राहुल गांधी LoP नहीं, सही में एक आतंकवादी बनता जा रहा है Leader of Pakistan; अपना असली चेहरा दिखा रहा है; लोकसभा अध्यक्ष, अदालतें और गृह मंत्रालय खामोश क्यों?

सुभाष चन्द्र

जो व्यक्ति खुले आम अपने ही देश पर एटम बम और हाइड्रोजन बम फोड़ने की बात कर रहा है, जो खुल्लमखुल्ला पाकिस्तान के साथ खड़ा रहता है और जब उसके “गुरु” सैम पित्रोडा को और अन्य कांग्रेस नेताओं को पाकिस्तान अपना “घर” लगता है और जो भारत में नेपाल जैसी बगावत चाहता है। 

राहुल की इन हरकतों पर संसद से लेकर अदालतें सभी क्यों खामोश हैं? जो भड़काऊ और भ्रमित बयानबाज़ी राहुल की तरफ से हो रही है, अगर यही बात किसी सामान्य नागरिक ने बोली होती क्या सरकार और अदालतें खामोश रहती? जब मुख्य न्यायधीश भगवान विष्णु पर टिप्पणी करने की हिम्मत करने वाले न्यायाधीश होंगे तो राहुल तो बोलता रहेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला क्यों नहीं लेते? क्या अदालते और सरकार भारत में श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालत की इंतेज़ार कर रहे हैं?      

अगर राहुल पर कार्यवाही करने पर INDI गठबंधन लोकसभा में हंगामा करता है तो लोकसभा अध्यक्ष को मार्शलों द्वारा इज्जत से बाहर करने की बजाए लठ मार बाहर करना चाहिए। दूसरे, सडकों और संसद के बाहर बैठ हंगामा करते हैं तो हिटलर बन कार्यवाही करनी होगी। देश ने बहुत शाहीन बाग और तथाकथित किसान आंदोलनों से दिक्कतें बर्दाश्त की हैं। सरकार द्वारा कोई कार्यवाही करने से ये बेकाबू हो गए हैं। लाल किले पर हंगामा करने पर तथाकथित किसान आन्दोलनजीवी नेताओं पर कार्यवाही करनी थी। भीड़ तो बिकाऊ थी जो आन्दोलनजीवियों पर कार्यवाही होने पर अपने-आप ही मैदान छोड़ कर भाग जाते। 

जिस सरकार इन लोगों पर सख्ती से पेश आना शुरू कर देगी कोई "सर से तन से जुदा" और हिन्दू शोभा यात्राओं पर पत्थरबाज़ी तक करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। जब इनके समर्थकों पर शिकंजा कसना शुरू होगा ये प्यादे भी चुपचाप अपने बिलों में छिप जाएंगे।    

वह किसी आतंकवादी से कम नहीं है उसकी भाषा किसी “urban Naxal” से कम नहीं है

लेखक 
चर्चित YouTuber 
पिछले वर्ष सितंबर में ही कांग्रेस के पूर्व सांसद और वर्तमान मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को “Number One Terrorist” कहा था जब राहुल गांधी ने वाशिंगटन में मुद्दा उठाया था कि भारत में एक सिख को पगड़ी और कड़ा पहनने की भी इज़ाज़त नहीं है और RSS कुछ धर्मों को हीन समझता है और इस बयान को बिट्टू ने समाज को तोड़ने वाला बताते हुए राहुल गांधी को आतंकवादी कहा था

आज राहुल गांधी देश में आग लगाने को आतुर है चाहे इसके लिए उसे किसी का भी समर्थन क्यों न लेना पड़े वाशिंगटन वाले बयान को गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाथों हाथ लपक लिया और राहुल की तारीफ में कसीदे पढ़ दिए दुनिया भर का कोई आतंकी हो, आतंकी संगठन हो, आतंकी देश हो और कोई भी भारत विरोधी व्यक्ति या देश हो वो राहुल गांधी को दिल से प्यारा है बस एक चिंगारी लगनी चाहिए और देश जलना चाहिए

राहुल गांधी एक बात भूल जाता है कि जो भी देश या उनके लोग राहुल को उसके एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे हैं, वो उसे एक कंडोम की तरह उपयोग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें भी पता है कि जो व्यक्ति अपने देश का नहीं है, वो किसी का नहीं हो सकता

ट्रंप ने भी लगता है भारत अमेरिका के रिश्तों को खट्टा मीठा करने के साथ साथ अमेरिका को भी डुबोने की कसम खा ली है एक दिन मोदी के खिलाफ हो जाता है और राहुल को खुश कर देता है तो दूसरे दिन मोदी की जय जयकार करके राहुल के बांस कर देता है 

मामला कुछ भी हो, राहुल के पिल्ले मोदी को कमजोर प्रधानमंत्री साबित करने में देर नहीं लगाते ट्रंप ने वीसा फीस एक लाख डॉलर केवल भारतीयों के लिए नहीं बढ़ाई लेकिन पवन खेड़ा और रागिनी नायक को मोदी की कमजोरी दिखाई दे गई अखिलेश यादव कह रहा है कि हम हर चीज के लिए विदेशों पर निर्भर होते जा रहे हैं, हम खाद और तेल के लिए भी विदेशों पर निर्भर हो रहे हैं इस ढक्कन से पूछो कि क्या पहले हम तेल निर्यात करते थे जो आज विदेशों से आयात करने लगे हैं? मतलब यह है कि कि नेता नहीं है गली के वो आवारा हैं जिनके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं अभी

कांग्रेस पार्टी एक विदेशी के द्वारा स्थापित की गई पार्टी है जो एक अंग्रेज़ था जिसका उद्देश्य पार्टी बनाने के लिए भारत को स्वतंत्र कराना नहीं बल्कि ब्रिटिश हुकूमत की मदद करना था और इसलिए ही कांग्रेस के किसी नेता को “काले पानी” की सजा नहीं दी गई कांग्रेस पर आज भी विदेशियों का वर्चस्व है और यह पार्टी विदेशियों पर भरोसा कर भारत को कमजोर कर रही है इतना ही नहीं सत्ता में रहने के लिए और फिर से सत्ता पाने के लिए विदेशी बांग्लादेशियों और रोहिंग्यों के भरोसे बैठी है 

भारत के प्रति कांग्रेस किसी तरह भी वफादार नहीं है जो यासीन मलिक के दिल्ली हाई कोर्ट में दिए हलफनामे ने भी साबित कर दिया कांग्रेस का काम हिंदुओं को आपस में लड़वाना है जिससे मुसलमानों के वोट उसे एकमुश्त मिल सकें। न्यायपालिका भी हिंदुओं का दमन करने में आगे रहती है

देश की जनता को बहुत सावधान रहने की जरूरत है अभी हिंदुओं के सभी त्योहार आने वाले है और पिछले अनुभव बताता है कि ऐसे त्योहारों पर एक खास समुदाय का काम दंगे भड़काना रहता है जो कल से शुरू भी हो गए हैं

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