दिल्ली हाई कोर्ट ने Celebi पर प्रतिबंध को सही कहा; बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन ने कितना माल खाया जो प्रतिबंध पर रोक लगा दी

सुभाष चन्द्र
जुलाई 7 को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा तुर्किये कंपनी Celebi पर लगाए प्रतिबंध को उचित ठहराया है - जस्टिस दत्ता ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ साथ अप्रत्याशित खतरे का हवाला देते हुए कहा कि “प्रकरण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु शामिल है। राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी स्थिति में हवाई अड्डों के संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच रखने वाले ग्राउंड या कार्गो हैंडलिंग एजेंसी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई जरूरी होगी

विमान दुर्घटना में सैंकड़ों मौतों का देखा जाए तो तुर्किये कंपनी के साथ-साथ जस्टिस सोमशेखर भी जिम्मेदार ठहराना चाहिए जिसने देशहित को सर्वोपरि नहीं माना। क्यों नहीं इन्हे सवालों के कटघरे में खड़ा किया जाए।  

जस्टिस दत्ता ने यह भी कहा कि “ख़ुफ़िया एजेंसी से प्राप्त इनपुट के आधार पर Celebi की सुरक्षा मंजूरी को रद्द करना असंगत नहीं है और कंपनी के तर्क इसके विपरीत हैं, विशेष तौर पर देश के बाहर से संघर्ष की स्थिति में यह देश की सुरक्षा के लिए बेहद हानिकारक होगा Celebi की दोनों फर्म विभिन्न हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो टर्मिनल कार्यों की देखभाल करती है और इन क्षेत्रों की सुरक्षा अन्य सभी अधिकारों से ऊपर हैं”
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मुझे अफ़सोस है दुश्मन देश पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्किये की कंपनी के तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी खड़े हुए थे जो अत्यंत निंदनीय है आप पैसा कमाने के लिए दुश्मनों के साथ भी खड़े हो जाएंगे, इस काम के लिए तो अन्य बहुत वकील हैं, आप उनमे क्यों शामिल हो गए

अब सोचिए 26 मई को मुंबई हाई कोर्ट के जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन ने Celebi पर लगे प्रतिबंध पर रोक लगाने के लिए कितना पैसा खाया होगा? जबसे कोर्ट ने राहुल गांधी को बिना सबूत आरोप लगाने की छूट दी है, हमारे लिए यह कहना सरल कर दिया है कि सुंदरेशन ने पैसा खा कर स्टे लगाया और देश की सुरक्षा खतरे में डाल दी उन्होंने स्टे लगाते हुए कहा कि छुट्टियों के बाद जून में कोर्ट खुलने तक नई निविदाओं को आमंत्रित करने पर कोई कार्रवाई न की जाए जब तक Celebi की याचिका पर अंतिम निर्णय न हो जाए

हाई कोर्ट 10 जून को खुल गया, जस्टिस सुंदरेशन ने 13 जून को सुनवाई की लेकिन 10 जुलाई के लिए स्थगित कर दी पहले तो इतने संवेदनशील मामले पर सरकार के आदेश को स्टे ही नहीं करना चाहिए था और कर दिया था इतने समय के लिए लटकाने का क्या मतलब है?

ये सुंदरेशन वह जज है जिन्हें  नवंबर 2023 में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था, प्रारंभिक सिफारिश के लगभग दो साल बाद और सुप्रीम कोर्ट को अपने पहले के प्रस्ताव को दोहराने के 10 महीने बाद कहीं ऐसा तो नहीं है कि जस्टिस सुंदरेशन अपनी नियुक्ति में देरी का हिसाब चुकता कर रहे हैं? या अपना हिसाब चुकता कर रहे हैं या घूस खा कर देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हुए Celebi के आदेश पर रोक लगा दी? ऐसे प्रश्न उठना स्वाभाविक है और यह मैंने पहले भी लिखा था कि ऐसे हिसाब चुकता करते कई जज मिल जाएंगे

देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार और सेना की ही नहीं है बल्कि न्यायपालिका में बैठे जजों की भी है उनके निर्णय देश के दुश्मनों को खुली छूट दे सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस कोटीश्वर सिंह ने कुछ वकीलों की पहलगाम पर जांच की मांग करने वाली याचिका पर कहा था

“Such petitions only seek to demoralise forces at a time when every citizen of the country has united to fight terrorism.

“This is a crucial hour when each and every citizen of the country has joined hands to fight terrorism. Don’t demoralise our forces by filing such petitions. You owe a responsibility to the country. And this is the way you choose to demoralise our forces.”

सुप्रीम कोर्ट से इतना ज्ञान मिलने के बाद भी जस्टिस सुंदरेशन ने Celebi को बचाने का पाप किया चीफ जस्टिस को इस पर संज्ञान लेना चाहिए

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