अमेरिका ने भारत को 93 मिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को दी मंजूरी (फोटो साभार: हिंदुस्तान)
अमेरिका ने भारत के लिए 93 मिलियन डॉलर (लगभग 822 करोड़ रुपए) के रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज में भारत को 100 FGM-148 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें, 25 लाइटवेट कमांड लॉन्च यूनिट्स (CLU) और 216 M982A1 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड्स मिलेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने अमेरिकी कॉन्ग्रेस को इसकी सूचना दे दी है। सौदे में ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स, लाइफसाइकल सपोर्ट, सिमुलेशन राउंड्स और तकनीकी सहायता भी शामिल है।
अमेरिका ने क्या कहा?
The State Department has made a determination approving a possible Foreign Military Sale to India of Excalibur Projectiles and related equipment for an estimated cost of $47.1 million. The Defence Security Cooperation Agency delivered the required certification notifying… pic.twitter.com/EVCgfudI5o
— ANI (@ANI) November 20, 2025
क्या है हथियारों की खासियत
यह मिसाइल कई युद्ध क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर चुकी है, सबसे ज्यादा चर्चा यूक्रेन में हुई, जहाँ इसने बड़ी संख्या में रूसी T-72 और T-90 टैंकों को नष्ट किया। आज यह कई देशों की सेनाओं में सक्रिय रूप से इस्तेमाल की जा रही है।
वहीं Excalibur गोले भारतीय तोपखाने को GPS-आधारित बेहद सटीक निशाना लगाने की क्षमता देते हैं। इससे पहले ही वार में लक्ष्य भेदने की संभावना बढ़ती है और अनचाहे नुकसान (collateral damage) कम होता है।
DSCA ने बताया है कि इस सौदे में प्राइमर, प्रोपेलेंट चार्ज, Portable Electronic Fire Control Systems (PEFCS), Improved Platform Integration Kit (iPIK), तकनीकी सहायता, डेटा, और मरम्मत सेवाएँ भी शामिल हैं।
जेवलिन मिसाइल: आधुनिक युद्ध की सबसे भरोसेमंद ATGM
जेवलिन को दुनिया की सबसे घातक एंटी-टैंक मिसाइल प्रणाली माना जाता है। इसकी लगभग 4 किमी की रेंज और 90% से अधिक की सफलता दर इसे खास बनाती है। इसका ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ फीचर सैनिक को लॉन्च के बाद तुरंत सुरक्षित स्थान बदलने की सुविधा देता है।
साथ ही इसका टॉप-अटैक मोड टैंकों को ऊपर से निशाना बनाता है, जहाँ उनकी सबसे कमजोर कवच परत होती है। इन खूबियों के कारण भारतीय सेना को दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ महत्वपूर्ण बढ़त मिलती है।
M982 Excalibur: प्रिसिजन आर्टिलरी का गेम-चेंजर
आर्टिलरी सिस्टम की वास्तविक ताकत उसकी मारक दूरी और वारहेड की क्षमता पर निर्भर करती है। Excalibur इन दोनों में बेहतरीन है। GPS-गाइडेंस के कारण यह सामान्य गोले की तरह बिखरकर नहीं गिरता, बल्कि बेहद सटीक बिंदु पर प्रहार करता है।
इसका हाई-एक्सप्लोसिव ब्लास्ट-फ्रेगमेंटेशन वारहेड मजबूत किलाबंदी, भूमिगत बंकर और मोटी कंक्रीट संरचनाओं को भी ध्वस्त कर सकता है। इसके अलावा, इसमें सेंसर-फ्यूज़्ड वारहेड का विकल्प मिलता है जो ऊपर से हमला करके टैंकों को नष्ट करता है।
क्लस्टर-टाइप बमलेट लगाने का विकल्प इसे बड़े क्षेत्र में नुकसान पहुँचाने में सक्षम बनाता है, खासकर दुश्मन की आर्टिलरी, सपोर्ट वाहनों और आगे बढ़ती टुकड़ियों के खिलाफ। सबसे खास बात यह है कि Excalibur छिपी हुई छोटी लेकिन खतरनाक टीमों, जैसे स्नाइपर, मशीन गन पोजिशन या ATGM लॉन्च टीम पर भी बेहद सटीक वार कर सकता है, जो आधुनिक युद्ध में निर्णायक साबित होता है।
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