ममता बनर्जी आज कोलकाता हाई कोर्ट के समक्ष खुद वकील के तौर पर पेश हुई। मामला था 4 मई को आए चुनाव नतीजों के बाद हो रही हिंसा का। और हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार को आदेश भी दे दिए कि कानून व्यवस्था बनाए रखी जाए।
ममता बनर्जी भूल गई 2021 चुनाव नतीजों के बाद किस तरह उनकी पार्टी के लोगों ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की थी। लोगों को बेघर कर दिया गया। 80 हजार लोग असम की तरफ पलायन कर गए, महिलाओं का बलात्कार किया गया लेकिन वह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी तक लंबित है। कोलकाता हाई कोर्ट ने तो ममता सरकार को क्लीन चिट दे दी थी और कहा था वह सरकार हिंसा रोकने के ठीक उपाय कर रही है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
कोर्ट में वकीलों ने ममता के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की। नारे लगाए गए - “पिशी चोर, भाईपो चोर” - और यह भी पता चला है कि बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने कोलकाता बार कौंसिल को पत्र लिख कर पूछा है कि ममता को लाइसेंस किसने दिया, कब दिया, रजिस्ट्रशन कब हुआ और प्रैक्टिस का रिकॉर्ड क्या है?
ममता परेशान है अवैध कब्जो पर बुलडोज़र से। उनका कहना है की TMC के दफ्तर जलाए जा रहे हैं और लोगों के घरो पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं। ममता को यह ख्याल नहीं है कि TMC ने कांग्रेस और सी.पी.एम. के दफ्तरों पर कब्ज़ा किया हुआ था और हो सकता उनके ही लोग अब TMC के दफ्तर जला रहे हों।
चंद्रचूड़ - ने अर्बन नक्सल्स का पक्ष लेते हुए कहा था।
"Dissent is the safety valve of democracy. If dissent is not allowed, then the pressure cooker may burst".
ममता बनर्जी ने हिंदुओं के खिलाफ जो अत्याचार किए उसी से प्रेशर कुकर फट गया और हिंदुओं ने एकजुट होकर भाजपा को वोट दिया। ममता ने जो हिंदुओं के खिलाफ किया, उसके कुछ उदाहरण ये हैं -
-भगवान शंकर के तारकेश्वर डेवलपमेंट बोर्ड का पहली बार एक मुस्लिम, फिरहाद हाकिम को अध्यक्ष बनाया। फिरहाद हाकिम नारद स्टिंग केस में आरोपी रहा है;
एक बार अखिलेश ने भी ऐसे ही आज़म खान को महाकुम्भ आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाया था।
-ममता की सांसद सायानी घोष ने शिवलिंग को कंडोम पहने हुए फोटो ट्विटर पर डाली;
-मुहर्रम के लिए दुर्गा पूजा पर रोक लगा दी;
-सरस्वती पूजा पर रोक लगा दी और जिन बच्चियों ने पूजा की उन्हें पुलिस ने डंडे मारे;
-हनुमान जयंती पर पाबंदी लगाई;
-जय श्री राम के उद्घोष पर रोक लगा दी। गिरफ़्तारी की गई। ममता खुद लोगो के पीछे दौड़ी;
-इस्लाम के प्रचार के लिए मौलवियों को सरकार से सैलरी देनी शुरू की।
आज भी ममता मुस्लिमों के लिए दीवानी है, क्योंकि 80 में से 34 विधायक मुस्लिम है और 2021 में कुल 44 मुस्लिम विधायकों में से 43 ममता की पार्टी के थे।
अबकी उसे आभास नहीं था हिंदू एकजुट होकर वोट दे देगा और 15 साल में काल चक्र पूरा हो जाएगा।

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