BMC चुनाव के लिए प्रचार करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनका सपना है एक दिन हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला देश की प्रधानमंत्री बने और इंशाअल्लाह बनेगी क्योंकि संविधान कहीं नहीं कहता कि किसी भी समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है।
तो मियां ओवैसी संविधान तो और बहुत कुछ कहता और संविधान बनाने वाले अंबेडकर भी बहुत कुछ कह गए मुसलमानों के लिए, फिर उनकी वो बातें भी कबूल करो।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
सवाल यह उठता है कि ओवैसी अगर हिज़ाब/बुर्के वाली मुस्लिम महिला को ही प्रधानमंत्री बनाना चाहता है तो अरफ़ा खानम, सबा नक़वी, राणा अय्यूब और लाखों अन्य मुस्लिम महिलाओं के साथ क्या भेदभाव नहीं होगा जो हिज़ाब/बुरका नहीं पहनती या ओवैसी मुस्लिम समुदाय के भीतर ही टकराव पैदा करना चाहता है। अरफ़ा खानम मरे जाती है कि भाजपा किसी मुस्लिम को टिकट नहीं देती और मोदी किसी मुस्लिम को मंत्री नहीं बनाते लेकिन ओवैसी ही अगर उसका ही पत्ता काट देगा तो क्या होगा वह इस आधार पर कि वो हिज़ाब/बुरका नहीं पहनती।
ओवैसी 80% आबादी वाले हिंदू बहुल हिंदू राष्ट्र में हिज़ाब/बुर्के वाली प्रधानमंत्री चाहता है लेकिन पाकिस्तान जैसे इस्लामिक मुल्क में प्रधानमंत्री रही बेनजीर भुट्टो, बांग्लादेश में प्रधानमंत्री रही खालिदा जिया और शेख हसीना और इंडोनेशिया की राष्ट्रपति रही मेघावती सुकर्णपुत्री मुस्लिम होते हुए भी कोई हिज़ाब/बुर्का नहीं पहनती थी। तो फिर ओवैसी मुस्लिम महिलाओं को भारत में क्यों परदे में रखना चाहता है जबकि ईरान में आज बुर्के/हिजाब को महिलाएं घर से बाहर निकल कर आग के हवाले कर रही है। पहले महिलाओं को अपनी कौम में तो बराबरी का दर्जा दिला कर दिखाओ जो संविधान की मूल अवधारणा है, Right to Equality जो अगर मुसलमानों में ही नहीं होगी तो देश में कैसे मिलेगी। औरतों को मस्जिद में जाने नहीं देते, औरत मर्द के साथ नमाज़ तक तो पढ़ नहीं सकती और बनाने चले है प्रधानमंत्री। है ना कमाल की बात।
इस्लाम तो महिलाओं को खेत समझता है जिसका काम बच्चे पैदा करना है तो फिर तुम इस्लाम के खिलाफ कैसे जा सकते हो -
क़ुरान कहती है - verse 2:223 -
“Wives are like ‘farmland’ or ‘tilth’ (kheti in Hindi /Urdu) for their husbands. This verse is often a subject of discussion and interpretation but mainstream Islamic exegesis explain it as a metaphor for procreation and the protection of the family line, not the objectification of women”
The Verse states : “Your wives are like farmland for you, so approach them consensually as you please. And send forth something good for yourselves. Be mindful of Allah, and know that you will meet him. And good news to the believers”
हिज़ाब/बुर्के के नाम पर ओवैसी भारत में शरिया लागू करना चाहता है जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति ने शरिया को पूरे अमेरिका में बैन करने की पेशकश की है - विश्व के अनेक देशों ने (कई इस्लामिक देशों सहित) हिज़ाब/बुर्के पर प्रतिबंध लगाया हुआ है सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए और अभी ईरान को देख कर लगता है हिज़ाब/बुर्के के खिलाफ अभी अन्य इस्लामिक देशों में आक्रोश बढ़ेगा और ज्यादा आग लगेगी जो भारत तक भी फ़ैल सकती है -

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