किस हैसियत से तिलचट्टे स्कूलों में निरीक्षण करने जा रहे हैं? जिलाधिकारी की अनुमति के बिना कोई उन्हें स्कूल में न घुसने दे

सुभाष चन्द्र

कॉकरोच जिसे तिलचट्टा या मकोड़ा कहा जाता है, जिसे मारने के लिए लोग चप्पल या झाड़ू का इस्तेमाल करते हैं। मजे की बात यह है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल जिसकी पार्टी का चुनावी चिन्ह ही झाड़ू है, देखना है कि अपनी पार्टी के खतरा बनते केजरीवाल झाड़ू का इस्तेमाल अपने ही पाले कॉकरोच के लिए करेंगे? कहते हैं ना इतिहास लिखा नहीं जाता दोहराया जाता है, केजरीवाल ने बीजेपी का विरोध करने के लिए कांग्रेस के कंधे पर बैठ कांग्रेस को ही जितना नुकसान पहुँचाया उतना किसी और ने नहीं। लेकिन राजनीतज्ञों का मानना है कि केजरीवाल ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। क्योकि केजरीवाल के पाले में राहुल एक के एक गोल दागने में लगा है।      

महाराष्ट्र, बंगाल और राजस्थान के स्कूलों ये अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका अपने चमचों के साथ किस हैसियत से निरीक्षण करने गए? क्या ये कोई शिक्षा विभाग के अधिकारी हैं, ये कौन होते हैं स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार कार्यक्रम चलाने वाले? 

लेखक 
चर्चित YouTuber  
अक्सर स्कूलों में चौकीदार/गार्ड ही आने वाले नए अनजान आगंतुक को रोक लेता है और स्कूल में किससे मिलना है क्यों मिलना है, 50 तरह के सवाल करता है और फिर स्कूल प्राध्यापक या संबंधित अधिकारी से अनुमति लेकर ही उसे अंदर जाने देता है लेकिन ये लोग तो लगता है जबरन घुस गए

अभी ये लोग जंतर मंतर पर मचाये उत्पात के लिए सरकार और सुप्रीम कोर्ट के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं कि हमारे लोगों पर दर्ज केस वापस लो फिर भी ये गैर कानूनी घुसपैठ कर स्कूलों में माहौल बिगाड़ने की कोशिस कर रहे हैं

अभिजीत दिपके कहता है वो कोई Politician नहीं है और CJP कोई पोलिटिकल पार्टी नहीं है फिर क्यों खुजली हो रही है भाजपा शासित राज्यों में अराजकता फ़ैलाने की? पंजाब, हिमाचल, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना क्यों नहीं जा रहे? क्या वहां गावों में स्कूल नहीं हैं?

अच्छा हुआ सब जगह इनकी ठुकाई हो रही है और जनता खदेड़ कर भगा रही है हर राज्य सरकार को चाहिए कि वो घोषणा करे कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति किसी भी अनजान व्यक्ति को स्कूलों में न घुसने दे और स्कूलों के प्राध्यापक जिलाधिकारी का अनुमति पत्र देख कर ही किसी को अनुमति दे वैसे जिलाधिकारियों को भी निर्देश होने चाहिए कि CJP के किसी व्यक्ति को स्कूल के हालात की जानकारी लेने के लिए अनुमति न दे क्योंकि वो कोई सक्षम अधिकारी नहीं हैं 

CJP ने खुद नहीं बताया कि जंतर मंतर पर कितने लोगों को पैलेट गन लगी लेकिन राहुल गांधी एक मुस्लिम को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंच गया आज पहली बार अख़बार में पढ़ा कि पैलेट गन से 3 लोग घायल हुए इस पैलेट गन के प्रभाव से व्यक्ति बुरी तरह घायल हो जाता है लेकिन जो व्यक्ति राहुल गांधी के साथ गया, उसे देख कर नहीं लग रहा था कि उसे कोई जख्म हुए हैं? 

अब पुलिस जांच करेगी और जब मेडिकल होगा तो पता चलेगा कि क्या पैलेट गन लगी भी थी या नहीं ऐसा कहा गया है कि उसका इलाज AIIMS में हुआ था तो उसके इलाज की prescription में लिखा होगा कि injury किस वजह से हुई ये सब दस्तावेज राहुल गांधी को FIR लिखवाने के लिए जमा करने चाहिए थे जो शायद नहीं किए और बस धरने पर बैठ गया पैलेट गन लगी 20 जुलाई को और पुलिस थाने गया एक महीने बाद यानी राहुल गांधी ने एजेंडा सेट किया पहले। दूसरे, जब जंतर मंतर पर बीजेपी के गुंडे थे फिर बीजेपी के गुंडे के चोट लगने पर राहुल समेत सारा विपक्ष क्यों बिलबिला है?  

पैलट गन के एक शाट से अनेकों आदमी घायल होते है जैसा कि पता चला है, लेकिन सुरक्षा बलो पर जंतर मंतर पर छात्रों के मोब पर पैलट गन चलाने का जो तथाकथित आरोप लगा है उसमें सिर्फ एक ही तथाकथित छात्र घायल हुआ और वह भी सीधा राहुल गांधी के पास गया, आपने राहुल गांधी की खुद की फोटो में देखी होगी कि दोनों खूब हंसी मजाक कर रहे हैं अपनी लाइफ एंजॉय कर रहे हैं और साथ ही विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं।
सेल्फ गोल-दिल्ली थाने में युवराज पैलेट गन से घायल हुए बंदे को साथ लेके FIR लिखवाने पहुंचे T-shrit वाले को पैलेट गन से चोट लगी है जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरानअब इनकी कहानी मे इतने झोल हैं कि क्या ही कहा जाए?
* प्रोटेस्ट मे पैलेट गन चलते किसी ने नहीं देखा किसी मीडिया किसी यूट्यूबर की वीडियो मे रिकार्ड नहीं हुआ;
* उस पैलेट गन से हज़ारों की भीड़ मे सिर्फ एक बंदा घायल हुआ, जबकि घायल कई लोगों को होना था;
* इसके अलावा कोई भी पैलेट गन से घायल बंदा आजतक सामने नहीं आया शायद चलाने वाला ही ऐसा निशानची रहा होगा कि सारे छर्रो ने इतनी भीड़ मे इसी बंदे को ढूंढा और इसे ही लगे, सिनेमा में होता है ऐसा

भई FIR तो बनती है पता तो चलना चाहिए कि आखिर इन कहानियो का लेखक कौन है और वो कौन सी पत्ती सूँघ कर ऐसी कहानियां लिखता है?

हर राज्य की सरकार को CJP के गुंडों को स्कूलों में घुसने से रोकना चाहिए और केवल एक शर्त लगा कर हो सकता है कि जिलाधिकारी की अनुमति लाओ फिर भी जबरदस्ती करें तो गिरफ्तार कर लो

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