पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत जैसे चमचे राहुल गांधी की चापलूसी में नरेंद्र मोदी के लिए ऐसे ऐसे अपशब्द कहते रहे जो कहने के लिए शायद उनका दिल भी नहीं मानता होगा। पिछली बार भी राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को राज्यसभा नहीं भेजा और इस बार भी। पिछली बार भी पवन खेड़ा ने कहा था कि शायद मेरी तपस्या में कमी रह गई और इस बार भी वही शब्द दोहराए हैं। अगर दिमाग राहुल गांधी के पास गिरवी रख कर काम करोगे तो ऐसा ही होगा। सुरजेवाला ने क्या तुमसे बढ़िया गाली दी थी मोदी को जो उसे इनाम दे दिया गया।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
“मुझे गंदे कपड़े की तरह फेंक दिया। मैं बूढ़ा हो चुका हूं, मेरे दांत गिर चुके हैं; कांग्रेस ने मुझे गंदे कपड़े की तरह किनारे फ़ेंक दिया; 85 साल के बुजुर्ग का कुछ तो लिहाज होना चाहिए; मुझे धक्के मारकर भगाया गया; सवाल उठता है कि क्या पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं का सम्मान बचा पा रही है? या नई राजनीति में पुराने चेहरे बेकार हो जाते है? कांग्रेस के अंदर असंतोष की आवाज़ें तेज हो रही हैं”।
अपने पर पड़ी तो सम्मान याद आ गया लेकिन जब सीताराम केसरी को टॉयलेट में बंद कर उसे धक्के मार कर निकाला गया और उसकी धोती फाड़ दी गई थी, तब मणिशंकर कुछ बोले थे क्या - 85 साल के बुजुर्ग का सम्मान होना चाहिए लेकिन प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे आदमी को आप “नीच” कहना ठीक समझते हैं। ये आपका ही कर्मफल है जो लौट कर आ रहा है। आज आप कांग्रेस के लिए तो क्या किसी पार्टी के लिए भी किसी काम के नहीं हैं।
गाली बकने की संस्कृति तो कांग्रेस की पुरानी है। सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को “मौत का सौदागर” का कहा और राहुल गांधी ने “खून की दलाली करने वाला”। एक थे कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव त्यागी जिसने 12 अगस्त, 2020 को टीवी डिबेट में अमीश देवगन को “भड़वा” और कई अपशब्द कहे थे। अभी 4 दिन पहले कांग्रेस के प्रवक्ता अलोक शर्मा ने रिटायर्ड कर्नल दनवीर सिंह जी को “भड़वा और भोसड़ीवाले” कह कर गाली दी।
दिग्विजय सिंह लादेन को “ओसामा जी” कहते थे और सुशील शिंदे ने हाफिज सईद को “हाफिज साहब” कहा। असम का कांग्रेस नेता भूपेन बोराह ने कहा राहुल गांधी ने 15 मिनट में सब बातें साफ़ कर दी मुझे कांग्रेस छोड़ने के लिए। क्या खास समझा दिया महान राहुल गांधी ने? अभी कर्नाटक में सिद्धारमैया और शिवकुमार में लठ्ठमलट्ठा हो रही है।
इतना ही नहीं आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ममता उन्हें बंगाल में नहीं आने देती लेकिन कांग्रेस ने ममता के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया क्योंकि वैसे भी कांग्रेस राष्ट्रपति मुर्मू से नफरत करती है।
इज़रायल के विपक्ष से नहीं सीख सकते तो पाकिस्तान के विपक्ष की हालत देख ले कांग्रेस और राहुल गांधी। यहां विपक्ष में रह कर लोकतंत्र की पूरी मौज ले रहे हो, मोदी को स्पीकर को, चुनाव आयोग को सबको गाली देते हो और दूसरी तरफ पाकिस्तान में इमरान खान की हालत देख लो। क्या तुम्हारी भी वैसी हालत कर देनी चाहिए जिससे पता चले कि “बदले की कार्रवाई” क्या होती है।

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