अजीब तमाशा है चोर मचाए शोर राहुल गांधी शिकायत कर रहा है कि पुतिन से मिलने के लिए उसका कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया जबकि वो LoP है और कांग्रेसी भी उछल उछल कर नंगा नाच कर रहे हैं कि राहुल गांधी को क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा पुतिन से?
राहुल गाँधी को पुतिन से भारत सरकार मिलने नहीं दे रही है। हमारे अंदरूनी सूत्रों के अनुसार पुतिन राहुल गाँधी से हाइड्रोजन बम की तकनीक जानना चाहते थे। पुतिन चाहते थे कि राहुल गाँधी से तकनीक लेकर वे एक ऐसा हाइड्रोजन बम बनाएं जिससे वे पूरे यूरोप को एक झटके में वैसे ही खत्म कर दें जैसे राहुल गाँधी ने बिहार मे कांग्रेस राजद और वी आई पी पार्टी को खत्म कर दिया।लेकिन भारत सरकार को इसकी भनक लग गयी और वह नहीं चाहती कि महान वैज्ञानिक राहुल गाँधी की यह उम्दा तकनीक देश से बाहर जाए।
राहुल की तो बिसात क्या, कांग्रेस क्यों भूल रही है कि प्रोटोकॉल को तोड़ने वाली कांग्रेस ही है। पहले किसी भी विदेशी का एयरपोर्ट पर दिल्ली के मेयर(महापौर) द्वारा स्वागत किया जाता था, लेकिन दिल्ली नगर निगम में तत्कालीन भारतीय जनसंघ वर्तमान बीजेपी सत्ता में होने के कारण मेयर जनसंघ का बनता था जो राहुल और प्रियंका की दादी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को रास नहीं आने की वजह से इस प्रोटोकॉल को तोड़ दिया और केन्द्र सरकार से कोई मंत्री को स्वागत के लिए भेजा जाने लगा।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
राहुल गांधी पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथ खड़ा नज़र आया और भारतीय सेना का अपमान करता रहा। उसने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक के लिए सेना पर सवाल उठाए। ढ़ोकलाम के समय गुपचुप चीनी अधिकारियों से मिला और अब अमेरिका में उस संस्थाओं पर बैन लगाने की सिफारिश हो गई है जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं और जिनसे राहुल गांधी के घनिष्ट संबंध हैं जिनमें Muslim Brotherhood और CAIR शामिल हैं। इन दोनों संगठनों में पाकिस्तानियों की भरमार है। राहुल गांधी ने तो RSS को Muslim Brotherhood से ज्यादा खतरनाक बताया था।
राहुल गांधी का क्या पता पुतिन से मिलकर मोदी-पुतिन के बीच होने वाले समझौतों में ट्रंप और जिनपिंग की तरफ से कोई रोड़ा अटका दे। कांग्रेस के लोग टीवी चैनल्स पर पहले ही सवाल खड़ा कर रहे हैं की यूरोप की नाराजगी के बावजूद पुतिन को क्यों बुलाया गया है? मतलब हम दुनिया भर के देशों को देखें और तब ही रूस या किसी और देश के साथ अपने रिश्ते बनाएं।
राहुल गांधी का कोई भरोसा नहीं वह पुतिन से क्या कह दे? वो कह सकता है कि मोदी तो हमारे सांसदों को संसद में अपना “कुत्ता” भी नहीं ले जाने देता। वो हमारे देश में वोट चोरी करता है और वो वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बना है। और आप क्या डील करने आए हैं जबकि आपके तो S400 तक पहलगाम के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध में फेल हो गया क्योंकि हमारे राफेल गिरा दिए पाकिस्तान ने। आपकी वजह से भारत के रिश्ते अमेरिका और यूरोप से टूट रहे हैं और चीन/पाकिस्तान के साथ रिश्तों में भी खटास पैदा हो रहे हैं। मेरे दादी के समय KGB हमारे सांसदों को सैलरी देता था लेकिन अब नहीं देता।
कांग्रेस और राहुल गांधी को याद नहीं है कि सोनिया गांधी विदेशी मेहमानों से खुद मिलती थी जैसे वो प्रधानमंत्री हो जबकि असली प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पीछे रखती थी जैसे उनकी कोई औकात ही न हो। इस कदर अपमानित किया जाता था मनमोहन सिंह को।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के आगमन पर कांग्रेस घटिया राजनीति कर रही है, यह शर्म की बात है। पहले ही कांग्रेस मोदी विरोध करते करते देश का विरोध कर रही है और इसका एक और सबूत अब पुतिन के दौरे पर कांग्रेस ने दे दिया। पुतिन और मोदी की दोस्ती भारत को मजबूती दे रही है और यह कांग्रेस को दर्द दे रहा है। रूस के साथ जो भी रक्षा सौदे होते हैं उनमें कहीं कोई “बिचौलिया” नहीं होता और न कोई रिश्वत सामने आती है जो कांग्रेस के समय में जरूरी होती थी।
राहुल गांधी को पुतिन से कोई ऐसी खुराक नहीं मिल सकती जिससे वो मोदी पर हमलावर हो सके जैसी खुराक पिछले कुछ दिनों से डोनाल्ड ट्रंप से मिल रही है। भारत के हर दुश्मन का दोस्त है राहुल गांधी और इसलिए वो भारत के हर दोस्त का भी दुश्मन ही हो सकता है जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

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