केजरीवाल ने, जब से उसकी “आम आदमी पार्टी” बनी, तब से वह संस्थापक सदस्यों को मिलाकर 25 से ज्यादा नेताओं को या तो निकाल चुका था या उन्हें निकलने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन आज एक ही बार में उसके 7 राज्यसभा सांसदों पार्टी छोड़ कर केजरीवाल को ऐसा झटका दिया कि उसकी कमर तोड़ दी। और उससे भी बड़ी बात ये सारे भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस से नेता भाजपा में आ रहे थे, तब तक तो ठीक था लेकिन 10 में से 7 “आप” राज्यसभा सांसद भाजपा में आ गए, ये तो कमाल है। केजरीवाल ममता से कह रहा था कि अबकी बार भी आप ही जीतेंगी और मोदी की हार होगी लेकिन यहां उसका काफिला उसके अपनों ने ही लूट लिया। आ तो गए हैं लेकिन मंत्री शायद ही कोई बन पाए।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
वैसे ये आने वाले लोगों में कुछ को छोड़ कर, सब केजरीवाल के पाप में भागीदार रहे हैं। राघव चढ़ा भी कोई दूध का धुला नहीं है। हरभजन सिंह एक ऐसा व्यक्ति था जिसके “आप” में जाने पर मैं हैरान था लेकिन अब वह भी निकल आया। अशोक मित्तल पर अभी कुछ दिन पहले ED का छापा पड़ा था। उसके लिए कह सकते हैं कि वो डर कर निकला लेकिन ऐसा अन्य के साथ तो नहीं था।
10 में 7 सांसदों का एक साथ निकलना कोई छोटी बात नहीं है। इसके लिए अत्यधिक गुप्त रणनीति बनाई गई होगी जिसमें हो सकता है भाजपा का भी कोई नेता शामिल रहा होगा।
7 सदस्यों के एक साथ निकलने ने उन्हें दल बदल कानून से बचाव मिल गया लेकिन संजय सिंह केवल 3 के लिए कह रहा है (जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे) कि उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए और इसके लिए वो सभापति को पत्र लिखेगा। और सभापति न माने तो हाई कोर्ट, सुप्रीम चले जाना लेकिन सिंघवी की फीस कहां से दोगे?
अन्ना हजारे के आंदोलन से निकली “भ्रष्टों” की पार्टी ने दिल से जनता को लूटा और अब खुद टूट गई। ये अन्ना हजारे को बता कर पार्टी नहीं बनाए थे लेकिन अन्ना के दिल में अभी भी केजरीवाल के लिए दर्द है जो उनके आज के बयान से प्रकट हो रहा है।
उन्होंने 2 विपरीत बातें कही हैं - पहली, निजी हितों के लिए इन 7 ने पार्टी छोड़ी होगी; और दूसरी बात, पार्टी में दोष होगा, तब ही पार्टी छोड़ी”। केजरीवाल के सत्ता से बाहर होने के बाद ये लोग क्या निजी हित साध रहे होंगे, यह कह कर क्यों केजरीवाल का बचाव कर रहे हो अन्ना जी। और पार्टी की किस कमी की बात कर रहे हो जब आप के केजरीवाल के हर भ्रष्टाचार पर आप खामोश रहे।
एक बार भगवंत मान सरकार और निपट जाए, फिर केजरीवाल का “मुफ्त” के हवाई जहाजों में घूमने की मौज मस्ती ख़त्म। लोगो को “मुफ्त” के रेवड़ियां बांटता था और खुद “मुफ्त” की रेवाड़ी खा रहा है भगवंत मान के हवाई जहाजों में सैर सपाटा करके।

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