पप्पू यादव के इस बयान से याद आता है फिल्म "दुल्हन वही जो पिया मन भाये" से चर्चित हुई नायिका रामेश्वरी की। रामेश्वरी ने जब इसी तरह का दिया बयान इतना भारी पड़ा कि फिल्म जगत से ही धूमिल हो गयी। वैसे #Metoo में ऐसे समाचार आते रहते हैं। क्या कार्यवाही हुई कुछ नहीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सोच समझ कर प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कहते है। पिछले एक चुनाव में उन्हें “जहरीला नाग” कहा था। कुछ दिन पहले मुसलमानों को भड़काया था कि नमाज़ छोड़ कर सामने जाते हुए सांप को मारो और भाजपा और RSS सांप हैं, उन्हें मारो। यह आतंकवाद बढ़ाने वाला प्रवचन नहीं है क्या और प्रधानमंत्री मोदी को “आतंकवादी” कह दिया। खड़गे ने साफ़ शब्द प्रयोग किया “ मोदी Terrorist है”। लेकिन पाकिस्तान के आतंकियों के सबूत मांगते हैं।
लेकिन आज चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस तो दिया है लेकिन कांग्रेस के नेता इतने चिकने घड़े हैं कि इन पर किसी बात का कोई असर नहीं होने वाला। अब खड़गे लीपापोती कर रहे हैं कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका तो मतलब था कि मोदी विपक्षी दलों को ED और CBI से आतंकित करते हैं। मतलब लोग तो मूर्ख हैं न जो आपका मतलब नहीं समझते।
![]() |
| लेखक चर्चित YouTuber |
उधर पवन खेड़ा ने हिमंता विश्वा सरमा की पत्नी पर 3 देशों के पासपोर्ट रखने का आरोप लगा दिया लेकिन दिल्ली, गुवाहाटी कोर्ट नहीं गया, तेलंगाना हाई कोर्ट गया। अब भागता फिर रहा है क्योंकि गुवाहाटी कोर्ट ने कह दिया कि गैर जमानती वारंट की जरूरत नहीं है, पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है क्योंकि उनके कथित अपराध इस श्रेणी में आते हैं।
अब पप्पू यादव ने और गज़ब कर दिया। उसने तो महिलाओं की घनघोर बेज्जती करते हुए कहा कि पुरुषों के कमरे में बिना जाए 90% महिलाएं राजनीति में नहीं आ सकती। पुरुषों के कमरों से मतलब साफ़ है “bedroom” में जाती हैं। पप्पू यादव के बयान से बता दिया महिला आरक्षण का विरोध कांग्रेस ने क्यों किया था।
सियासत में जितनी भी महिलाएं हैं और महिला आयोग को पप्पू यादव द्वारा महिलाओं लगाए आरोपों के सबूत मांगने चाहिए और सबूत नहीं देने पर बिना किसी अगर-मगर के सीधा जेल और कोई जमानत नहीं। जमानत देने वाले जज-पुरुष हो या महिला-सख्त कार्यवाही की मांग करनी चाहिए।
जब बिहार महिला राज्य महिला आयोग ने नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा तो “बीमार” हो गया और अस्पताल में भर्ती हो गया। लालू यादव भी यही करता है जो कोर्ट में जाने से पहले व्हीलचेयर पर चलना शुरू कर देता है और जब जब उसे सजा हुई वह अस्पताल में रहा।
कितनी गंदगी फैला दी इन लोगों ने राजनीति में। ऐसी मर्यादाहीन शब्दावली पिछले 12 साल से पहले कम ही उपयोग की गई है। वैसे तो मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए भी ये लोग अनाप शनाप बकते थे लेकिन अब तो सारी सीमाएं पार कर चुके हैं।
एक और मैडम आजकल बहुत फुदक रही है। कभी मोदी की तारीफ में कसीदे पढ़ने वाली मधुकिश्वर आजकल मोदी के खिलाफ अनर्गल बकबक कर रही है। चंडीगढ़ पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है। अब सबूत देने पड़ेंगे उस वीडियो के जो उसने मोदी के लिए जारी किया था।
कांग्रेस और विपक्ष के इतने विलाप के बाद भी मोदी की लोकप्रियता 68% पर बनी हुई है। इनकी बातों से और बढ़ती जाएगी।

No comments:
Post a Comment