वैश्विक नेता हमारे बहादुर कैप्टन स्मित मछार की तारीफ कर रहे हैं लेकिन भारत का “बैसाखनंदन’ गमजदा खामोश बैठा है

सुभाष चन्द्र

भारतीय विपक्ष मुस्लिम वोटबैंक भक्ति में इतना ज्यादा अंधा हो चुका है कि कैप्टेन स्मित मछार की बहादुरी पर दो लब्ज बोलने तक में शर्म आ रही, अगर यही बहादुरी किसी मुस्लिम पायलट ने दिखाई होती तारीफों की बारिश कर रहे होते। लेकिन पायलट हिन्दू होने की वजह से पता नहीं कहां छिपे बैठे हैं?   

फ्लाई दुबई के विमान को क्रैश करने के मंसूबे को फेल करने वाले भारतीय बहादुर कैप्टन स्मित मछार की वैश्विक नेता प्रशंसा कर रहे हैं। उन 180 यात्रियों में 169 इज़रायली थे। 

सितम्बर 3 को इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्मित से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें इज़रायल और भारत का हीरो बताया। नेतन्याहू ने उन्हें परिवार सहित प्रधानमंत्री मोदी के साथ इज़रायल के अगले स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का भी न्योता दिया। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसे “परम हीरो” (Absolute Hero) कहा और घायल होते हुए भी हमलावर के प्लेन क्रैश करने के मंसूबे ध्वस्त करने की प्रशंसा की।

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UAE के प्रिंस Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid Al Maktoum अस्पताल में जाकर कैप्टन स्मित से निजी तौर पर मिले, उनके साहस की प्रशंसा की और कहा कि उन्हें स्मित के हमारे देश का हिस्सा होने पर गर्व है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कैप्टन स्मित मछार की तारीफ कर चुके हैं और उनके अदम्य साहस की सराहना कर चुके हैं। उसके बाद मोदी जी ने उसके साथ वीडियो पर भी बात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

लेकिन भारत के विपक्ष को सांप सूंघ गया है। देश का LoP जो हर बात में अपनी मुंडी घुसेड़ता है और “बैसाखनंदन” की तरह रेंकता रहता है, पूरी तरह खामोश है। उसकी ख़ामोशी केवल मुस्लिमों को खुश करने के लिए नहीं है बल्कि यह इशारा करता है कि वो जब मई, 2026 में गुप्त रूप से ओमान गया था, तब ही कोई टूल किट तैयार करके आया था लेकिन सारा खेल बिगड़ गया। इज़रायल की जाँच एजेंसी मोसाद को इस नज़रिये से भी जांच करनी चाहिए कि राहुल गांधी ओमान में किस किस से मिला था।

आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि इस घटना से दुनिया के लोगों का मुस्लिम कौम से भरोसा उठ चुका है, कब किसके साथ वह विश्वासघात कर दें, इसकी कोई सीमा नहीं है, इसलिए आज इज़रायल के सभी लोगों की मांग है कि इस्लामिक कट्टरता वाले पायलटों को हमेशा के लिए बैन कर देना चाहिए ताकि भविष्य में फिर कोई ऐसी घटना देखने को न मिले”।

लेकिन कट्टर होने या न होने में बहुत बारीक लाइन है। आज जो कट्टर नहीं है, जरूरी नहीं वह कल भी वैसा ही रहेगा। मौका मिल गया या बहक गया तो वह भी उस राह पर चल सकता है।

लेकिन सभी एयरलाइंस को फ्लाइट एक 4 दिन पहले यात्रियों को बता देना चाहिए कि फ्लाइट के पायलट और crew member कौन होंगे? अगर यात्री चाहें तो उनकी फ्लाइट बदल देनी चाहिए।

कांग्रेस और राहुल गांधी को अपनी चुप्पी पर शर्म आनी चाहिए। कोई उम्मीद नहीं कर रहा कि राहुल कुछ बोलेगा। लेकिन उसे याद रखना चाहिए कि वो जो चुपचाप गुप्त विदेश यात्राओं पर खिसक जाता है, कभी ऐसा हादसा उसके साथ भी हो सकता है और जान भी जा सकती है।

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