केजरीवाल की नाजायज औलादों ने पहले दिल्ली में गुंडागर्दी मचाई और फिर राजस्थान गए भाजपा सरकार को अस्थिर करने के लिए। उधर राहुल गांधी “छात्रों को अपनी गूंज” सुना रहा था।
लेकिन पहले राजस्थान में पिटे और आज दिल्ली के छात्रसंघ के चुनाव में सबकी लुटिया डूब गई। DUSU के 4 पदों में से 3 विद्यार्थी परिषद जीत गई और एक निर्दलीय उपाध्यक्ष बना जो कहते हैं कांग्रेस का बागी है। यानी कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो गया। और राहुल गांधी अपने गुरु योगेंद्र यादव के कहने पर सड़क से सरकार चलाने के सपने देख रहा था।
![]() |
| लेखक चर्चित YouTuber |
राजस्थान में 10 निगमों में से 4 में सीधे भाजपा के मेयर बने और भरतपुर में निर्दलीयों के साथ आपने मेयर बना लिया। कांग्रेस का केवल एक निगम में मेयर बना। बाकी 4 में भाजपा मेयर बना लेगी।
राजस्थान में 2021 के मुकाबले भाजपा का वोट 4% बढ़ा और कांग्रेस का 4% गिरा। निर्दलीयों का डेढ़ प्रतिशत बढ़ा। भाजपा को कुल 4139 सीट मिली जबकि कांग्रेस को 3613 और निर्दलीयों को 2273 सीट मिली। बस निर्दलीयों की सीट देख कर कुछ सिरफिरे कहते फिर रहे थे कि भाजपा हार गई और अब उत्तर प्रदेश को संभाल के रखे भाजपा।
कॉकरोच जनता पार्टी जो केजरीवाल की छत्रछाया में पल रही है और राहुल गांधी की “गूंज” पानी के बुलबुले की तरह हैं जो कब फट जाए पता नहीं चलता।
JNU में वामपंथी छात्रसंघ पर कब्ज़ा बनाए हुए हैं लेकिन एक दिन वहां भी अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा।

No comments:
Post a Comment