जो देश से कहा, उस रास्ते पर स्वयं भी चल पड़े मोदी, सुरक्षा वाहन भी हाफ

मोदी ने अपने काफिले की गाड़ियों को आधा किया (फोटो साभार : Hindustan & NDTV)
अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और वैश्विक ईंधन संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद से बड़ी शुरुआत की है। PM मोदी ने अपने काफिले (Cavalcade) को 50 फीसदी तक छोटा करने का निर्देश दिया है। अब उनके काफिले में पहले के मुकाबले आधी गाड़ियाँ ही नजर आएँगी।

PM मोदी ने सुरक्षा एजेंसी SPG को स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए गाड़ियों की संख्या कम की जाए और काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को प्राथमिकता दी जाए। खास बात यह है कि इस बदलाव के लिए कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी। PM मोदी की इस पहल का उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती कर मिसाल पेश करना है।

उत्तर प्रदेश: CM योगी का बड़ा फैसला

PM मोदी के निर्देश का असर उत्तर प्रदेश में सबसे पहले दिखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और अपने मंत्रियों के काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी (50%) करने का आदेश दे दिया है।
CM योगी ने मंत्रियों और विधायकों को हफ्ते में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो या बस) का उपयोग करने को कहा है। इसके साथ ही UP में ‘नो व्हीकल डे’ मनाने और सरकारी बैठकों को ‘वर्चुअल’ करने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में भी दिखी सख्ती

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। उन्होंने मंत्रियों को भी कम से कम गाड़ियाँ इस्तेमाल करने और सादगी से रहने की सलाह दी है।
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सरकारी खर्च में कटौती का ऐलान किया है। उन्होंने खुद को और अपने मंत्रियों को कारों के सीमित उपयोग और कारपूलिंग के दायरे में रखा है। साथ ही दिल्लीवासियों से निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो और बसों के इस्तेमाल की अपील की है।
इसके अलावा, राजस्थान की भजनलाल सरकार ने भी बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने स्वयं के काफिले में वाहनों की संख्या कम करने की शुरुआत करते हुए राज्य के समस्त अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

PM मोदी की देशवासियों से अपील

कुछ समय पहले हैदराबाद और गुजरात के दौरों पर PM मोदी ने देशवासियों से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट है।
इससे बचने के लिए PM मोदी ने जनता से एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्राओं पर खर्च कम करने का आग्रह किया है। PM ने पेट्रोल-डीजल के संयमित इस्तेमाल और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ‘स्वदेशी’ अपनाने पर जोर दिया है।

क्यों लिया गया यह बड़ा कदम?

पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव न बढ़े, इसलिए केंद्र सरकार Work From Home को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दे रही है। PM मोदी चाहते हैं कि सरकारी विभाग और राज्य सरकारें ‘एग्जांपल सेट’ करें ताकि आम नागरिक भी इस मुहिम से जुड़ सकें।

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