“न कोई भाईचारा, न कोई बहनचारा” पाकिस्तान का बंटाधार; ऐसा पाकिस्तान लिया मुसलमानों ने जो 78 साल बाद कब कब्र में दफ़न हो जाए कह नहीं सकते

सुभाष चन्द्र

इमरान खान और उसकी बुशरा बीबी को पाकिस्तान की अदालत ने Toshakhana-II Corruption Case for the underpriced purchase and sale of state gifts received from foreign dignitaries, में 17-17 साल की सजा सुनाई है। इमरान खान पर पहले की हर सजा पर रोक लगी हुई है तो समझ नहीं आ रहा वो किस सजा में जेल में बंद है इमरान खान 9 मई 2023 को गिरफ्तार हुआ था भ्रष्टाचार के केस में

लेखक 
चर्चित YouTuber
 
-जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट (इमरान और उसकी बुशरा बीबी की अपनी ट्रस्ट) मामले में उसे 14 साल की सजा हुई थी और 7 साल की बुशरा बीबी की सजा अपील में सस्पेंड हो गई थी

-Cipher Case में जनवरी, 2025 में इमरान खान को 10 साल की सजा हुई आरोप था उसने सरकार की गोपनीय सूचनाएं लीक की लेकिन बाद में यह सजा का आदेश हाई कोर्ट से ख़ारिज हो गया

-तोशखाना केस : 2023, 5 अगस्त को गिरफ़्तारी हुई लेकिन उसे पहले के state gift case में 3 साल की सजा हुई जो बाद में हाई कोर्ट से सस्पेंड कर दी गई लेकिन इमरान जेल में रहा अन्य आरोपों में

इमरान खान और  बुशरा बीबी तोषाखाना। 2 केस में  13 जुलाई 2024 को गिरफ्तार हुए  

इमरान खान के 9 मई 2023 की गिरफ़्तारी को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने अवैध करा दे दिया और इमरान को जमानत दे दी गई तोशाखाना केस में जब उसे 3 साल की जेल हुई तो उसे 5 अगस्त को लाहौर के घर से उठा लिया गया 

इमरान खान के खिलाफ सभी सजाएं या तो सस्पेंड हुई या उनमें उसे बरी कर दिया गया लेकिन वो अभी भी जेल में शायद तोशखाना-2  केस में जिसमें कल उसे और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा हुई है

इमरान खान के ये बड़े बड़े केस पिछले ढाई साल में ख़त्म हो गए और उनकी अपीलो पर भी फैसले हो गए 

वो भी अपने खिलाफ चलाये गए सभी मामलों को राजनीतिक बदले के भावना से प्रेरित कहता रहा है और अक्सर इमरान की पार्टी के लोग दंगा करते रहे है -

पिछले दिनों एक खबर चली कि इमरान की जेल में हत्या कर दी गई है लेकिन बाद में उसकी बहन को उसे जेल में मिलने दिया गया फिर भी दंगे भड़के और इमरान की बहनों और 400 लोगों पर FIR दर्ज की गई

मतलब न कोई भाईचारा है और न बहनचारा बलूचिस्तान अपने को स्वतंत्र घोषित कर चुका है, POK वाले बगावत कर रहे हैं, विरोध के स्वर सिंध में सुने जा रहे है और उधर से अफगानिस्तान और उसका TTP पाकिस्तान के एक कोने में पाकिस्तान को ठोक रहे हैं सब खिलाड़ी मुसलमान हैं  परंतु मुसलमानों में ही आपस में कोई भाईचारा नहीं है ये भाईचारे का पाठ बस भारत में हिंदुओं को पढ़ाया जाता है

इमरान के साथ जो हो रहा है वह कोई नई बात नहीं है पाकिस्तान में जो भी सत्ता से बाहर होता है या कर दिया जाता है, उसका ऐसा ही हश्र होता है

भारत का विपक्ष खासकर कांग्रेस हर समय ढोल पीटती है कि उसके नेताओं के प्रति ED/CBI/Income Tax का दुरुपयोग करके बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है बदले की भावना से होती तो इमरान जैसी हालत होती विपक्ष के नेताओं की और 11 साल में सबके मुक़दमे निपटा कर सबको जेल हो गई होती जबकि हेराल्ड केस में सोनिया / राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा 13 साल में शुरू भी नहीं हुआ लालू यादव 13 साल से जमानत पर मौज कर रहा है कांग्रेस भूल जाती है कि बदले की भावना से तो उसने काम किया था जब थोड़े ही समय में अमृत शाह को जेल में डाल कर गुजरात से भी निकाल दिया था

कुछ मुस्लिम आज फिर मांग कर रहे हैं कि उनके लिए एक देश और दिया जाना चाहिए वो पहले पाकिस्तान की हालत देख लें जो 1947 में मांग कर ले गए थे जहां न कोई शांति है और न खाने को रोटी लोग भी भीख मांग रहे हैं और उनका मुल्क भी कब पाकिस्तान दफ़न हो जाए या दुनिया के नक़्शे से उसका नामोनिशान मिट जाए, कह नहीं सकते यही हाल उससे अलग हुए बंगलादेश का है

No comments: