सुभाष चन्द्र
मैं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जी और राज्यसभा के सभापति CP राधाकृष्णन जी से एक अपील करना चाहता हूँ।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
जो कदम तब उठाया गया वह अब क्यों नहीं उठाया जा सकता। 4 दिन से संसद को विपक्ष ने ठप किया हुआ है और कार्यवाही स्थगित की जा रही है।
माननीय मेरी बात का बुरा न मानें। सदनों को स्थगित करने से आपकी जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। आपके ऊपर सदन को चलाने का दायित्व है और उसे निभाने के लिए अगर कुछ अराजकतावादी सदस्यों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड करना जरूरी हो तो करना चाहिए। ऐसे सदन स्थगित करने से तो सरकार का जनकल्याण का हर कार्य लटका रह जाएगा।
Your inaction and leniency is being treated as your Weakness by the opposition as if you are not capable of performing your duty.
जनता के पैसे का ढाई लाख रुपया प्रति मिनट संसद पर खर्च होता है। कौन भरेगा उस नुकसान को? विपक्ष के सदस्य सदन के बाहर ही धरना प्रदर्शन करना चाहते हैं तो उन्हें बाहर ही कर दीजिये।
दरअसल हर सत्र को बाधित करना विपक्ष ने धंधा बना लिया है, जिसके लिए इन्हे दण्डित करना जरुरी है। ये सफेदपोशी उपद्रवी संसद/राज्यसभा को मछली बाजार बना सदनों की मर्यादा को कलंकित कर रहे हैं। जब तक इनको इन्हीं की भाषा में जवाब नहीं दिया जाएगा ये सुरमाभोपाली बन जनता और सदनों को गुमराह करते रहेंगे। राहुल ने तो अपना तकियाकलाम बना रखा है कि 'मुझे बोलने नहीं दिया जाता।' क्यों नहीं राहुल के विदेशी दौरों की जाँच की जाती? कौन है जो राहुल के विदेशी दौरों को प्रायोजित करता है?
मेरा आप दोनों से करबद्ध अनुरोध है कि क्योंकि विपक्षी सांसदों की नंगई/गुंडई अब सीमा पार कर गई है और इसलिए अब उन्हें आने वाले सोमवार को सस्पेंड कर दीजिए। बेशक उसके पहले लोकसभा और राज्यसभा के नेता विपक्ष को बुलाकर चेतावनी दे दी जाए कि या तो विपक्ष को संभाले अन्यथा सस्पेंशन के लिए तैयार रहें।
अंत में एक विनती और है। टीवी पर हंगामा करने वालों की केवल आवाज़ सुनाई नहीं देनी चाहिए। हंगामा करते हुए उनके चेहरे भी फोकस होने चाहिए जिससे लोगों को पता चले वो कौन हैं जो संसद का समय बर्बाद कर रहे हैं। यह संसद के हर सत्र में होना चाहिए।

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