अनेकों बिमारियों की दवाई हींग : औषधि का खजाना हमारी रसोई

सनातन शास्त्रों में आयुर्वेद का इतना खजाना भरा है जिसे हम नज़रअंदाज करते रहे हैं। वास्तव में हमारी रसोई ही औषधियों का भंडार है। रसोई में इतना भंडार है जिसके प्रयोग करने से भोजन भी स्वादिष्ट बनता है भोजन का स्वाद ही बदल जाता है। लेकिन आज जवान के चटकारे के लिए बाजार के चिप्स, भुजिया और भोजन का सेवन किया जा रहा है। आज की युवा पीढ़ी को नहीं मालूम की बाज़ारू खाने में टाटरी का प्रयोग किया है जो जिव्हा को चटकारा तो देता है लेकिन उतना ही सेहत के लिए नुकसानदेह है।
हींग को आयुर्वेद में महा औषधि माना गया है। किसी भी दाल या सब्जी में इसका प्रयोग करने से दाल और सब्जी का स्वाद बढ़ जाता जाता। यह Ferula asafoetida पौधे के गोंद (gum-resin) से बनती है।

आयुर्वेद के अनुसार हींग:
रस (Taste): कटु (तीखा)
गुण: लघु (हल्की), तीक्ष्ण
वीर्य: उष्ण (गरम तासीर)
विपाक: कटु
दोषों पर प्रभाव:
वात (सबसे ज्यादा)
कफ
पित्त (अगर ज्यादा ले ली जाए)
हींग के मुख्य Ayurvedic फायदे
1.पाचन तंत्र के लिए
गैस, अफारा, पेट दर्द में तुरंत राहत; अपच (Indigestion) में फायदेमंद; भूख बढ़ाने में मदद करती हैआंतों को एक्टिव करती है
इसलिए दाल, सब्ज़ी और कढ़ी में हींग डाली जाती है।
2.वात दोष को संतुलित करती है
आयुर्वेद में कहा गया है कि वात से जुड़े ज़्यादातर रोगों में हींग औषधि जैसी काम करती है: जोड़ों का दर्द
पेट में मरोड़;नसों की जकड़न;गैस से होने वाला सिर दर्द
3.कब्ज (Constipation) में लाभ
आंतों की गति सुधारती हैमल को नरम करने में मदद करती है पुराने कब्ज में सहायक
4.महिलाओं के लिए फायदेमंद
पीरियड्स के दौरान पेट दर्द और ऐंठन में राहत;अनियमित माहवारी में सहायक; गर्भाशय की मांसपेशियों को रिलैक्स करती है
गर्भावस्था में बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
5.सर्दी-खांसी और बलगम में कफ निकालने में मदद,गले की जकड़न में राहतआयुर्वेद में इसे expectorant माना गया है
6.कीड़े और इंफेक्शन में
आंतों के कीड़े खत्म करने में सहायक, बैक्टीरिया-रोधी गुण पाए जाते हैं
आयुर्वेद की किन किताबों में हींग का उल्लेख है
1. चरक संहिता
हींग को दीपन-पाचन और वातनाशक बताया गया हैपेट रोग, गुल्म (abdominal lump), शूल (pain) में उपयोग
2. सुश्रुत संहिता
दर्द निवारक गुणों का उल्लेख पेट और स्त्री रोगों में लाभकारी
3. भावप्रकाश निघंटु
हींग के रस, गुण, वीर्य और उपयोगों का विस्तृत वर्णन गैस,अपच और वात रोगों के लिए श्रेष्ठ औषधि
हींग का सही उपयोग (General use)
खाने में चुटकी भर हींग काफी होती है, घी या तेल में डालकर ही प्रयोग करेंज्यादा मात्रा नुकसान कर सकती है
हींग कब नुकसान कर सकती है?
बहुत ज्यादा लेने से जलन, एसिडिटी, पित्त प्रकृति वालों को सावधानी, गर्भवती महिलाएं बिना सलाह न लें, छोटे बच्चों को औषधि रूप में न दें।

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