उमरा करने गए बांग्लादेशी युगल शीरी अख्तर और नजमुल द्वारा नमाज के बाद 'किस' करने पर "सजा-ए-मौत" का फरमान


उमरा करने मक्का पहुँचे कपल को सिर धड़ से जुदा का फरमान मिला, और अब दोनों की लाश ताबूत मेें बंद होकर लौट आई है।

खबरों की माने, तो बांग्लादेशी युगल शीरी अख्तर और नजमुल उमरा करने सऊदी अरब गए।
मक्का की एक मस्जिद में उन्होंने नमाज अदा किया और भाव विभोर होकर एक दूसरे से गले लग गए और एक दूसरे को "किस" (चूम) लिया। इस वक्त दोनों की आँखों से आँसू बह रहे थे। जाहिर है, दोनों भाव-विभोर होंगे।
कुछ धार्मिक यात्राएँ एक सपना होती हैं। ऐसे में जब एक सपना पूरा हुआ, तो दोनों खुशी से झूम उठे। उन दोनों ने यह किसी अश्लीलता की वजह से नहीं किया था बल्कि भाव विभोर होकर किया था।
इस पल को किसी बेहूदा ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। फिर सऊदी अरब की तालिबानी हुकूमत ने "सजा-ए-मौत" दे दिया।
कहाँ है वो मोहब्बत के ठेकेदार, महिला और मानवाधिकार आयोग के रखवाले... इस घटना को लेकर मुँह सिले बैठे हैं।
भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के एक भी मुस्लिम को इस घटना के खिलाफ लिखते या बोलने की फुरसत नहीं। शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर गाड़े बैठे हैं।
बताया जा रहा है कि इस कपल की एक आठ वर्षीय बेटी भी है, जो अब अनाथ हो गई। इन्हें मारने से पहले उस बच्ची के बारे में सोच लेते।
वह लोग जो शरिया कानून की बात कर रहे हैं, वह बताएँगे कि फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो सऊदी अरब में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बिना शादी के रह रहे थे, वह क्या था?
दरअसल, सऊदी अरब में बिना शादी के एक कपल साथ नहीं रह सकता है। यह वहाँ का कानून है।
इसका मतलब विदेशी यदि अरबपति हो, तो शरिया कानून अनदेखा करेगा, लेकिन वह गरीब हुआ, तो सिर तन से जुदा हो जाएगा।
...और कोई कुछ नहीं कहेगा। ना अपने इस्लाम को मानने वाले, ना ही मानवाधिकार आयोग वाले।

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