दरअसल प्रधानमंत्री मोदी देश के उत्पादों को ग्लोबल करने पर काफी समय से जोर दे रहे हैं और Giorgia Meloni को मेलोडी उपहार में देने के पीछे मकसद ही यही था कि भारतीय उत्पाद मेलोडी एक दिन में ग्लोबल हो गई। मोदी और Meloni की तस्वीरें देखकर राहुल गांधी की छाती पर सांप लोट गया और हताशा में मोदी शाह को “गद्दार” कह गया।
एक बहुत पुरानी कहावत है बन्दर के हाथ उस्तरा लगना यानि कांग्रेस और विपक्ष को एक ऐसा बड़बोला भटके दिमाग का नेता मिला हुआ है जो खुद तो डूब ही रहा है अपनी पार्टी और विपक्ष में अपनी सहयोगी पार्टियों को भी निपटाने में लगा हुआ है। समझ में नहीं आता कि उसकी पार्टी और सहयोगी पार्टी आखिर क्यों उसकी बेतुकी भड़काऊ बातों का क्यों बचाव करते हैं? मुंह में चाँदी का चम्मच लेकर कोई नेता या साहूकार नहीं बन जाता बुद्धि की जरुरत होती है जो लगता है भगवान ने वह उसे दी ही नहीं। क्योकि जिसकी सौबत ही छल और कपटियों की होगी और देश विरोधी ताकतों के हाथ कठपुतली हो उसके शरीर में अक्ल का खाना खाली ही रहेगा।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
उसने नहीं बताया कि देश को किसने खरीदा लेकिन कुछ मीडिया चैनल्स अपने आप से लगा रहे थे कि राहुल ने कहा मोदी ने देश को अंबानी, अडानी और अमेरिका को बेच दिया जबकि यह बात उसने कही ही नहीं।
इनका इंडी गठबंधन भी राहुल के बयान पर तार तार हो गया।
सपा ने इस भाषा से खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मीडिया को स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि यह राहुल गांधी की निजी विचारधारा हो सकती है और समाजवादी पार्टी इस तरह की असंसदीय या अमर्यादित भाषा का बिल्कुल समर्थन नहीं करती है।
| साभार सोशल मीडिया |
इंडी गठबंधन में कांग्रेस अकेली पार्टी है जो राहुल के बयान का समर्थन कर रही है और उसके लिए भी कौन बोला है पवन खेड़ा जो अभी असम केस में उलझे होने के कारण राहुल की “तेल मालिश” कर रहा है। खेड़ा ने न जाने असम पुलिस को क्या बता दिया जो रणदीप सुरजेवाला को तलब कर लिया और कुछ पता नहीं जब सुरजेवाला जाएगा तो वो किसका नाम ले ले। यह भी हो सकता है उसकी बातों से शक की सुई राहुल गांधी की तरफ मुड़ जाए।
राहुल गांधी को एक ये असम केस से डर लगा हुआ है। दूसरा उसके खिलाफ जो ब्रिटिश नागरिकता का मामला चल रहा है, वो उससे भी परेशान है कि मामला कब किस मोड़ पर पहुंच जाए। उसके अलावा इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सबसे बड़ा हंटर चला दिया। राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर ED/CBI को उसके Disproportionate Assets की जांच करने को कह दिया और अंतरिम रिपोर्ट 2 सप्ताह में मांगी है। हेराल्ड केस तो पहले से चला रहा है और जीजा ने तो पता नहीं क्या क्या खरीदा है देश में और विदेश में जिसमे वो अलग फंसा हुआ है।
राहुल गांधी के पास सुनहरा अवसर था 2013 में जब वो बिना किसी मेहनत के प्रधानमंत्री बन सकता था लेकिन उसने अवसर को लपका नहीं और आज तक प्रधानमंत्री बनने के लिए पापड़ बेल रहा है।
मनमोहन सिंह ने 7 सितंबर 2013 को ट्वीट में लिखा था “I would be happy to work for the Congress party under the leadership of Mr Rahul Gandhi” एक अन्य जगह उन्होंने यह भी कहा था “आप जब मर्जी आए, मैं आपके लिए कुर्सी खाली कर दूंगा, वो आपकी ही है”।
उस समय अगर प्रधानमंत्री बन जाता राहुल गांधी तो 2014 के चुनाव में मोदी को आने से रोक लेता। मोदी के नाम की घोषणा तो भाजपा ने 13 सितंबर, 2013 को की थी। शायद राहुल गांधी को प्रधानमंत्री देखकर नरेंद्र मोदी जी डर जाते और आज राहुल गांधी को दिन रात मोदी को गाली देने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
गद्दार कौन है और किसने देश बेचा यह लोग खुद समझते हैं। मोदी ने देश बेचा नहीं, बनाया है।

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