मैं इस्तीफा नहीं दूंगी!!!

सुभाष चन्द्र

में हार गई तो क्या हुआ, पर में इस्तीफा नहीं दूँगी!

में भले ही ख़ुद की सीट भी हार गई पर में इस्तीफा नहीं दूँगी!

में साजिश से हार गई पर नैतिक रूप से जीत गई हूँ!

में तो हार ही नहीं सकती ना तो में इस्तीफा नहीं दूँगी!

में तो आजाद चिड़िया हूँ, जहाँ चाहूँ जा सकतीं हूँ!

में चाहे ये करूँ, में चाहे वो करूँ, मेरी मर्ज़ी!

में तो किंम जोंग की तरह मुख्तार बनी रहूँगी!

तुम मानो या ना मानो पर में तो मुख्यमंत्री हूँ तो में इस्तीफा नहीं दूँगी!

जनता जनार्दन ने भले ही मुझे ठुकरा दिया पर में जय श्री राम नहीं बोलूंगी!

जबरदस्त हार के बाद भी जबरदस्ती मुख्यमंत्री बनी रहूँगी!

हकीकत में भले ही मुख्यमंत्री ना रहूँ पर सपने में भी कोई मुझे पदभ्रष्ट कर नहीं सकता!

"रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे,

रहा तृणमूल तो फ़िर मिलेंगे!"

तुम चाहे कुछ भी कहो पर में सपने में भी इस्तीफा नहीं दूँगी!

में इस्तीफा नहीं दूँगी! में इस्तीफा नहीं दूँगी!

इंशाअल्लाह!!!

प्रीति जागीरदार

05/05/2026

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