प्रियंका गाँधी के उकसाने पर 20-25 कांग्रेसी सांसदों ने ओम बिरला के साथ चैम्बर में की गाली गलौज; कांग्रेस राजनीति नहीं सफेदपोशी गुंडागर्दी कर रही है


जिस तरह लोकसभा अध्यक्ष में जाकर गाली गलोच कर कांग्रेस किस गन्दी और घिनौनी सियासत कर रही है? क्या INDI गठबंधन कांग्रेस की इस हरकत के साथ है या विरोध में? पहले तो राहुल ही हंगामे के लिए बहुत था लेकिन अब प्रियंका भी आ गयी। यदि INDI गठबंधन ने इस हरकत को गंभीरता से नहीं लिया भविष्य में लोकसभा में कुछ भी अनहोनी हो सकती है। क्योकि कांग्रेस राजनीति नहीं सफेदपोशी गुंडागर्दी कर रही है।   

केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार (11 फरवरी) को सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कांग्रेस के 20 से 25 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज की है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर के चेंबर में जाकर गाली गलौज की। इस दौरान उन्हें बहुत बुरा भला कहा। बता दें कि विपक्ष ने ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर पद से हटाने के लिए संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।

केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, "कम से कम 20-25 कांग्रेस MP लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहीं था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे।"

ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए जाने वाले प्रस्ताव पर वर्तमान बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन 9 मार्च को सदन में चर्चा कराई जा सकती है। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने कहा, "संभावना है कि बजट सत्र के दूसरे भाग के पहले दिन, यानी 9 मार्च को ही लोकसभा स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।"

 

घटना की जानकारी दे रहे केन्द्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि ये लोग स्पीकर की बात नहीं मानते हैं। राहुल गाँधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता। किरन रिजिजू ने कहा कि राहुल गाँधी अपनी मर्जी से जो भी मन करे वो बोलते हैं। ये सब रिकॉर्ड में है। लेकिन स्पीकर की परमिशन के बिना वे कैसे बोल सकते हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद स्पीकर बिरला से बात की है।

स्पीकर ओम बिरला के स्वभाव को लेकर उन्होंने कहा कि वे नरम दिल आदमी हैं, इसलिए कुछ नहीं किया। कोई दूसरा होता तो कठोर कदम उठाता और सजा देता। उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉन्ग्रेस के सीनियर नेता जैसे प्रियंका गाँधी और केसी वेणुगोपाल भी वहाँ मौजूद थे। इसके बावजूद ये सब हुआ। ये कोई तरीका नहीं है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले का निपटारा होने तक बिरला आसन पर नहीं बैठेंगे। बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह विपक्ष के नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई करें।

विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा। विपक्ष ने बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

इस बीच, खबर है कि ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस में कई कमियां पाई गई थी। इसके बाद खुद ओम बिरला ने इसमें सुधार करवा के कार्यवाही करने का निर्देश अपने सचिवालय को दिया। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि नोटिस में कुछ घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए चार जगहों पर साल 2026 के बजाय वर्ष 2025 लिखा गया था । इस आधार पर नोटिस को खारिज भी किया जा सकता था।

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