गुजरात में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नाम पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमकी भरे फोन किए जाने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जिस मुद्दे को लेकर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सवाल उठाए थे, उसी मामले में पार्टी के एक स्थानीय नेता का नाम सामने आया है।
जाँच के बाद पुलिस ने वडोदरा शहर AAP अध्यक्ष अशोक ओझा और उनके सहयोगी नितिन डोबरिया को गिरफ्तार किया है।
फर्जी IB अधिकारी बनकर किए गए फोन
आणंद साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, नितिन डोबरिया खुद को IB अधिकारी बताकर AAP के केंद्रीय नेता दुर्गेश पाठक और अन्य कार्यकर्ताओं को फोन करता था। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई थी, जब दुर्गेश पाठक ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं को एक नंबर से लगातार कॉल आ रही है।
उन्होंने बताया कि कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को IB का अधिकारी बताकर सत्यापन के लिए बुला रहा है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाते हुए सवाल किया था कि आखिर किस कानून के तहत दूसरे राज्यों से आए लोगों का IB द्वारा सत्यापन किया जा रहा है।
ये बहुत संगीन मामला है। मैंने इस नंबर पे फ़ोन किया। पूछा - “क्या आप IB से बोल रहे हैं?” उसने कहा - “हाँ”। मैंने कहा - “मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूँ। आप किस क़ानून में verification कर रहे हो?” उसने फ़ोन काट दिया। उसके बाद से फ़ोन नहीं उठा रहे।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 28, 2026
IB ये बताए कि क्या ये उनका नंबर… https://t.co/NoDbxE1Nph
जाँच में सामने आई आंतरिक राजनीति की कहानी
पुलिस की तकनीकी जाँच में संबंधित मोबाइल नंबर नितिन डोबरिया के नाम पर दर्ज पाया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि कथित साजिश के पीछे वडोदरा AAP अध्यक्ष अशोक ओझा की भूमिका थी। पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय नेता दुर्गेश पाठक को वडोदरा की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्थानीय संगठन में असंतोष पैदा हो गया था।
जाँच में यह भी सामने आया कि पार्टी के भीतर बढ़ते शक्ति संतुलन को लेकर चिंता के चलते यह पूरा घटनाक्रम रचा गया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
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