढ़ना चाहिए। राम मन्दिर निर्माण में लगभग हर मन्दिर ने अपना योगदान दिया लेकिन शिरडी ने के फूटी कोड़ी नहीं दी। फिर पागल हिन्दू शिरडी जाते हैं। लानत है ऐसे हिन्दुओं पर। रानी झाँसी रोड, नई दिल्ली में झंडेवालान मंदिर के पास 1978 तक खण्डार पड़ी कब्रें आज हिन्दू काफिरों की मेहरबानी से धन उगल रही है। इन कब्रों पर जाने वाले काफिर क्या जानते हैं कौन थे 'मामू-भांजे? कब्रों पर जाने वाले हिन्दू कभी भी विश्वास के योग्य नहीं। इन्ही जयचन्दों के कारण मुग़ल भारत में आये थे। यदि हिंदू इनकी दरगाहों और मज़ारों पर जाना बंद कर दे तो इन्हे रोटी के लाले पड़ जाएं। इमरान प्रतापगढ़ी का केस लड़ने भी सिब्बल ही गया था।

अभी दो दिन पहले की बात है आमिर खान ने अपनी तीसरी होने वाली बीवी गौरी का परिचय दिया। इसके पहले रीना दत्ता से और उसके बाद किरण राव से आमिर ने शादी की थी यानी अब तीसरी भी “काफिर” है। क्या आमिर के लिए मुस्लिम लड़कियों का अकाल पड़ गया है?

आज वक़्फ़ संशोधन बिल के पक्ष में संसद में विपक्ष के “हिंदू काफिर” ही खड़े हैं मुसलमानों के वक़्फ़ बोर्ड को बचाने के लिए। आज ओवैसी की पार्टी ने ईडन गार्डन को भी वक़्फ़ संपत्ति बता दिया है। राम मंदिर के खिलाफ और मुस्लिमों के पक्ष में “हिंदू काफिर” वकील ही खड़े थे जिनमे प्रमुख थे कपिल सिब्बल और राजीव धवन। धवन ने तो सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर का नक्शा तक फाड़ दिया था। याद रहे AMU के इस्लामिक स्वरुप को बचाने के लिए लड़ने वाले भी यही दोनों “हिंदू काफिर” कपिल सिब्बल और राजीव धवन ही थे।

अब यह भी हो सकता है ऐसे “हिंदू काफिर” वकीलों की रगों में मुगलिया खून ही बह रहा हो। क्योंकि हर मुस्लिम आतंकी के साथ  खड़े होने वाले कपिल सिब्बल, धवन और प्रशांत भूषण गिरोह के लोग ही होते हैं।

आज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जंतर मंतर पर वक़्फ़ संशोधन बिल के खिलाफ धरना शुरू किया है और दूसरा शाहीन बाग़ रचने की तैयारी है क्योंकि कांग्रेस के राशिद अल्वी ने खुल कर कह दिया है कि मुसलमानों को सड़को को जाम कर देना चाहिए।

बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने AIMPLB  को कहा है कि जो लोग कहते है कि भारत में मुस्लिमों को सुरक्षित नहीं, उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए।

हिंदू नामों से कमाई कर उनके खिलाफ ही जिहाद अब बंद होना चाहिए। हिंदू नामों को छोड़ कर अपनी पहचान से होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चलाइए।

No comments: