अविमुक्तेश्वरानंद कई दिनों से वाणी पर संयम खो रहा है और अपने आचरण से किसी भी तरह शंकराचार्य नहीं लगता - वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने इसकी शंकराचार्य पद की Coronation पर 14 अक्टूबर 2022 को रोक लगा दी थी (stayed) और वह रोक आज तक लागू है। माघ मेले समिति ने उसे स्नान करने से मना नहीं किया, बस एक सीमा तक उसकी पालकी को जाने की अनुमति दी सुरक्षा कारणों से और उससे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग लिया था।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
आज वह अखिलेश की समाजवादी पार्टी उसे अपना बाप बनाएं बैठी है जबकि अखिलेश सरकार ने ही उसकी सड़कों पर पिटाई कराई थी और आज कांग्रेस को भी वह बाप लग रहा है क्योंकि योगी मोदी को वह गाली बक रहा है और उसके साधु संत होने की दुहाई दे रहे हैं जबकि सोनिया गांधी ने जयललिता के साथ मिलकर कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को दिवाली की रात को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कराया था जो कई वर्षों के बाद निर्दोष साबित हुए।
इस व्यक्ति को हिंदू धर्म के हर काम में टांग अड़ाने से मतलब है जैसे इसका गुरु करता था। आज ये कह रहा है कांग्रेसी शंकराचार्य होने में क्या आपत्ति है और योगी को कह रहा है कि “यह योगी जिसे आप संत कहते हैं, हम उसे हुमायूँ का बेटे और औरंगजेब कहते हैं, ये हिंदू कहलाने लायक नहीं है। जब तक प्रशासन आकर माफ़ी नहीं मांगता, तब तक हम अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। फुटपाथ पर ही रहेंगे। जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा”।
तुम्हारी जगह असल में फुटपाथ ही है। ज्यादा तकलीफ है योगी के प्रशासन से तो अखिलेश और कांग्रेस से कहो कि स्नान की अनुमति न देने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाएं। तुम्हारे नाजायज बच्चे हैं, वकीलों पर पैसा तो खर्च करेंगे ही। हाई कोर्ट नहीं सुनता तो सुप्रीम कोर्ट भेज दो कपिल सिब्बल को।
एक वीडियो ये कह रहा है कि जो इस्लाम को मानेगा, कलमा पढ़ेगा और जब उसकी मौत होगी तो मोहम्मद साहब सिफारिश करके उसे जन्नत भिजवा देंगे जहां वो सुख भोगेगा लेकिन अगर कलमा नहीं पढ़ा तो कोई कितना भी सत्यवादी हो चाहे शंकराचार्य ही क्यों न हो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश नहीं करेंगे और वो हमेशा के लिए दोजख में भेज दिया जायेगा।
जो भाषा कांग्रेस और अखिलेश की पार्टी बोलती है, वह ये भी बोलता है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में भी उसने कलेश किया था। ये कहता है मोदी ने धर्मनिरपेक्षता की शपथ ली है इसलिए उन्हें किसी भी धर्म के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए। सभी प्रधानमंत्री ऐसी शपथ लेकर भी मुसलमानों की दरगाहों पर जाते रहे हैं इफ्तार उड़ाते रहे हैं मुस्लिम बनकर। तब किसी के लिए कुछ नहीं बोला। अभी कुछ दिन पहले इसका चेला अखिलेश यादव मस्जिद में पार्टी की मीटिंग कर रहा था और डिंपल को देखकर मुस्लिम मौलानाओं ने उसके लिए अपशब्द बोले थे।
मजे की बात है गूगल को स्वामी विवेकानंद की कायस्थ जाति का पता है लेकिन इस लम्पट अविमुक्तेश्वरानंद की जाति का पता नहीं है। लेकिन यह ब्राह्मण तो नहीं हो सकता।

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