जिस तरह ग्रामोफोन पर टूटे रिकॉर्ड पर सुई अटक जाती है बिल्कुल उसी तरह विपक्ष और इसकी कठपुतली बनी कॉकरोच पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अटके हुए हैं, जो लगता है असंभव है। आखिर प्रधान के इस्तीफे के पीछे क्यों पड़े हैं, उसके दो मुख्य कारण हैं: एक सरकार FCRA बिल नहीं लाने पाए, दूसरे ये वही प्रधान है जिसने मुग़ल आक्रांताओं के काले इतिहास को सामने लाने का साहस किया है। यानि अब तक तथाकथित देशभक्त पार्टियों ने जिन मुग़ल आक्रांताओं को महान बताकर गौरवशाली हिन्दू इतिहास को धूमिल कर अपने वोटबैंक को खुश कर हिन्दुओं को मुर्ख बनाया हुआ था उसकी पोल खुल गयी है। इसीलिए हर हिन्दू विरोधी कॉकरोच पार्टी को समर्थन देकर प्रधान का विरोध कर रहा है। इन नेता बने फिर रहे अक्ल से पैदल लोगों से पूछो कि जो होना था हो गया परीक्षा भी हो गयी और रिजल्ट भी आ गया, अब प्रधान के इस्तीफे का क्या फायदा?
धर्मेंद्र प्रधान जल्द होंगे बर्खास्त-CJPदिल्ली स्थित कॉस्टिट्यूशन क्लब के VP हाउस में सरकार और CJP की बातचीत अब खत्म, करीब 1 घंटे तक चली बैठक#sansad #jpnadd #jitendrasingh #CJP #Jantarmantar pic.twitter.com/WP5aFHGauT
— Abhishek Gautam (@GautamPolitical) July 24, 2026
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पा सरकार उन्हें जल्द ही बर्खास्त कर देगी।”
जेपी नड्डा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का नहीं किया जिक्र'सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है': आशुतोष रांका
— AajTak (@aajtak) July 24, 2026
दिल्ली: सरकार के साथ बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने कल दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई… pic.twitter.com/z1GUEK7lA1
दूसरी ओर, जेपी नड्डा ने कहा- सीजेपी के डेलिगेशन के साथ मीटिंग हुई। हमने उनकी बातें सुनीं। बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर फिर मिलेंगे और सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में उन्हें बताएंगे।
सूत्रों से खबर, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगेजेपी नड्डा और डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आंदोलनकारीत/प्रदर्शनकारी समूहों के प्रतिनिधियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
— Vishal Singh🇮🇳 (@vishalpcbvisha1) July 24, 2026
**नई दिल्ली:**
सरकार और आंदोलनरत लोगों के प्रतिनिधियों के बीच आज एक अहम बैठक हुई, जो लगभग दो घंटे तक चली। इस उच्चस्तरीय बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री श्री जेपी… pic.twitter.com/cFjC4ZDXkU
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान से लगता है कि पहली मुलाकात की तरह ही सीजेपी प्रवक्ताओं ने फिर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है। क्योंकि सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस्तीफा का मतलब होगा जिम्मेदारी से भागना। पेपर लीक में कई गैंग पर कार्रवाई हुई है। जनता ने सरकार को जनादेश दिया है और सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्था में सुधार करेगी। पूरी पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ी है।
इस्तीफे की जगह एग्जामिनेशन सिस्टम को भरोसेमंद बनाने पर जोरशिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नहीं देंगे इस्तीफा-सूत्र
— AajTak (@aajtak) July 24, 2026
इस्तीफा मतलब जिम्मेदारी से भागना- सरकारी सूत्र
ज्यादा जानकारी दे रही हैं @aishpaliwal#PaperLeak #DharmendraPradhan #NTA #ATVideo #Ranbhoomi | @sumitdefence pic.twitter.com/n0XM6XSCbt
सरकारी सूत्रों ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में मौजूद खामियों और समस्याओं की पहचान की जा रही है। सरकार इन कमियों की एक विस्तृत सूची तैयार कर रही है और उन्हें जल्द दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक मामलों में शामिल कई गिरोहों का पहले ही भंडाफोड़ किया जा चुका है। जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि उसका फोकस इस्तीफे की राजनीति के बजाय देश के एग्जामिनेशन सिस्टम को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर है।
सीजेपी प्रवक्ताओं ने इससे पहले किस तरह गुमराह करने की कोशिस की थी…
20 जुलाई, 2026 को चलो संसद मार्च और प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच बातचीत हुई थी। कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर सीजेपी के दोनों प्रवक्ता और अभिजीत दीपके झूठ बोलते पकड़े गए।
अभिजीत दीपके का झूठ- बुलाकर मोबाइल जब्त कर लिएअभिजीत दीपके ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने हमारे साथ टाइम वेस्ट किया। सरकार ने हमें बुलाया…हमारे डेलिगेशन को बुलाया आओ बात करते हैं। आपके जो भी इश्यू है, जो भी डिमांड है। उस पर बात करेंगे उसका समाधान निकालेंगे। वहां पर बुलाकर उनके मोबाइल जब्त कर लिए। आशुतोष रांका और सौरभ दास को जेपी नड्डा के घर हाउस आरेस्ट कर लिया गया था। उन्हें निकलने नहीं दिया गया। पूरा प्लान ये था कि कैसे इनकी टीम को बिखराया जाए। मुझे यहां पर अकेला कर दिया जाए ताकि अफरा-तफरी मचेगी तो उसके लिए कोई सामने नहीं हो। पूरा प्लान किया है, हमारे सदस्यों में अफवाह फैल जाए। इसी लिए आशुतोष रांका और सौरभ दास को पांच घंटे तो जेपी नड्डा के घर पर बैठा कर रखा गया। टोटल टाइम वेस्ट किया गया।
तस्वीरों में मोबाइल हाथ में थामे दिखे सौरभ दास और आशुतोष रांका#Watch | “Government wasted our time. Ashutosh Ranka and Saurav Das were made to sit at JP Nadda’s residence for five hours,” claimed CJP founder Abhijeet Dipke as he apologised to Cockroach Janta Party (CJP) supporters who were allegedly beaten by police during the protest.… pic.twitter.com/901BNLQE1A
— The Hindu (@the_hindu) July 21, 2026
अब आपको सौरभ दास और आशुतोष रांका के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की तस्वीर दिखा रहे हैं, जिसमें वो हाथ में मोबाइल लिए देखे जा सकते हैं। इस तस्वीर को खुद जेपी नड्डा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। अपने पोस्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है। बैठक अच्छे माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है।’
जब मोबाइल जब्त था, तो सौरभ दास ने पोस्ट कैसे किया ?आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026
सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।
मैंने… pic.twitter.com/HLCl20RBSp
सौरभ दास ने खुद ही इस मुलाकात के बारे में जानकारी दी। जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सौरभ दास ने कहा कि मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बातचीत करेंगे। CJP के सौरभ दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से हुई मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, ”आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के घर पर हैं। हमने अपनी मांगें उनके सामने रख दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफ़ा या उन्हें पद से हटाना शामिल है।” इस पोस्ट में सौरभ दास ने कहीं पर भी नहीं लिखा कि हमें जबरन रोका गया है। अब सवाल उठता है कि जब मोबाइल जब्त कर लिया गया था, तो उन्होंने यह पोस्ट कैसे किया?
🚨#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
CJP की तरफ से बातचीत का दिया गया था प्रस्ताव
अभिजीत दीपके ने कहा कि मुलाकात के लिए सरकार की तरफ से प्रस्ताव आया था। लेकिन सच्चाई यह है कि CJP ने कैबिनेट मंत्री के साथ बातचीत की मांग की थी और उन मंत्रियों की एक सूची भी दी थी, जिनसे वह मिलना चाहती थी। लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। इसके बजाय CJP सदस्यों को जिला मजिस्ट्रेट, केंद्र सरकार के एक सचिव या राज्य मंत्री से मुलाकात का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद सरकार ने CJP से चर्चा के लिए स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को जिम्मेदारी सौंपी।पहली मुलाकात सुबह करीब 11.50 पर हुई, जब CJP के प्रतिनिधि जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे। जेपी नड्डा ने बात की और पूछा क्या मांग है। तब CJP के प्रतिनिधियों ने मांगों की लिस्ट बताई। तब जेपी नड्डा ने सवाल किया कि लिखित में मांग नहीं लाए? अपनी मांग लिखित में दीजिए। जिसके बाद दोनों प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को 4 बजे मांगों का लिखित ज्ञापन दिया। इससे पहले राज्य सभा के नेता होने के कारण नड्डा की सदन में उपस्थिति अपेक्षित थी लेकिन वे सदन की कार्यवाही बीच में छोड़कर अपने आवास गए जहां सीजेपी के दो प्रतिनिधि पहले से मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार सीजेपी के प्रतिनिधियों और नड्डा के बीच दो बार मुलाकात हुई।
अब सवाल उठता है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से क्यों मिले ? दरअसल नीट परीक्षा वैसे तो शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला स्वायत्त एनटीए आयोजित करता है, लेकिन इसका सीधा संबंध स्वास्थ्य मंत्रालय से ही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाला एनएमसी नीट के लिए पाठ्यक्रम, न्यूनतम पात्रता और कट ऑफ से जुड़े नियम तय करता है। एमबीबीसी और बीडीएस की सीटें, ऑल इंडिया कोट काउंसिलिंग और राज्य स्तर के समन्वय की जिम्मेदारी भी स्वास्थ्य मंत्रालय की है। ऐसे में यह उचित समझा गया कि नीट से जुड़े मुद्दों पर नड्डा प्रदर्शनकारियों से बातचीत करें।
उधर, जेपी नड्डा लगातार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संपर्क में थे। अमित शाह के साथ वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू उनके संसद भवन कार्यालय में तीन घंटे से भी अधिक समय तक मौजूद रहे। सरकार दो मोर्चों पर काम कर रही थी- पहला संसद के बाहर सड़कों पर प्रदर्शन को संभालना और दूसरा संसद के भीतर विपक्ष के आक्रामक तेवरों का सामना करना। सरकार का आकलन है कि सोमवार के प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन दिया गया। इसमें मुख्य रूप से चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
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