RSS (संघ) से क्यों घबराए रहते हैं कांग्रेसी और अन्य सेक्युलर दल?

सुभाष चन्द्र

आरएसएस की आलोचना करने वालों को मालूम होना चाहिए कि एक आज़ादी के बाद पाकिस्तान के बहुचर्चित अंग्रेजी दैनिक ने लिखा कि अगर आरएसएस की स्थापना 10 साल पहले हो गयी होती बटवारा नहीं होता; दो, संघ की तर्ज पर कांग्रेस ने कांग्रेस सेवा दल बनाया लेकिन संघ की तरह काम करने में नाकाम रहा; तीन, अगर संघ राष्ट्र विरोधी होता तो 1962 इंडो-चीन युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 26 जनवरी परेड में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया जाता।     

कांग्रेस और वामपंथी तो संघ के जन्मजात शत्रु हैं। वो दोनों तो देश और सेना के भी खिलाफ रहते हैं। एक JNU का कन्हैया कुमार है जो कहता था कि सेना के जवान बलात्कार करते हैं और अब कांग्रेस के शहजादे की करीबी नई नवेली पगलेट नेहा बोरा कह रही है कि मंदिरों में ब्राह्मण और पुजारी लड़कियों का बलात्कार करते हैं। कोई तजुर्बा हुआ है क्या इस नामुराद लड़की को? इसने यह भी कहा था कि वह संघ और भाजपा को भारत की धरती से ख़त्म करना चाहती है। संघ और भाजपा क्या हलवा है जो खा जाएगी।

लेखक 
चर्चित YouTuber 
तमिलनाडु में स्टालिन सरकार हर बार संघ के स्थापना दिवस के मौके पर पथ संचलन पर रोक लगा देती थी और हाई कोर्ट से फटकार मिलने पर इज़ाज़त देनी पड़ती थी। अबकी बार विजय जोसेफ ने भी ऐसा ही बैन लगाया लेकिन हाई कोर्ट के जस्टिस V Lakshminarayanan ने उस रोक को हटा दिया और 25 अक्टूबर से एक नवंबर तक होने वाले पथ संचलन की 128 locations पर अनुमति दे दी। पथ संचलन में Zoho के निर्माता Sridhar Vembu ने भी हिस्सा लिया और युवकों से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय रहने का आह्वाहन किया।

राहुल गांधी और उसकी ब्रिगेड संघ को अपना शत्रु मानती है लेकिन इज़रायल के शोधकर्ता येशाया रोसेनमन ने अपने RSS से अपने अनुभव को सकारात्मक बताते हुए कहा है कि संघ में मेहनत समर्पण और समाजसेवा पर दिए जाने वाले जोर की सराहना का है।  उन्होंने कहा कि संघ में जाति या रुतबे का भेद नहीं, मेहनत से ही अवसर हैं।

अब अमेरिका में RSS Friends नाम की संस्था ने अमेरिका के कानून FARA में रजिस्ट्रेशन कराया है जिसने कांग्रेस को मिर्ची लगा दी। सैम पित्रोदा उछल कर बोला कि संघ विदेशों में lobbying कर रहा है और संघ की विदेशी फंडिंग के जाँच होनी चाहिए। जयराम रमेश बोला कि “This is hardly the first time that RSS has betrayed national interest”.

बड़े श्याणे हैं पित्रोदा और जयराम रमेश! खुद की पार्टी भारत में होते हुए Indian Overseas Congress क्यों बना रखी है? फिर RSS समर्थकों ने संस्था बना ली तो तकलीफ क्यों है? और पित्रोदा जॉर्ज सोरोस ने 10 बिलियन डॉलर मांगता है सरकार उखाड़ने के लिए। शहजादे राहुल गांधी का कहना ही क्या जो विदेशों में जाकर भारत में लोकतंत्र बहाल करने की भीख मांगता है। उसका तो पता ही नहीं विदेश यात्राओं की उसकी फंडिंग कौन करता है?

संघ 100 वर्ष चल रहा एक अटूट संगठन है या कहें को यह एक गंगा की बहती अविरल धारा है जिसमें स्नान करोगे तो इसकी पवित्रता पता चलेगी, उसे रोज रोज गाली देने से कुछ नहीं होगा। यह कांग्रेस नहीं है जो 138 साल में कई बार टूट फूट ली और आज भी टूटी फूटी हुई है।

No comments: