“मोदी तेरी कब्र खुदेगी” नारे ने मोदी का विरोध ही नहीं बल्कि इस नारे ने मोदी की आत्मा को घायल किया है; राज्यसभा में मोदी वाणी उसकी आत्मा के श्राप जैसे थे; ईश्वर ऐसे नारे लगाने वालों की रक्षा करे

सुभाष चन्द्र

यही सत्य है कि “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” नारे में केवल मोदी का विरोध नहीं छुपा है बल्कि इस जिसने भी यह नारा लगाया है उसने मोदी की आत्मा को जैसे किसी शूल से छलनी किया है। इस नारे को लगाने के पीछे के कारण बताते हुए राज्यसभा में मोदी वाणी ऐसी थी जैसे उसके मुंह से श्राप निकल रहे हों 

जब किसी व्यक्ति की आत्मा घायल होती है तो उसके शब्दों से सावधान रहना चाहिए। 

कांग्रेस ही नहीं INDI गठबंधन को महाराज कृत्यानी द्वारा 7 नवम्बर 1966 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को दिए श्राप को याद करना होगा, जब इंदिरा गो हत्या का विरोध कर रहे निहत्ते साधु-संतों के खून की होली खेलते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट को लाल कर रही थी, तब उन्होंने श्राप दिया था कि "इंदिरा जिस तरह गोपाष्टमी के दिन हम निहत्ते साधु-संतों के खून की होली खेली जा रही है तेरी भी मौत गोपाष्टमी के दिन होगी। तेरी पार्टी को बर्बाद करने हिमालय से आधुनिक ड्रेस में एक तपस्वी आएगा..." याद करिए 31 अक्टूबर 1984 को गोपाष्टमी ही थी। यानि जिस तरह मोदी पर कांग्रेस और INDI गठबंधन द्वारा गालियां देने के साथ अब सफेदपोशी नक्सलियों का रूप धारण कर शारीरिक हमले की साज़िश रची जा रही है, मोदी के दिल से निकलने वाली हाय इन सबको बर्बादी की ओर धकेल रही है। हाय कभी खाली नहीं जाती।        

मोदी के जीवन में बहुत आए धोखा देने वाले जो अधिकांश राजनीतिक मिट्टी में मिल गए और अब तो बिना सोचे समझे यह नारा लगाना फैशन बन गया है। यह नारा लगाने वालों में UGC प्रकरण में मोदी को फांसी लगाने वाले भी शामिल हो गए। 

यह बात याद रखनी चाहिए कि कांग्रेस ने मोदी के 12 साल गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए कैसे कैसे षड़यंत्र किए वो भी सुप्रीम कोर्ट के जजों से मिलकर और मौत का सौदागर तक कहा लेकिन वह कांग्रेस 2014 में आज़ादी के बाद लोकसभा में सबसे कम 44 सीट लेकर शहीद हो गई जिसकी कुछ सांसे चल रही थी। कांग्रेस की खुद की कब्र खुद गई

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कांग्रेस को मोदी ने उसकी कब्र खोदने के कारण गिनाए। मोदी ने कहा कांग्रेस मोदी की कब्र खोदना चाहती है क्योंकि -

-उसे मोदी से नफरत है, उसे इस बात से नफरत है कि एक गरीब परिवार का आदमी प्रधानमंत्री कैसे बन गया और अब तक टिका हुआ है, क्योंकि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर तो कांग्रेस अपना अधिकार समझती है;

-क्योंकि हमने 370 हटा दी और J&K का स्पेशल स्टेटस ख़त्म कर दिया, इसलिए मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं;

-हमने माओवादियों को जड़ से ख़त्म करने का काम किया, इसलिए कब्र खोदना चाहते हैं;

- हमने आतंकियों पर प्रहार किया और पाकिस्तान को घर में घुस कर मारा, इसलिए कब्र खोदनी है;

-हमने Northeast में बम, बंदूक और आतंकवाद से मुक्ति दिलाई, इसलिए कब्र खोदना चाहते हैं;

-सिंधु जल समझौता जो देश हित में नहीं था, हमने उसे ख़त्म किया, इसलिए मोदी की कब्र खोदना चाहती है कांग्रेस;

-हमने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को ठोका, इसलिए कांग्रेस को कब्र खोदनी है;

- ये “मोहब्बत की दुकान” चलाने वाले देश के एक नागरिक के हत्या कर उसकी कब्र खोदना चाहते है और फिर संविधान की किताब उठाए घूमते हैं। आखिर कौन सा कानून है संविधान में जो किसी की भी हत्या करने की अनुमति देता है।

 

मोदी ने कांग्रेस को चुनौती दी कि वो मेरी कब्र खोदने के नारे लगाते रहें लेकिन मुझे देश के 140 करोड़ लोगों के आशीर्वाद मिलते हैं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा

लोकसभा में एक दिन पहले कांग्रेस ने मोदी को बोलने से रोकने के लिए षड़यंत्र खेला लेकिन कुछ कथित मोदी समर्थक ही ओम बिरला को निकम्मा कह रहे है कि वो मोदी की रक्षा नहीं कर पाए जबकि ये लोग नहीं समझते कि कांग्रेस की महिला सांसदों को तैयार किया गया था मोदी से सामने जाकर हल्ला कर अपने कपडे फाड़ने का ड्रामा कर मोदी को बदनाम करने के लिए। 

जो लोग ओम बिरला का विरोध कर रहे हैं, वो क्या ऐसी हालत में वहां खड़े होते। कुछ जरूरत से ज्यादा श्याणे UGC रेगुलेशन के विरोध में इतने पागल हो गए हैं कि वो मोदी को दोष दे रहे है कि उसका लोकसभा में न बोलना एक अपराधबोध है। शर्म आनी चाहिए

मोदी का विरोध करने वाले लगता है बंगाल में चौथी बार ममता की सरकार बना कर मानेंगे क्योंकि ये UGC विरोध की छूत की बीमारी बंगाल में भी फैलाई जाएगी और बंगाल के हिंदू बिना किसी जातीय भेदभाव के ममता के गुंडों और बांग्लादेशी मुस्लिमों का 5 साल और शिकार बनेंगे

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