राजस्थान के श्रीगंगानगर (सवाई माधोपुर) में एक 13 साल की बच्ची के साथ 32 लोगों द्वारा किए गए बलात्कार का किस्सा किसी का भी दिल दहला सकता है। यह केस सुप्रीम कोर्ट की आत्मा को झकझोरने के लिए उपयुक्त था लेकिन कोर्ट ने इस पर स्वत संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी।
जहां judicial activism दिखाने के जरूरत है वहां सुप्रीम कोर्ट खामोश रहता है लेकिन कभी कभी बच्चियों के बलात्कारी को यह कह कर सजा कम कर देता है कि Every Sinner Has A Future. मेरे विचार से सुप्रीम कोर्ट को स्वत संज्ञान लेकर इस पर ट्रायल कोर्ट को ज्यादा से ज्यादा 2 महीने में निर्णय करने के आदेश देने चाहिए। विशाल तिवारी जैसा वकील भारत तिवारी के मामले को सीधा सुप्रीम कोर्ट ले गया लेकिन इस मामले को ले जाने की जरूरत नहीं समझता।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
होटल खुंगर, जाप इन और सफायर को पुलिस बल की तैनाती के बीच 30 जून को बुलडोज़र चला कर ध्वस्त कर दिया गया।
अभी तक केवल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका है। ये दरिंदे इतने गिरे हुए कमीने थे कि बच्ची के साथ एक बार में 3 से 4 या उससे भी ज्यादा लोग अपनी हवस मिटाते थे और उसे शराब पीने के लिए मजबूर करते थे।
En la India, una niña de solo 13 años fue secuestrada, vendida y violada en grupo por 32 hombres durante 5 días en Sri Ganganagar, Rajasthan.
Alrededor del 18 de junio la menor desapareció de su hogar (yendo a clases particulares); un conductor la raptó y la vendió por dinero a… pic.twitter.com/4jKoUtL9kY
सच में यह मामला अत्यंत गंभीर है जिसमें रिक्शा चालक, होटल के मैनेजर और स्टाफ गिरफ्तार हो चुके हैं। इस केस का फैसले शीघ्र होना चाहिए लेकिन अपील में हाई कोर्ट और जरूरत पड़े तो सुप्रीम कोर्ट को भी फुर्ती दिखानी चाहिए। ऐसा न हो कि ट्रायल कोर्ट सजा दे दे और अपील में मामला 15-20 साल लटका रहे। अभी कुछ दिन पहले पुणे में एक ट्रायल कोर्ट ने 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में 65 वर्ष के आरोपी भीमराव कांबले को 60 दिन में फांसी की सजा सुनाई है। इस सजा की अपील लटकी नहीं रहनी चाहिए।
मैं फिर आग्रह करता हूं कि श्रीगंगानगर मामले का सुप्रीम कोर्ट स्वत संज्ञान ले और शीघ्र न्याय दिलाने के लिए कदम उठाए। है कोई वकील जो विषय के लिए सुप्रीम कोर्ट में PIL लगाए?

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