महाभारत में दुर्योधन ने कहा था एक वन में दो सिंह नहीं रह सकते जिसका मतलब था युधिष्ठिर और दुर्योधन दोनों युवराज हैं, उनमें से एक ही रहेगा और भीष्म पितामह ने हस्तिनापुर के बंटवारे की घोषणा कर दी।
ठीक उसी तरह मुस्लिम लीग का मोहम्मद अली जिन्ना अड़ गया कि मुस्लिम हिंदुओं के साथ नहीं रह सकते।
भारत दो राष्ट्र हैं, एक हिंदू राष्ट्र और एक मुस्लिम राष्ट्र”। इसलिए हमें मुसलमानों के लिए अलग मुल्क चाहिए और भारत के स्वघोषित पितामह गांधी अपने पिट्ठू नेहरू के साथ मिलकर पाकिस्तान देने के लिए तैयार हो गए। गांधी कहते थे देश का बटवारा उनकी लाश पर होगा लेकिन हिंदुओं की लाशों पर हुआ और गांधी को कुछ नहीं हुआ। मुस्लिम पूरी तरह कौरवों की तरह देश के विभाजन पर अड़े थे।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
गाँधी की देशभक्ति उस समय मिली जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जिन्दा या मुर्दा ब्रिटिश सरकार को सौंपने के agreement पर गाँधी के साथ साथ अन्य कांग्रेस नेताओं ने साइन किया था, क्यों? जबकि देश को आज़ादी दिलाने में नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर पार्टी और भगत सिंह पार्टी का बलिदान। है फिर देशवासियों को बताया जाता है कि गाँधी और कांग्रेस ने आज़ादी के लड़ाई लड़ी। क्या स्वांग रचा गया? मुस्लिम कट्टरपंथी और पाखंडी सेक्युलरिस्ट्स और संविधान की दुहाई देने वाले गाँधी के नाम की माला इसलिए जपते हैं क्योकि मुस्लिम तुष्टिकरण के जन्मदाता अंग्रेज़ और महात्मा गाँधी हैं।
दूसरे, जेहादियों और उपद्रवियों द्वारा victim card खेलने का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से महात्मा गाँधी ही जिम्मेदार है। याद करो जब स्वामी श्रद्धानन्द की हत्या करने वालों के लिए गाँधी ने कहा था कि मेरे मुसलमान भाई किसी की हत्या नहीं कर सकते। शर्म आती है उन एंकरों और उन प्रवक्ताओं पर जो मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा नाथूराम गोडसे को पहला आतंकवादी कहने पर मुंह तोड़ जवाब दे सकें। किसी ने माँ का दूध नहीं पिया जो उन कट्टरपंथियों से पूछ सके कि गाँधी की हत्या से पहले स्वामी श्रद्धानन्द और राजपाल की हत्या किसी गोडसे ने नहीं बल्कि मुसलमानों ने की थी। मीडिया को भी अपनी TRP की फ़िक्र रहती है सच्चाई बताने की नहीं।नाथूराम गोडसे से गांधी का पाकिस्तान को 55 करोड़ रुपया विभाजन के बाद भी देना सहन नहीं हुआ और फिर गांधी वध को RSS के नाम पर फोड़ते हुए कांग्रेस हर चुनाव में Gandhi Vadh Dividend भुनाती रही।
गांधी खुलेआम कहते थे हिंदुओं को अगर मुस्लिम क़त्ल करें तो सहर्ष स्वीकार करें, उनकी महिलाओं का बलात्कार करें तो विरोध न करें। मंदिरों को नमाज पढ़ते थे गांधी लेकिन किसी मस्जिद में रामायण या गीता पाठ नहीं करते थे। ऐसे थे ये पितामह जो धर्म से कथित तौर पर हिंदू थे और कर्म से मुस्लिम।
अफ़सोस की बात है गांधी का अपमान करने को दंडात्मक अपराध बना दिया गया लेकिन भगवान राम, शंकर जी और कृष्ण जी के अपमान की खुली छूट दी गई है। कैसा संविधान दिया बाबा साहब ने?
उनका शागिर्द नेहरू तो शकुनि का अवतार था। शकुनि हस्तिनापुर को तबाह करने आया था और नेहरू ने उसी की तरह भारत के टुकड़े टुकड़े कर इधर उधर बाँट दिए। जिसको जितना चाहिए काट काट ले जाए। ऐसा लगा जैसे टुकड़े टुकड़े गैंग को शुरू ही नेहरू ने किया।
दुर्योधन जैसे हस्तिनापुर से संतुष्ट नहीं था और वो पांडवों का इंद्रप्रस्थ भी हड़पना चाहता था वैसे ही मुस्लिम पाकिस्तान लेकर भी संतुष्ट नहीं थे। एक तिहाई कश्मीर नेहरू ने दे दिया और नारा लगाते थे -”लड़ के लिया है पाकिस्तान, हंस के लेंगे हिंदुस्तान”। कांग्रेस और अन्य सेकुलर कीड़े उसके मिशन को पूरा करने के लिए चाहते है “लड़ के ले गए पाकिस्तान, हम हंस के देंगे हिंदुस्तान”।
लेकिन पाकिस्तान और भारत में उनके चाहने वालों को याद रखना चाहिए कि कौरव पूरी तरह समाप्त हो गए और आज उसी तरह पाकिस्तान भी खात्मे की कगार पर है। हिंदुस्तान तो क्या एक इंच भूमि भी न लड़ के ले सकता है और न हंस के ले सकता है बल्कि खुद ही खंड खंड हो जायेगा।
यही एकरूपता है महाभारत और 1947 में भारत के विभाजन की। जो अंग्रेज़ (ब्रिटेन) पाकिस्तान बना कर गए थे वो खुद आज एक इस्लामिक मुल्क बनने की ओर बढ़ रहे है।
| साभार सोशल मीडिया |
भारत माता की जय!


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