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जिस पुलवामा अटैक में शहीद हुए 40 CRPF जवान, उसके लिए विस्फोटक Amazon से आया: FATF का खुलासा - गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाले आतंकी को PayPal से भेजे पैसे

                           2019 पुलवामा आतंकी हमले की तस्वीर ( फोटो साभार- aaj tak)
दुनिया में टेरर फाइनेंस पर नजर रखने वाली संस्था FATF यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें कहा गया है कि हथियारों की खरीदारी के लिए आतंकी संगठन अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत में हुए दो आतंकी हमले का दिया उदाहरण

पुलवामा हमले के लिए अमेजन से एल्यूमिनियम मँगाया गया था जिससे विध्वंस करने की क्षमता बढ़ गई, वहीं गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले में आतंकियों को PayPal और VPN का उपयोग करके करीब 6.7 लाख रुपए का पेमेंट किया गया। FATF ने अपनी रिपोर्ट में इन दोनों आतंकी घटनाओं का जिक्र किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 10 सालों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन इतना सस्ता और तेज हो जाएगा कि आतंकी 3डी प्रिंटेड हथियार, कैमिकल और दूसरे सामान आसानी से दुनिया के किसी भी भाग में बैठ कर मँगा सकेंगे। इसके लिए फिनटेक और डिजिटल पेंमेंट्स करना काफी आसान हो जाएगा।

पुलवामा हमले के लिए अमेजन का इस्तेमाल

2019 में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ के जवान बलिदान हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में मौजूद जैश ए मोहम्मद ने ली थी। FATF ने कहा कि सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने के लिए एल्यूमिनियम पाउडर ई कॉमर्स से अमेजन प्लेटफॉर्म से खरीदा गया था। इस पाउडर का इस्लेमाल विस्फोटक की क्षमता को बढ़ाने के लिए किया गया। ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उदाहरण है।

गोरखनाथ मंदिर पर हमले के लिए इंटरनेशनल फंडिंग

अप्रैल 2022 में गोरखनाथ मंदिर पर हमला किया गया था। इसमें शामिल आतंकियों के संबंध इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) से जुड़े थे। इस हमले में 6.69 लाख रुपए की इंटरनेशनल टेरर फंडिंग हुई थी। ये पैसा विदेशी खातों से आया था। इसके लिए पे पाल और वीपीएन का इस्तेमाल किया गया।

एफएटीएफ के मुताबिक ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म पर ट्रैकिंग करना आसान नहीं होता और इसके लिए नकली नाम पता से लेकर फर्जी अकाउंट तक का इस्तेमाल होता है। यहाँ तक कि कुछ सरकारें भी आतंकी संगठनों को मदद देती हैं।

भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को इन आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार मानता है क्योंकि आतंकियों को सीमा पार से पाकिस्तान हर तरह से सपोर्ट करता रहा है। आतंकियों की फंडिंग, उन्हें पनाह देना और हथियार मुहैया करना सबकुछ पाकिस्तान करता रहा है।

FATF क्या है?

FATF यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स एक इंटरनेशनल संगठन है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादियों की आर्थिक मदद करने वाले और उससे निपटने के लिए वैश्विक मानकों को निर्धारित करता है. यह 1989 में स्थापित किया गया था।

दिल्ली : अमेजन का डिलीवरी बॉय उस्मान निकला प्रगति मैदान टनल लूटकांड का मास्टरमाइंड, भाई इरफ़ान भी दबोचा गया: 5 लाख रूपए, पिस्टल, बाइक, कारतूस बरामद

दिल्ली पुलिस ने प्रगति मैदान सुरंग सुरंग लूट की गुत्थी सुलझा ली है। इस लूटकांड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लूट की 4.98 लाख रुपए की रकम बरामद की गई है। 2 बाइक, 1 पिस्तौल और 2 कारतूस भी बरामद हुए हैं। 5 आरोपितों को जहाँ दिल्ली पुलिस की 2 टीमों ने दबोचा, वहीं उत्तरी जिला और नई दिल्ली जिले की संयुक्त टीमों ने 2 अन्य को दबोचने में कामयाबी पाई।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले की CCTV फुटेज की भी जाँच की थी, जिसमें पता चला था कि मोटरसाइकिल सवार 4 लोगों ने कार को रोका और चाँदनी चौक स्थित ओमिया एंटरप्राइजेज के डिलीवरी एजेंट और उसका सहयोगी से लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपितों में उस्मान, उसका चचेरा भाई इरफ़ान, अनुज मिश्रा, कुलदीप, सुमित, प्रदीप और बाला शामिल है। दिल्ली पुलिस ने मामले के सामने आते ही अलग-अलग टीमों को काम पर लगाया।

उस्मान अली उर्फ़ कल्लू ने ही इस काण्ड की साजिश रची थी। वो बुराड़ी स्थित कौशिक एन्क्लेव का रहने वाला है। 25 वर्षीय उस्मान ही सूचना देता था कि किस गाड़ी में पैसा है और किसमें नहीं। उस्मान ने 7 साल अमेजन कंपनी में बतौर डिलीवरी बॉय काम किया है। कुरियर का काम करने के कारण उसे मालूम होता था कि इस इलाके में कैश आता-जाता है। कई IPL सट्टा हार चुके उस्मान पर बैंक का भी कर्ज था।

वहीं उसका चचेरा भाई इरफ़ान नाई की दुकान पर काम करता था। इन दोनों ने ही लूटपाट की साजिश रच कर लोनी और बागपत के कुछ लड़कों को अपने साथ जोड़ा। इन लोगों ने चोरी की बाइक की व्यवस्था की और कई दिनों तक रेकी के लिए उसका इस्तेमाल किया। इन्होंने लूटकांड से 1 दिन पहले टनल में रेकी की थी। लूट में इस्तेमाल की गई चोरी की बाइक भी जब्त कर ली गई है।

वीडियो में देखा जा सकता था कि इन्होंने सबसे पहले गाड़ी रुकवा कर उसका शीशा खुलवाया, उसके बाद फिर पिस्टल दिखा कर रुपयों से भरे बैग को लूट लिया और फरार हो गए। 3 दिन की रेकी के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले को सुलझाने के लिए कई माध्यम से एनालिसिस और प्रयास किया गया। फ़िलहाल सभी आरोपितों से पूछताछ भी कर ली गई है।

अमेजन के ‘रेप साहित्य’ में हिंदू महिला लेती है बलात्कार का आनंद, करती है मुस्लिम के लिंग की पूजा

                                                           किंडल पर मौजूद किताबें
अमेजन के किंडल एडिशन पर साहित्य के नाम पर तमाम तरह की अश्लील और रेप कल्चर को डिफाइन करने वाली सामग्री मौजूद हैं। शर्मनाक बात यह है कि इसमें खास कर मुस्लिम युवकों और हिंदू महिलाओं का प्रमुख रूप से जिक्र किया गया है।

स्वराज पर प्रकाशित लेख के अनुसार इस प्लेटफऑर्म पर Indian Hindu wife’s affair with her Muslim lover नाम की किताब अनलिमिटिड सब्सक्रिप्शन पर फ्री में पढ़ने के लिए मौजूद है। इस किताब की लेखिका का नाम नीलिमा स्टिवन्स है। 35 पृष्ठों की किताब के कवर पेज में एक व्यक्ति इस्लामी टोपी पहने दिखता है। वहीं महिला डीप क्लिवेज दिखाते हुए बिंदी लगाए नजर आती है। 

इस किताब में श्वेता नाम की महिला और उसकी सहेली राजिया के शौहर अशरफ के बीच शारीरिक संबंधों पर बात हुई है। हिंदू महिलाओं के चरित्र पर सवाल खड़ा करते हुए मुस्लिम युवक को एक स्टड की तरह दिखाया गया है। अंत में ये भी बता दिया गया कि शाकाहारी श्वेता कैसे अशरफ के कहने पर माँस खाने लगती हैं और यौन संबंध बनाने के लिए उससे पैसे लेने को भी राजी हो जाती है।

                                         स्वराज की रिपोर्ट के एक पैरा ग्राफ में किताब केअंश
स्वराज्य की रिपोर्ट कहती है कि इस लेखक के नाम पर किंडल में 20 किताब मौजूद हैं। अगली किताब का नाम- Indian wife cheating: sex with neighbour है। इस किताब में एक हिंदू महिला की व्याख्या एक रूढ़िवादी अय्यर परिवार से जोड़ कर की जाती है जो धार्मिक माहौल में पलती-बढ़ती है। इसके अलावा इस किताब में दूसरा कैरेक्टर महिला का पड़ोसी है जिसका नाम मुर्शीद शेख है। किताब में महिला के लिए मद्रासी वेश्या (Madrasi prostitute) और रं$# हिंदू कु*या (whore Hindu bitch) जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।

एक अन्य किताब इसी लेखिका की  Cheating wife’s affair with husband’s friend के नाम से है। किताब के एक पैराग्राफ में हिंदू महिला को लेकर कहा गया है, “विनीता मुस्लिम युवक के लिंग की पूजा करती है और उसके गुप्तांग के कोने कोने से होकर गुजरती है।”

इसके बाद हिंदू महिला और मुस्लिम पुरूष के संबंधों पर रेप फैंटसी को लिखने वालों में एक नाम सुनीता सरण का भी है। इस लेखिका की आधा दर्जन किताबें ईबुक के रूप में किंडल पर मौजूद हैं। इनमें से एक किताब में ‘भारतीय पत्नी की कामुक दास्तां’ का जिक्र किया जाता है और कहा जाता है कि कैसे वो मुस्लिम माफिया के लिए रात में भोग वस्तु बन गई।

इस किताब में एक आदमी दाढ़ी में दिख रहा है जबकि महिला साड़ी में नजर आ रही हैं। किताब का उद्देश्य सिर्फ ये बताना है कि कैसे महिला को उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर हर रात मुस्लिम डॉन उसका बलात्कार करता है और महिला चुपके चुपके इस बलात्कार को एंजॉय करती है।

इस रेप लिटरेचर को बढ़ावा देने वाले अगले लेखक का नाम पविश सिंह है। इनकी किताब किंडल पर 226 रुपए में मौजूद है। इसका शीर्षक Hindu wife sexy encounter with Muslim driver है।

अन्य लेखक इस सूची में निक्की रवलानी हैं। इनकी दो किताबें इस प्लेटफॉर्म पर हैं। इनमें से एक का नाम Four tales of high-class married Hindu women being taken by low-class Muslim males है। जो किंडल पर मात्र 164 रुपए में मौजूद है। ये साऱी किताबें 2015,2016, 2017 में पब्लिश हुई हैं।

ये सारी किताबें, इनमें निहित विषय सामग्री आदि से साफ पता चल रहा है कि किताबों के पब्लिशर ने अमेजन किंडल पर डायरेक्ट पब्लिशिंग सर्विस का फायदा उठाकर आसानी से इन घृणित विषयों को पब्लिक स्पेस में उतारा। इसके लिए फेक पब्लिशर्स के नामों का इस्तेमाल भी किया गया।

इस प्लेटफॉर्म पर जहाँ हिंदू महिलाओं और मुस्लिम पुरूषों को लेकर अश्लील सामग्री मौजूद है। वहीं दूसरी ओर मुस्लिम महिलाओं के साथ हिंदू पुरूषों के संबंध पर भी किताब है। मगर, इसमें भी हिंदू पुरूष को अत्याचारी दिखाया गया। जैसे सना खान की किताब के कवर पेज में लिखा है मुस्लिम बीवीयाँ वेश्या बन रही हैं और नीचे लिखा है भारतीय मुस्लिम महिला को हिंदू स्टड ने किया डॉमिनेट।

अब ऐसी किताबों के शीर्षक पढ़कर कहाँ से लग रहा है कि इनका मकसद समाज को साहित्य के नाम पर उसका आइना दिखाना है। वो भी तब जब आए दिन हिंदू महिलाएँ कट्टरपंथियों की बर्बरता का शिकार हो रही हैं। इन किताबों के शीर्षक भर पढ़ लेने से ऐसा लगता है जैसे रेप आदि का महिमामंडन किया जा रहा हो और एक विशेष समुदाय की महिलाओं और पुरूषों को मलिन किया जा रहा हो

अमेजन पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का सिलसिला बहुत पुराना है। साल 2017 में सुषमा स्वराज ने इस मामले को उठाया था। जिसके बाद अमेजन को माफी माँगनी पड़ी थी। उस समय अमेजन ने डोरमेट पर हिंदू देवी देवताओं की तस्वीर को डाला था।

अब हाल में स्वराज्य पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की रिपोर्ट के बाद महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए अमजेन के वरिष्ठ अध्य़क्ष अमित अग्रवाल को ऐसी सामग्रियों पर रोक लगाने को कहा है जिनमें महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध को बढ़ावा दिया गया हो और एक समुदाय के लिए गलत संदेश दिया हो।