पढ़े लिखे डॉक्टर मुसलमानों के लिए पूछ रहे हो कि वो आतंकी क्यों बने, लेकिन लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई उस राह पर क्यों चले, कोई क्यों नहीं पूछ रहा; सलमान खान के काले हिरण के शिकार का मामला 27 साल से क्यों लटका है

सुभाष चन्द्र

कहते हैं कि "कानून अंधा होता है, सबूत मांगता है" लेकिन जब सबूत दे दिए जाएँ फिर भी आरोपी को सजा नहीं दी जाए मुक़दमे को "तारीख पे तारीख" देकर लटका दिया जाए, ऐसे में अंधा कौन कानून या जज? अपराधी या तो जेल में आराम करता नज़र आता है या फिर खुले सांड की तरह जेल से बाहर ऐश करता नज़र आता है। जब तक अदालते सबूत सामने होते हुए मुकदमों को लटकाने और भटकाने की इस आदत को ख़त्म नहीं करेंगे अपराध पनपते रहेंगे। और इसके लिए जिम्मेदार कोई अपराधी नहीं बल्कि अदालतें हैं जिन पर हर साल करोड़ों रूपए खर्च नहीं बर्बाद किए जाते।    

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चर्चित YouTuber 
अनमोल बिश्नोई को NIA अमेरिका से प्रत्यर्पित करा कर भारत ले आई उस पर सिद्धू मूसेवाला, बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल होने का आरोप है और सलमान खान के घर पर गोलीबारी करने का भी आरोप है मुझे कोई आपत्ति नहीं है उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर लेकिन इस मामले में कुछ और भी पहलू हैं जिन पर विचार होना जरूरी है। 

अनमोल दरअसल लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है और लॉरेंस पर भी अन्य कई आरोपों के साथ  ऐसे ही आरोप है जो अनमोल पर हैं और वह 2014 से साबरमती जेल में बंद है मतलब 11 साल से मुकदमा पूरा नहीं हुआ है लॉरेंस पर आरोप हैं murder, extortion, attempted murder, drug smuggling, arms trafficking, and offenses under the Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के अलावा उसके गैंग पर सिद्दू मूसेवाला की हत्या में शामिल होने, सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने, बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल होने और ड्रग तस्करी के आरोप है और NIA ने उसके खिलाफ आरोप पत्र भी कोर्ट में दाखिल किया है 

एक तरह से देखा जाए तो भारतीय जांच एजेंसियों की निष्पक्षता दिखाई देती है क्योंकि बिश्नोई हिंदू हैं जबकि सलमान खान और बाबा सिद्दीकी मुस्लिम और सिद्दू मूसेवाला एक सिख था

लेकिन आज मुस्लिम पूछ रहे हैं कि मुस्लिम डॉक्टरों की फ़ौज आतंकी क्यों बन गई और इस पर गहन विचार होना चाहिए लेकिन कोई यह जानने की कोशिश नहीं कर रहा कि 1993 में जन्मा लॉरेंस बिश्नोई (अभी 32 साल का है) वो 2010 से जब वह 17 साल का था कैसे अपराध जगत में पहुंच गया और कैसे उसका छोटा भाई अनमोल भी उसके साथ शामिल हो गया और आज कहते हैं उसके गिरोह में 1000 शूटरों की फ़ौज है

मैंने गूगल पर कुछ सर्च किया तो पता चला कि लॉरेंस बिश्नोई की सलमान खान से दुश्मनी उसके द्वारा 1998 में किए गए काले हिरण के शिकार की वजह से है क्योंकि बिश्नोई समाज के लिए काला हिरण पूजनीय है और इस तरह सलमान खान ने उनके समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है बिश्नोई समाज ने सलमान खान से बस इतना कहा था कि वह उनके मंदिर में जाकर अपने पाप के लिए क्षमा मांग ले लेकिन सलमान को अपनी अकड़ में ऐसा करना मंजूर नहीं है और उसका बाप सलीम खान तो उसे दोषी मानता ही नहीं

बिश्नोई समाज के धर्मगुरु जम्भेश्वर की शिक्षा दीक्षा के अनुसार काले हिरण की रक्षा करना बिश्नोई समाज का परम धर्म है जो समाज के 29 सिद्धांतों में समाहित है समाज का इतिहास है जिसके अनुसार बिश्नोई समाज ने काले हिरण की रक्षा के लिए बलिदान दिए हैं और इसी संदर्भ में लॉरेंस को सलमान से नफरत है

ठीक है जांच एजेंसियों के पास तमाम शक्तियां हैं दोनों बिश्नोई भाइयों को सजा दिलाने की लेकिन मूल प्रश्न यह भी खड़ा होता है कि उन एजेंसियों और सरकार ने सलमान द्वारा काले हिरण के किए शिकार के मामले को 27 साल से क्यों लटका रखा है? कोर्ट दोषी हैं तो पहले उनके जजों को लटकाओ लेकिन सलमान खान को क्यों इतना सर पर चढ़ाया हुआ है कि उसे Hit n Run मामले में फटाफट निर्दोष घोषित कर दिया लेकिन सुप्रीम कोर्ट उसके खिलाफ राज्य सरकार की अपील 8 साल से दबाए बैठा है और सुनवाई तक नहीं कर रहा जिससे साफ़ जाहिर होता है कि सलमान ने पैसे के दम पर सुनवाई को रोक रखा है क्योंकि उसे पता है कि उसे सजा मिलनी तय है

जांच एजेंसियां लॉरेंस और अनमोल के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम तक जरूर पहुंचाएं लेकिन काले हिरण और hit n run में मारे गए व्यक्ति को भी न्याय दिलाने को भी प्राथमिकता दें  

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