भारत के कानून लचीले हैं या न्यायाधीश इस गंभीर मुद्दे पर देश को जवाब मांगना होगा। कोर्ट में freedom of speech के नाम पर जो रिहा करने का ड्रामा भारत में होता है किसी और देश में नहीं। "क्यों टुकड़े गैंग" को देशद्रोह के आरोप में जेलों में डाला जाता?
आज से 9 साल पहले JNU में 9 फरवरी, 2016 को कन्हैया कुमार और उमर खालिद के नेतृत्व में नारेबाजी का नंगा नाच हुआ और देश तोड़ने के नारे लगाए गए।
“हम क्या चाहते - आज़ादी,
बंदूक से लेंगे आज़ादी,
भारत तेरे टुकड़े होंगे - इंशाअल्ला,
इंडियन आर्मी मुर्दाबाद,
पाकिस्तान जिंदाबाद,
भारत को रगड़ा दे रगड़ा दे, और
इंडिया गो बैक”
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| लेखक चर्चित YouTuber |
मजिस्ट्रेट कोर्ट जांच में कह दिया गया कि उसके नारेबाजी में शामिल होने का प्रमाण नहीं मिला और कुछ वीडियो पुलिस के पास doctored हैं। लेकिन Sedition का केस कन्हैया कुमार पर चल रहा है परंतु ठंडे बस्ते में लगे होने की वजह से वह मौज ले रहा है और 15 फरवरी को एक बार फिर JNU में निष्काशित JNU छात्र संघ के नेताओ के साथ ढपली बजा कर नारेबाजी कर रहा था।
अबकी कन्हैया कुमार और JNU की अदिति मिश्रा गिरोह ने नारे लगाए -
“ब्राह्मणवाद से आज़ादी,
इस्लामफोबिया से आज़ादी,
मनुवाद से आज़ादी
जातपात से आज़ादी”
उसके पहले 5-6 जनवरी को अदिति मिश्रा के नेतृत्व में कथित JNU छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत ख़ारिज होने पर नारे लगाए थे और सुप्रीम कोर्ट को सीधी चुनौती दी थी।
“मोदी शाह की कब्र खुदेगी JNU की छाती पर,
ABVP - RSS की कब्र खुदेगी,
इसके साथ आज़ादी के भी नारे लगे और नारे लगे -
“ब्राह्मणों भारत छोड़ो,
ब्राह्मणों कैंपस छोड़ो,
ब्राह्मणों - बनियों से बदला लेंगे”
इस नारेबाजी और तोड़फोड़ के बाद छात्रसंघ के सभी पदाधिकारियों को JNU ने निष्कासित कर दिया था।
14 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय में पत्रकार यूटूबर रुचि तिवारी पर JNU गिरोह ने जिसमें निष्कासित नेता शामिल थे हमला किया, उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। रूचि के अनुसार वे लोग उसकी नग्न परेड कराना चाहते थे क्योंकि वह एक ब्राह्मण है। याद रहे ये JNU के गुंडे ब्राह्मणों को भारत से निकालने की बात कर रहे हैं।
UGC रेगुलेशंस में कमियां हैं लेकिन सवर्णो खासकर ब्राह्मणों को JNU की खासकर ब्राह्मण नेता अदिति मिश्रा के उनके विरुद्ध नारेबाजी से सावधान रहना चाहिए। JNU के मुट्ठीभर लोग किसी का भविष्य तय नहीं कर सकते। इसलिए अब उन्हें JNU के गुंडों के खिलाफ हल्ला बोलना चाहिए और उन्हें याद रहे कांग्रेस ऐसे लोगो के साथ खड़ी है। मोदी से नाराज़गी हो सकती है लेकिन वह फिर भी अपना है लेकिन ये कांग्रेस और JNU के अर्बन नक्सल आपके दुश्मन है और किसी तरह ये अपने नहीं हो सकते।

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