NEET तो एक बहाना है असली बात क्या जनता ने सोंचा कि आखिर क्यों धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की पीछे पड़ा है विपक्ष और कॉक्रोच गैंग? धर्मेंद्र ने उस काम को अंजाम दिया है जो तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शिक्षा मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी कर रहे थे। जब भारतीय इतिहास को डॉ जोशी जीवंत कर रहे थे तब सरकार में शामिल पाखंडी धर्म निर्पेक्षों के दबाव में वाजपेयी ने जोशी को कदम पीछे करने को कहा था और जोशी को अपने कदम पीछे हटाने पड़े थे। क्योकि पाखंडी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां नहीं चाहती कि उनके दामादों का नाम इतिहास से ख़त्म हो।
कोई भी माता पिता अपने बच्चों को झगड़े झंझट से दूर रहने के लिए कहते हैं लेकिन जंतर मंतर में CJP के उत्पात में शामिल होने से बहुत से अभिभावकों ने अपने बच्चो को नहीं रोका जो वहां अपनी अपनी जुबान से मोदी और अन्य लोगों के गदंगी उगल रहे हैं। उनकी भाषा सुन कर (खासकर लड़कियों की) नहीं लगता वो किसी अच्छे खानदान से हैं। लड़कियां तो जो भाषा बोल रही है उन्हें देख कर लगता है वह भाषा “बाजारू औरतों” की है।
इन महिलाओं की बोली और भाषा से साबित हो रहा है कि ये सब संस्कारविहीन परिवारों से हैं। इनके माता-पिता और बुजुर्ग परिवार में ऐसी हो भाषा बोलते रहे हैं तभी ये महिलाएं अभद्र गालियां दे रही हैं। हकीकत यह है कि छात्रों के कन्धों पर बन्दुक रख और भारत विरोधी और गुंडे गुंडाई कर रहे हैं।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
फिर उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा, सोनम वांगचुक, अभिजीत दिपके, सौरव दास, प्रकाश राज, संजय सिंह, केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, डिंपल यादव, राहुल गांधी और अखिलेश यादव। इन लोगों को दंगबाजी में कुछ नहीं हुआ क्योंकि ये सब लोग पतली गली से निकल लिए कथित छात्रों को मरने के लिए छोड़ कर और अपने भेजे हुए पालतू गुंडों की कारस्तानी का शिकार होने के लिए।
मोदी की माँ को गाली दे रहे हैं, एक लड़की कहती है मेरे पीरियड्स में मेरा पैड भी उतना लीक नहीं होता जितने पेपर मोदी के लीक होते हैं। एक लड़की कहती है -"चूतियो! मुठ मारो/हम बच्चों को नहीं"। एक और लड़की ने कहा "गोली मार दूंगी साले उस मोदी को"। इन लोगों के दादा के उम्र के हैं मोदी। और कल इनके माता पिता पुलिस को कहेंगे। हमारे बच्चो से गलती हो गई, उन्हें माफ़ कर दो। तब कहने से क्या होगा जब आज नहीं रोका।
उधर संसद नहीं चलने दे रहा विपक्ष। वैसे तो 12 साल से संसद ठप कर रहा विपक्ष और हर बार नया फिजूल मुद्दा खड़ा कर लेते हैं । अबकी बार NEET और राम मंदिर पकड़ लिया। सरकार चर्चा को तैयार है लेकिन विपक्ष को बाहर हल्ला करना है। स्पीकर लोकसभा और सभापति राज्यसभा को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर हंगामा करने वालों को पूरे संसद सत्र के लिए सस्पेंड कर देना चाहिए। जनता का पैसा बर्बाद नहीं होना चाहिए।
दिल्ली मेट्रो ने सभी 16 स्टेशन सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए तो इस पर SCBA अध्यक्ष विकास सिंह चीफ जस्टिस के पास पहुंच गए कि सुप्रीम कोर्ट का मेट्रो स्टेशन खुलना चाहिए। और चीफ जस्टिस ने भी कह दिया कि लंच तक नहीं खुले तो हम दखल देंगे। मगर एक स्टेशन खोलने से कुछ नहीं होगा। सभी खोलने होंगे फिर सुरक्षा का जिम्मा किसका होगा? मुख्य न्यायाधीश को मेट्रो गेट खुलवाने से अपनी दिमाग को खोलना होगा यानि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो गेट से सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति भवन और संसद ज्यादा दूर नहीं। अगर उपद्रवी सुप्रीम कोर्ट में ही घुस गए फिर पुलिस और सरकार को रोने मत बैठ जाना।
सुप्रीम कोर्ट के वकील काले कोट पहने जंतर मंतर के हुड़दंगियों के साथ खड़े हो गए जैसे वो सब शरीफ लोग हों। विकास सिंह और शंकरनारायणन दिल्ली हाई कोर्ट में दहाड़ रहे थे कि पुलिस ने बर्बरता से “छात्रों” को पीटा लेकिन उन्हें यह दिखाई नहीं दिया कि पुलिस वालों को उन कथित “छात्रों” ने घेर घेर कर मारा। पेट्रोल पंप को नुकसान पहुँचाया, क्यों?
सबसे मजे की बात जंतर मंतर पर मौज करने वाले खाना खाते हुए बता रहे हैं कि उनके लिए खाना दुबई, कतर और बांग्लादेश के आर्डर पर आ रहा है।
70-70 साल पुराने नक्सली और 370 के कोढ़ और 17 साल पुराने PFI को ख़त्म करने वाली सरकार के लिए लिए तुम्हारी क्या औकात है। जिस दिन अपनी सी पे आ गई सरकार, उस दिन कॉकरोच दिखाई भी नहीं दोगे। केजरीवाल पंजाब के लिए पिच तैयार कर रहा है, उसके बहकावे में न आओ।

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