मोदी जी फ्री रेवड़ियों पर पाबन्दी कब? विधायक से लेकर सांसदों को मिलने वाली पेंशन और मिलने वाली अन्य सुविधाएं कब बंद होगी? मंत्रियों के साथ चलने वाले कारों के काफिलों पर पाबंदियां क्यों नहीं?


चुनावों के दौरान जिस बात का पूर्वाभास था परिणाम आने के बाद सच हो गया। बस पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ने बाकी हैं। वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई हैरानी का काम नहीं किया। इतिहास साक्षी है कि हमेशा चुनाव होने के बाद ऐसा होता आया है। ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के प्रभाव से जब विश्व अछूता नहीं, ये तो चुनावों की वजह से सरकार चुपचाप हर संकट झेल रही थी उसकी आंच जनता तक नहीं आने दी, यही सरकार की कुशल कार्यशैली को दर्शाता है।     
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनहित में जो जनता से अपील की है बहुत अच्छी बात है। जनता हमेशा मोदी की हर बात मानती रही है और मानती रहेगी। लेकिन अब जो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जो अपील की है सिर-माथे। लेकिन ये अपील कई गंभीर सवालों का जवाब भी मांगती है। प्रधानमंत्री मोदी और इनके मंत्रिमंडल को इन सवालों पर भी चिंतन करने की जरुरत है। 
महान कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण ने उपरोक्त कार्टून 60 साल पहले बनाया था, लेकिन वर्तमान संदर्भ में यह कितना सटीक साबित हो रहा है।

1. फ्री की रेवड़ियों पर पाबन्दी क्यों नहीं लगाई जाती?

2. विधायक से लेकर सांसदों की पेंशन क्यों नहीं बंद की जाती? 

3. जब सांसदों को वेतन मिलता है फिर फ्री की बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं क्यों? 

4. ये जनसेवक हैं या शहंशाह? 

5. BPL में फ्री राशन लेने वालों की जाँच क्यों नहीं होती? 

6. आयकर नहीं देने पर भी सांसदों को छूट आदि आदि 

मोदी जी कई ऐसे सरकारी खर्चे हैं, जिनके बारे में बोलना शायद किसी को बर्दाश्त नहीं हो पाएगा, जो सालों से अर्थव्यवस्था पर बोझ नहीं बल्कि अर्थयवस्था को दीमक की तरह खा रहे हैं। जिस दिन इन पर पाबंदियां लग जाएंगी सरकारी खजाने में इतनी धन-वर्षा होगी कि खजाना खाली नहीं हो पाएगा। वह धन देश के विकास, रक्षा संसाधन और महंगाई कम करने के काम आएगा। गैर-बीजेपी शासित राज्यों की फ्री की रेवड़ियों से क्या हालत हो रही है सबके सामने है।  देखिए प्रधानमंत्री मोदी ने क्या अनुरोध किया है:-           
दुनिया में युद्धों को लेकर फैले संकट के बीच भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कुछ खास अपील की हैं। पीएम मोदी ने आम लोगों से जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर देशहित में योगदान देने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री मोदी रविवार (11 मई 2026) को तेलंगाना के दौरे पर थे और वहाँ सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने लोगों से ये अपील की हैं। पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की और इसके लिए उन्होंने कई रास्ते भी बताए हैं।

उन्होंने कहा, “भारत तेजी से विकसित होने के लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ रहा है। लेकिन कई विराट चुनौतियों का मुकाबला भी कर रहा है। कोरोना काल के दौरान ही दुनिया सप्लाई चेन के बहुत बड़े संकट से गिर गई थी। कोविड के बाद यूक्रेन में युद्ध शुरू हो गया। उसने दुनिया की परेशानियाँ और बढ़ा दी। फूड, फ्यूल, फर्टिलाइजर इन तीनों चीजों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।”

उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीने से हमारे पड़ोस में युद्ध चल रहा है और इसका भारत पर गंभीर असर हुआ है। उन्होंने कहा, “युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर के दाम आसमान को भी पार कर गए हैं। जब सप्लाई चेन पर संकट लगातार बना रहे तो हम कितने भी उपाय कर ले मुश्किलें बढ़ती ही जाती है।”

पीएम मोदी ने कहा, “अब देश को सर्वोपरि रखते हुए, माँ भारती को सर्वोपरि रखते हुए, हमें एकजुट होकर के लड़ना होगा। हमें याद रखना है देश के लिए मरना ही सिर्फ देशभक्ति नहीं होती है। देश के लिए जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी देशभक्ति होती है।”

पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने पर जोर

 मोदी ने कहा कि हमें कुछ संकल्प लेने होंगे, जैसे एक बड़ा संकल्प है पेट्रोल-डीजल का संयम से इस्तेमाल करना। उन्होंने कहा, “हमें पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करना होगा। शहरों में जहाँ मेट्रो है, वहाँ हम तय करें कि हम मेट्रो का ही उपयोग करेंगे। ज्यादा से ज्यादा मेट्रो में ही जाएँगे। अगर कार में ही जाना जरूरी है तो फिर कार पुल करने का प्रयास करें।”

उन्होंने कहा, “अगर सामान भेजना हो तो रेलवे गुड्स के जो ट्रेन होती है रेलवे की सर्विज से भेजें ताकि इलेक्ट्रिक रेलवे होने के कारण पेट्रोल-डीजल की जरूरत ना पड़ती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।”

वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने की अपील

पीएम मोदी ने लोगों से घर से काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी। आज उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें तो वह देश हित में होगा। वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसेस, वर्चुअल मीटिंग्स, इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है।”

एक साल तक सोना खरीदने से बचने की सलाह

प्रधानमंत्री ने एक वर्ष तक लोगों से सोना ना खरीदने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि सोना खरीदने में बहुत अधिक विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने कहा, “एक जमाना था जब संकट आता था, कोई युद्ध होता था तो लोग देश हित में सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है लेकिन देश हित में हमको यह तय करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई भी फंक्शन हो, कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। सोना नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें इस चुनौती को स्वीकार करते हुए विदेशी मुद्रा को बचाना होगा।”

खाने के तेल के इस्तेमाल में कटौती की बात

मोदी ने खाने के तेल के कम इस्तेमाल करने की भी बात कही है। उन्होंने कहा, “खाने के तेल के आयात के लिए भी बहुत बड़ी मात्रा में हमें विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। हर परिवार अगर खाने के तेल में खाने का तेल का जो उपयोग करता है अगर वह कुछ कमी करें मैंने बार-बार कहा है 10% कम करो। अगर हम तेल खाना कम करें ना तो भी वह देशभक्ति का बहुत बड़ा काम है। इससे देश सेवा भी होगी और देह सेवा भी होगी। इससे देश के खजाने का स्वास्थ्य भी सुधरेगा और परिवार के हर सदस्य का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।”

प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान

किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की गई है। सरकार लंबे समय से जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देती रही है।

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील

पीएम मोदी ने विदेशी ब्रांड के उत्पादों का कम इस्तेमाल करने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया है। इससे स्थानीय उद्योगों और छोटे कारोबारियों को मजबूती मिलने की बात कही गई।

एक साल तक विदेश यात्रा टालने का सुझाव

देशवासियों से गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने की भी अपील की गई है। इसे देशहित और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

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