RSS, चीन और मोदी के काम... वो 3 मुद्दे जिसके कारण विवादों में है सोनिया गांधी की किताब का प्रकाशन


कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुचर्चित संस्मरण पुस्तक ‘बिलोन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने अपना पक्ष साफ कर दिया है। प्रकाशन समूह ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत में इस किताब का प्रकाशक नहीं है। साथ ही उसने उन खबरों को भी सही नहीं बताया, जिनमें कहा गया था कि संपादकीय बदलावों को लेकर कथित असहमति के बाद पेंग्विन ने किताब के प्रकाशन से कदम पीछे खींच लिया।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब 'बिलांगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के भारत में प्रकाशन का विवाद गहराता जा रहा है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब प्रकाशित न करने का फैसला लिया है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, किताब में तीन प्रमुख मुद्दों से जुड़े अंश विवाद का केंद्र बने।

ये तीन मुद्दे हैं

  • पहला- चीन की सीमा पर अतिक्रमण: किताब में भारतीय सीमा पर चीनी घुसपैठ और मौजूदा सीमा स्थिति का जिक्र है। जिसमें कहा गया है कि संसद में इस मुद्दे को लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाया गया लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
  • दूसरा- पीएम मोदी का नेतृत्व और केंद्र सरकार की नीतियां: सोनिया गांधी ने मोदी के कार्यशैली और कई प्रमुख नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
  • तीसरा- आरएसएस की भूमिका: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्रीय मामलों और सामाजिक ढांचे पर प्रभाव को लेकर उनके विचार शामिल हैं।  

पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ‘बिलोन्गिंग’ का भारत में प्रकाशन उसके जिम्मे नहीं है। कंपनी ने कहा कि यह कहना कि उसने लेखिका द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं करने के कारण किताब प्रकाशित करने से इनकार कर दिया, परिस्थितियों को सही तरीके से पेश नहीं करता।

प्रकाशक ने यह भी कहा कि वह किताब प्रकाशित करने को लेकर अब भी इच्छुक था। कंपनी के मुताबिक, किसी पुस्तक के प्रकाशन से पहले तथ्य-जांच करना और लेखक को संपादकीय सुझाव देना प्रकाशक की सामान्य जिम्मेदारी का हिस्सा है।

पेंग्विन ने कहा कि संबंधित बातचीत के दौरान उसका रुख यही था कि वह किताब प्रकाशित करने के लिए तैयार और इच्छुक है। हालांकि, कंपनी ने लेखिका के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब की सामग्री में कुछ संपादकीय बदलाव सुझाए थे और कथित तौर पर इन्हें लेकर लेखिका के साथ सहमति नहीं बन सकी।

हालांकि, पेंग्विन के ताजा बयान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि भारत में वह इस किताब की प्रकाशक ही नहीं है। कंपनी ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि तथ्य-जांच और संपादकीय सुझाव प्रकाशन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।

ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में सोनिया गांधी की यह किताब किस प्रकाशन संस्था के जरिए और कब उपलब्ध होगी।

सोनिया गांधी की संस्मरण पुस्तक ‘बिलोन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ के प्रकाशन की घोषणा अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ ने 18 अगस्त को की थी। किताब के 10 नवंबर को प्रकाशित होने की घोषणा की गई थी।

अल्फ्रेड ए. नॉफ, नॉफ डबलडे पब्लिशिंग ग्रुप का हिस्सा है, जो पेंग्विन रैंडम हाउस एलएलसी के अंतर्गत आता है। इसकी मूल कंपनी बर्टेल्समैन एजी है, जो एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी है।

सोनिया गाँधी की जिन्दगी के कई अहम् पहलुओं पर आधारित किताब 

‘बिलोन्गिंग’ में सोनिया गांधी के जीवन के व्यक्तिगत और राजनीतिक पहलुओं को सामने रखा गया है। किताब उनके युद्ध के बाद के इटली में बीते बचपन से शुरू होकर भारत आने तक की यात्रा को सामने लाती है।

संस्मरण में राजीव गांधी के साथ उनके रिश्ते और विवाह के साथ-साथ उनके जीवन में आए बड़े व्यक्तिगत दुखों का भी जिक्र है। इसमें उनकी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तथा पति राजीव गांधी की हत्या से जुड़े दुखद दौर को भी शामिल किया गया है।
किताब सोनिया गांधी के भारत के राजनीतिक जीवन में प्रवेश और कांग्रेस में उनकी लंबी भूमिका पर भी प्रकाश डालती है। प्रकाशित विवरण के मुताबिक यह संस्मरण भारत में पिछले छह दशकों के सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी सोनिया गांधी के अनुभवों के नजरिए से देखता है।

कैम्ब्रिज से शुरू हुई राजीव गांधी से मुलाकात

किताब की कहानी 1965 के कैम्ब्रिज से शुरू होती है. उस समय 19 साल की सोनिया माइनो पढ़ाई के लिए इंग्लैंड में थीं यहीं उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई. किताब के मुताबिक, यह मुलाकात आगे चलकर प्यार और शादी में बदल गई. सोनिया की जिंदगी भारत से जुड़ गई भारत आने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे इंडियन लाइफस्टाइल और कल्चर को अपनाया उन्होंने हिंदी सीखी, साड़ी पहनना सीखा और भारतीय खान-पान को भी अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया

इंदिरा गांधी और गांधी परिवार की कहानी

Belonging में सोनिया गांधी के इंदिरा गांधी के साथ रिश्ते और उनके अनुभवों का भी जिक्र है किताब में गांधी परिवार पर आए मुश्किल दौर को भी जगह दी गई है. इसमें राजीव गांधी के भाई संजय गांधी की विमान हादसे में मौत और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद परिवार की स्थिति के बारे में बताया गया है इसके बाद सोनिया की इच्छा के बावजूद राजीव गांधी राजनीति में आए और देश के प्रधानमंत्री बने

राजीव गांधी की हत्या का भी जिक्र

किताब का एक अहम हिस्सा राजीव गांधी की 1991 में हुई हत्या से जुड़ा है राजीव गांधी की चुनाव प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी किताब के पब्लिशर के अनुसार, सोनिया गांधी ने इस घटना और उसके बाद अपने जीवन में आए बदलावों को भी अपने नजरिए से बताया है

राजनीति में आने का फैसला

राजीव गांधी की मौत के बाद सोनिया गांधी ने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी हालांकि, बाद में उन्होंने कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाली वह लंबे समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं किताब में उनके राजनीतिक सफर और पार्टी के नेतृत्व से जुड़े अनुभवों को भी शामिल किया गया है

प्रधानमंत्री पद ठुकराने का फैसला

सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन का सबसे चर्चित फैसला 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करना था कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को लोकसभा चुनाव में बहुमत मिलने के बाद सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया था, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने और यूपीए सरकार ने केंद्र में सत्ता संभाली

जबकि उस समय चर्चा थी कि इनकी विदेशी होना सबसे बड़ा मुद्दा था। जबकि वह समर्थकों के साथ-साथ अपना प्रधानमंत्री पद के दावे का पत्र लेकर तत्कालीन महामहिम डॉ कलाम के पास गयीं थी, जिसे अस्वीकार कर दिए जाने के बाद डॉ मनमोहन सिंह को एक मोहरा बनाकर प्रधानमंत्री बनाया गया था।   

राहुल गाँधी ने माँ की किताब पर जताई ख़ुशी 
राजीव गांधी की 82वीं जयंती के मौके पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी मां की किताब को लेकर उत्साह जताया था।
उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी और गर्व है कि उनकी मां की कहानी अब उन लाखों लोगों तक पहुंचेगी, जो उनसे प्यार करते हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि सोनिया गांधी जैसे निजी स्वभाव वाले व्यक्ति के लिए अपनी जिंदगी की कहानी दुनिया के सामने रखना आसान नहीं रहा होगा।
उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी का जिक्र करते हुए कहा था कि उनकी जयंती के दिन उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि उनके पिता अपनी सोनिया को देखकर गर्व महसूस कर रहे होंगे।
79 वर्षीय सोनिया गांधी कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक पार्टी अध्यक्ष रहने वाली नेता हैं। उनका संस्मरण उनके निजी जीवन, परिवार, राजनीति और भारत के साथ उनके रिश्ते के कई पहलुओं को सामने लाने वाला बताया गया है।
किताब में इटली में बिताए बचपन, राजीव गांधी से मुलाकात और विवाह, नेहरू-गांधी परिवार में प्रवेश तथा इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद जीवन में आए बदलावों का जिक्र है।
अब किताब कौन प्रकाशित करेगा? 
पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया के ताजा स्पष्टीकरण के बाद अब इस बात पर नजर है कि ‘बिलोन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ भारत में किस प्रकाशक के जरिए जारी होगी।
फिलहाल पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने यह जरूर साफ कर दिया है कि वह भारत में इस किताब का प्रकाशक नहीं है और उसने संपादकीय बदलावों को लेकर उससे जुड़े दावों को परिस्थितियों का सही चित्रण नहीं बताया है।
किताब के अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन की घोषित तारीख 10 नवंबर है, लेकिन भारत में इसके प्रकाशन की तारीख और प्रकाशक को लेकर तस्वीर अभी साफ होना बाकी है।
सोनिया गांधी की किताब ‘बिलोन्गिंग’ को लेकर विवाद क्या है?
रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत में किताब के प्रकाशन को लेकर संपादकीय बदलावों पर असहमति हुई। हालांकि, पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि वह भारत में इस किताब की प्रकाशक नहीं है और मामले को केवल संपादकीय बदलावों से जोड़ना सही नहीं है।
क्या पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया भारत में ‘बिलोन्गिंग’ प्रकाशित करेगा?
फिलहाल पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह भारत में ‘बिलोन्गिंग’ का प्रकाशक नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह किताब प्रकाशित करने को लेकर इच्छुक थी।
पेंग्विन ने संपादकीय बदलावों पर क्या कहा?
पेंग्विन के मुताबिक, किताबों की तथ्य-जांच करना और लेखकों को संपादकीय सुझाव देना प्रकाशक की सामान्य जिम्मेदारी है।
क्या पेंग्विन और सोनिया गांधी के बीच हुई बातचीत की जानकारी सामने आई है?
नहीं। पेंग्विन ने कहा है कि लेखक के साथ हुई बातचीत गोपनीय थी, इसलिए वह इसके बारे में आगे टिप्पणी नहीं करेगा।
भारत में सोनिया गांधी की किताब कौन प्रकाशित करेगा?
अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कई भारतीय प्रकाशक किताब के भारतीय अधिकारों में रुचि रखते हैं और हार्परकॉलिन्स का नाम भी सामने आया है।
‘बिलोन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ में क्या बताया गया है?
संस्मरण में सोनिया गांधी के इटली में बचपन, राजीव गांधी से मुलाकात और विवाह, भारत आने के अनुभव तथा नेहरू-गांधी परिवार से जुड़े उनके जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को शामिल किया गया है।



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