एक छात्र यश यादव है जो NEET 2026 पेपर लीक मामले में 13 में से एक है जो गिरफ्तार होकर जेल में पड़ा है। इस व्यक्ति ने किसी शुभम से पेपर 13 लाख रुपए में खरीदा और आगे जयपुर के मांगीलाल को 10 लाख रुपए में बेचा क्योंकि उसका बेटा भी NEET परीक्षा दे रहा था। CBI को इसके पैसे के लेन देन के सबूत मिल चुके हैं यानी Money Trail पकड़ी गई है। वह भी गंभीर मुद्दा है।
यह महाशय यश यादव को जेल में अपने मौलिक अधिकार याद आ गए और Rouse Avenue कोर्ट में अर्जी लगाई कि उसे NEET Re Exam में बैठने की अनुमति दी जाए क्योंकि परीक्षा देना उसका मौलिक अधिकार है और अभी तक उनके खिलाफ आरोप भी साबित होना बाकी है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
लेकिन हमारी कोर्ट तो मौलिक अधिकारों की विशेषज्ञ है। Rouse Avenue कोर्ट के जज साहब ने परीक्षा में बैठना उसका मौलिक अधिकार समझा और उसे Re - Exam में जेल के संरक्षण में बैठने की अनुमति दे दी और एक मिनट भी यह नहीं सोचा कि यह व्यक्ति लाखों छात्रों की पीड़ा के लिए जिम्मेदार है। उसके क्या मौलिक अधिकार हो सकते हैं? अगर आपको लगता था कि आरोप सिद्ध न होने तक वह निर्दोष है तो सीधी बेल ही दे देते।
गूगल सर्च किया मैंने जिसमे बताया गया कि यश यादव ने Re Exam पास नहीं किया क्योंकि NTA ने उसके रिजल्ट को रोक लिया। अब कल को वह यह भी याचिका लगा सकता है कि परीक्षा का नतीजा जानना उसका मौलिक अधिकार है और अगर वो पास होता है तो जुडिशल कस्टडी में ही उसे Counselling का भी अधिकार है।
पिछले 12 साल में मौलिक अधिकारों की जिसमें उलजुलूल बोलने का अधिकार और प्रदर्शन का अधिकार मुख्यतः शामिल है, अदालतों द्वारा पुरजोर वकालत की रही है। कोर्ट ने यश यादव को Re Exam में बैठने के मौलिक अधिकार की मांग को देख यह पूछने की जरूरत नहीं समझी कि क्या पेपर लीक करना भी तुम्हारा मौलिक अधिकार था?
अब कई वीडियो आ रहे हैं जिनमें प्रधानमंत्री मोदी, सेना और पुलिस के लिए गलियां देने वाले माफ़ी मांगते नज़र आ रहे हैं। उनकी माफ़ी पर उनसे पूछना चाहिए कि तुम्हे ऐसी अश्लील बकवास करने के लिए किसने कहा था? सौरव दास कहता है वो तो प्रधानमंत्री पर हल्का फुल्का मजाक था और यह उनका मौलिक अधिकार है। उनके वीडियो मीडिया से हटाना Censorship लगाना होगा। फिर वह कैसे कहता है कि जंतर मंतर पर जो हुआ उसके लिए “गटर Z” जिम्मेदार नहीं है?
आज एक खबर और भी है कि अभिजीत दिपके, कुणाल कामरा और सोनम वांगचुक के खिलाफ चंडीगढ़ कोर्ट में एक याचिका दायर उन पर FIR दर्ज करने की मांग की गई है क्योंकि उन्होंने हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और हिंदू देवी देवताओं का मजाक उड़ाया। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 18 अगस्त तारीख तय की है। दिपके और वांगचुक कुणाल कामरा के भगवान राम और सीता माता पर मजाक उड़ाने पर हंस कर उसका समर्थन कर रहे थे।
सबका नंबर लगेगा!

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