कांग्रेस या किसी भी दल के नेताओं को अब भाजपा में नहीं लेना चाहिए; जो अभी तक कांग्रेस में हैं, वो कांग्रेस की हिन्दू विरोधी नीति से ग्रसित हैं, सनातन धर्म के शत्रु हैं और भगवान राम के बैरी हैं

सुभाष चन्द्र

यह सत्य है कि अगर कोई नेता अभी तक कांग्रेस में बना हुआ है तो समझो उसके खून में कांग्रेस की हिन्दू विरोधी, सनातन धर्म से शत्रु भाव की, भगवान राम से बैर और देश विरोध की अफीम का ऐसा नशा छाया हुआ जो अभी तक होश नहीं आया अब तक इस उम्मीद में बैठ रहे कांग्रेस में कि बैल एक दिन दूध जरूर देगा लेकिन अब उन्हें भविष्य पूरी तरह अंधकार में दिखाई दे रहा है तो भाजपा की तरफ देख रहे हैं। 

लेखक 
चर्चित YouTuber 
ऐसा कहा जाता है कि 'खंडहर बताते हैं कि इमारत कभी बुलन्द थी’ लेकिन आज कांग्रेस के खंडहर की भी हालत इतनी खस्ता है कि उसे भी उसके अपने छोड़ छोड़ भाग रहे हैं ये इमारत खंडहर भी इस हाल में इसलिए पहुंची क्योंकि बुलंदी पर कांग्रेस को पहुंचाने वालो की कांग्रेस ने क़द्र नहीं की बस गांधी नेहरू को याद रखा और बाकी सबको भूल गए 

जिस दिग्विजय सिंह ने कहा कि RSS ने मुंबई हमला 26/11 करवाया, जो अनेक बार आरएसएस को आतंकी संगठन कह चुका है, जो जाकिर नाइक में अपना आदर्श ढूंढता था और जो लंबे समय तक राहुल गांधी का राजनीतिक गुरु रहा, अगर वो आज आरएसएस और मोदी की तारीफ करने लगे तो समझ लो उसके सुर बदलने के पीछे बहुत बड़ा स्वार्थ है राज्यसभा का उसका वर्तमान काल जून 2026 में समाप्त हो रहा है और कोई उम्मीद नहीं कांग्रेस अब उसे राज्यसभा भेजेगी

शशि थरूर बेशक पढ़ा लिखा है, पहलगाम के बाद ऑपरेशन सिंदूर पर कई देशों में भारत का पक्ष भी बहुत अच्छे से रखा लेकिन है तो कांग्रेस का ही बीज है जिसमें सेकुलर कीड़ा घर किया हुआ है और इसलिए उसने दिसंबर के शुरू में केरल के एक NGO Highrange Rural Development Society (HRDSIndia) ने शशि थरूर को वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवार्ड, 2025 देने के लिए आमंत्रित किया लेकिन उसने अवार्ड लेने से मना कर दिया यह कह कर कि मुझे पहले नहीं बताया गया बहाना कुछ भी दिया लेकिन सावरकर के लिए थरूर के मन में कोई श्रद्धा नहीं है कल को भाजपा के साथ जुड़ गया तो ये किसी भी विषय पर भाजपा के विरुद्ध जा सकता है

कल समाचार था कि अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है ये वह कांग्रेसी नेता है जिसने लोकसभा में मोदी को “गंदी नाली का कीड़ा” कहा था कांग्रेस में अब अधीर को कोई नहीं पूछता और कांग्रेस को बंगाल में कोई नहीं पूछता

अभी हो सकता है और नेताओं की भी लाइन लगे लेकिन ये लोग भाजपा में आकर पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं में असंतोष फैला सकते हैं जबकि उनकी सोच को बदलना आसान नहीं है इसलिए मेरा मानना है कि अब आने वालों के लिए दरवाजे बंद कर देने चाहिए भाजपा को जो पहले आ गए, वो बहुत हैं

कांग्रेस छोड़ कर जो गए वो किसी नीति के कारण नहीं गए वो तब गए जब वो हाशिये पर ला दिए गए। ऐसे ही भाजपा छोड़ कर जो गए वो अपनी अकड़ के कारण जिनको मोदी और भाजपा ने भाव नहीं दिया अब देखिए सुब्रमनियन स्वामी कहने को भाजपा में लेकिन फिर भी भाजपा में नहीं है जो मोदी के लिए अपशब्द बोलता है। ऐसे ही थे शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आज़ाद

No comments: