असदुद्दीन ओवैसी और कई अन्य मुस्लिम नेता ताल ठोक कर कहते हैं कि हिंदुस्तान किसी के बाप का नहीं है। लेकिन यह पूछने से पहले भूल जाते है कि हिंदुस्तान से सब कुछ लेकर भी पाकिस्तान और दूसरे इस्लामिक देशों की गीत गाते रहेंगे तो कोई तो क्रोध में कहेगा कि फिर वही चले जाओ।
पाकिस्तान के “फेल्ड मार्शल” असिम मुनीर ने शिया मुस्लिम नेताओं के साथ इफ्तार पार्टी में खुल कर कह दिया कि अगर ईरान से इतना ही प्यार है तो आप लोग ईरान चले जाएं। ओवैसी और अन्य मुस्लिम नेताओं ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जो कि देनी चाहिए थी क्योंकि जैसे पाकिस्तान के शिया ईरान के लिए तड़प रहे हैं वैसे ही भारत के भी शिया ईरान के लिए कश्मीर और कई अन्य स्थानों पर हंगामा कर रहे हैं।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
बात बात पर ओवैसी और मुस्लिम नेता कहते हैं कि मुसलमानों की देश के लिए वफ़ादारी पर शक नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी का बयान नहीं सुना जिसमें उसने साफ़ कहा है कि अगर भारत और ईरान के बीच कोई युद्ध होता है तो भारत के मुसलमान ईरान के लिए लड़ेंगे। वो सबूत दे रहा है कि भारत के मुसलमानों की वफ़ादारी संदेहास्पद है।
उधर पाकिस्तान के शिया नेताओं ने मुनीर की बखिया उधेड़ दी। उन्होंने कहा पाकिस्तान की सेना में 6 लाख सुन्नी हैं तो 3 लाख शिया हैं। मतलब साफ़ धमकी दे दी कि मुनीर की बातें सेना में बगावत पैदा कर सकती हैं।
कांग्रेस के ढक्कन नेता कह रहे है कि भारत का कोई अस्तित्व ही नहीं है क्योंकि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहा है। उन्हें पता भी नहीं है ईरान और इज़रायल ने पाकिस्तान को बीच में लेने से साफ़ मना कर दिया है। मजे की बात है ईरान खुद अपने में उलझा हुआ है और कह रहा है कि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के झगड़े को सुलझाने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान तो सब तरफ से गिरा हुआ है। अमेरिका उसे अपनी सेना गाज़ा में भेजने को कह रहा है, अफगानिस्तान ठोक रहा है और बलूचिस्तान ने पाकिस्तान की हालत ख़राब कर रखी है। उधर POJK वाले भी बगावत कर रहे हैं। पाकिस्तान के पास एक ही रास्ता है कि वह भारत के साथ युद्ध छेड़ दे जिससे उसे बहाना मिल जाए गाज़ा में सेना न भेजने के लिए क्योंकि पहले ही वह अफगानिस्तान और बलूचिस्तान से उलझा हुआ है।
कांग्रेस को बस एक ही काम है कि किसी तरह ईरान इज़रायल और अमेरिका के युद्ध में मोदी को नीचा दिखाए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि आतंकी पैदा करने वाला पाकिस्तान जैसा देश कैसे मध्यस्थता कर सकता है। आज पाकिस्तान आतंकी देश दिखाई दे रहा है लेकिन जब वह भारत पर आतंकी हमला करता है तो कांग्रेस इसका सबूत मांगती है। कैसा दोहरा चरित्र है इस पार्टी का?

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