एक ढकोसला खड़ा किया राहुल गांधी ने अमेरिका में बैठे The Caravan में लिखने वाले सुशांत सिन्हा के लेख में लिखी जनरल नरवणे के कथित शब्दों को लेकर, जो लिए गए उस किताब से जो अभी छपी नहीं। राहुल गांधी को पता था कि सुशांत सिंह पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा और क्यूंकि वो लोकसभा में आरोप लगा रहा है, इसलिए उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होगी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष की, खासकर कांग्रेस की संसद में ऐसी अराजकता लोकसभा के इतिहास में कभी नहीं हुई जो प्रधानमंत्री के बोलने से पहले जानवरों की तरह कांग्रेस की महिला ब्रिगेड ने मोदी जी की कुर्सी के चारों तरफ तांडव किया। सब कुछ राहुल गांधी ने झूठ बोला कथित किताब को लेकर लेकिन फिर भी शोर मचाया “मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा”। सारा हुड़दंग कांग्रेस के लोगों ने मचाया लेकिन फिर भी आरोप कि बोलने नहीं दिया जाता। नरवणे साहब ने सुशांत सिन्हा को दिए एक इंटरव्यू में राहुल के झूठ को बेनकाब कर दिया लेकिन हंगामा नहीं रोक रही कांग्रेस।
कांग्रेस ने लोकसभा में परले दर्जे की गुंडागर्दी दिखाई और सड़कछाप बर्ताव किया जिस पर स्पीकर ने मात्र 6-8 सदस्यों को निलंबित किया है जबकि राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी सांसदों को सदन से निलंबित कर देना चाहिए। जनता ने उन्हें गुंडागर्दी के लिए नहीं भेजा। 
लेखक
चर्चित YouTuber
सेना प्रमुख को प्रधानमंत्री का युद्ध जैसी स्थिति में कहना कि जो उचित लगे वह करो, इससे बड़ी छूट हो नहीं सकती जबकि राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरवणे को अकेला छोड़ दिया गया।
अपनी कांग्रेस का समय भूल गया राहुल गांधी जब सेना के हाथ बांध दिए थे मनमोहन सिंह और सुपर PM सोनिया गांधी ने 26/11 हमले के बाद और सेना को पाकिस्तान पर बदला लेने से रोक दिया था।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील नहीं हुई तब भी मोदी को कह रहे थे कि मोदी ट्रंप से डरा हुआ है और अब जब डील हो गई तब भी पागलों की तरह बोल रहे हैं कि मोदी ट्रंप से डर गया। एक कहावत है कि बहु आटा गूंथते हुए हिलती नहीं तो सास को शिकायत होती है कि हिलती क्यों नहीं और न हिले तो भी शिकायत कि हिलती क्यों नहीं? यानी मोदी स्याह करे या सफ़ेद, इन लोगों ने सुबह उठकर मोदी को गरियाना ही है।
कांग्रेस के लोग इंसान कहने लायक नहीं रह गए हैं। ये लोग तो भौंकने वाले खुजली वाले कुत्ते हो गए हैं जिनमें शर्म नाम की कोई चीज़ नहीं है बस हर कीमत पर भाजपा, मोदी और देश का विरोध करना है। एक तो राहुल गांधी अपने आप में “पनौती” है दूसरा उसके साथ 5 “पनौती” और चलती हैं, “पवन खेड़ा, जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनेत, रणदीप सुरजेवाला और के सी वेणुगोपाल।
ये 6 कांग्रेस की अर्थी उठा देंगे।
राहुल ने नरवणे साहब की कथित किताब को लेकर कर झूठ फैलाया जबकि किताब छपी नहीं लेकिन बांग्लादेशी सलाह उद्दीन शोएब चौधरी की किताब तो छप चुकी है। उसे भाजपा के सांसद एक एक करके लोकसभा में पढ़ें और पूछें कि राहुल की पत्नी जोनिता विन्सी और उससे 2 बच्चे कहां हैं? संसद में किताब पढने पर तो कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। सोनिया गांधी पर भी उसने आरोप लगाए हैं, वो भी पढ़े जाएं।
भाजपा के निशिकांत दुबे ने कल MO मथाई की किताबों Reminiscences of the Nehru Age and My Days with Nehru से कुछ पढ़ा था जो कांग्रेस के लोग बर्दाश्त नहीं कर सके।
मथाई ने जो इंदिरा के साथ काम संबंधों के बारे लिखा, वो बुलंद आवाज़ में पढ़ा जाए। इसके अलावा रूस की किताबों को भी पढ़ा जाए जो कहती हैं कैसे इंदिरा गांधी की कैबिनेट के लोग सोवियत संघ के Payrolls पर थे।
No comments:
Post a Comment