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राजस्थान : अब मदन दिलावर ने मथुरा के लिए एक समय ही भोजन करने का लिया संकल्प ; 370 के लिए बिस्तर छोड़ा, राम मंदिर के लिए छोड़ी पुष्पमाला

   रामगंजमंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के मंत्री मदन दिलावर (फोटो साभारः मदन दिलावर का फेसबुक       अकाउंट)
अपने तीर्थों को गुलामी की दासता से मुक्त कराने हिन्दू क्या-क्या साधना कर रहे हैं, सनातन विरोधियों, तुष्टिकरण करने, छद्दम सेक्युलरिस्ट्स और कट्टरपंथियों को इसका अहसास नहीं। राम मन्दिर बनने के लिए किसी ने 30/32 सालों तक मौन व्रत रखा, किसी ने नंगे पैर आदि आदि। अब राजस्थान के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक का मथुरा के लिए प्रण सामने आया है। 

छह बार के विधायक हैं। 3 बार के मंत्री। राजस्थान की मौजूदा बीजेपी सरकार में वे शिक्षा मंत्री हैं। उनका नाम है- मदन दिलावर। उन्होंने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण नहीं होने तक एक समय के अन्न का त्याग करने का संकल्प लिया है। इससे पहले आर्टिकल 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर भी वे इसी तरह का संकल्प ले चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मदन दिलावर ने फरवरी 1990 में संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में मंदिर नहीं बनता वे फूलों की माला नहीं पहनेंगे। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद कोटा के रामगंज मंडी में अयोजित कार्यक्रम के दौरान जय श्री राम के उद्घोष के बीच समर्थकों ने उन्हें 108 फीट लंबी फूलों की माला पहनाने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जब तक वे रामलला का दर्शन नहीं करते माला नहीं पहनेंगे।

राम मंदिर का संकल्प पूरा होने के बाद बीजेपी नेता ने नई सौगंध ली है। उन्होंने कहा है कि जब तक मथुरा में भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर नहीं बन जाता, वे एक समय ही भोजन करेंगे। उन्होंने प्रभु में आस्था जताते हुए कहा कि जैसे अब तक सभी निश्चय पूरे हुए हैं, वैसे ही ये निश्चय भी पूरा होगा।

मंच से श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर प्रतिज्ञा

रामगंज मंडी में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दिलावर ने बताया कि डॉ. किरोडीलाल मीना के साथ उन्होंने लंबा प्रदर्शन किया था। उसी दौरान फरवरी 1990 में भी कसम खाई थी कि जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वह माला नहीं पहनेंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह समाप्त के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की तो उन्होंने रोक दिया। उन्होंने कहा कि वे माला तब पहनेंगे, जब 31 जनवरी को रामलला के दर्शन कर लेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से प्रतिज्ञा ली कि जब तक भगवान कृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वह दिन में केवल एक बार भोजन करेंगे।

साल 1990 से 2019 तक जमीन पर सोए मदन दिलावर

बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने फरवरी 1990 में एक और कसम खाई थी। ये कसम थी कि जब तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 निरस्त नहीं होता, तब तक वह बिस्तर पर नहीं सोएँगे। साल 2019 में जब अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया, तब जाकर वे बिस्तर पर सोए थे।

उत्तर प्रदेश : ‘कन्हैयालाल की तरह तेरा भी सर तन से जुदा कर देंगे’: श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए लड़ रहे केस सत्यम पंडित को मिली धमकी

श्री कृष्ण जन्मभूमि का केस लड़ रहे सत्यम पंडित को 'सर तन से जुदा' की धमकी (फोटो साभार: एक्स हैंडल @SatyamS05818543 )
श्री कृष्ण जन्मभूमि को उसका हक दिलाने के लिए जो सत्यम पंडित कोर्ट तक पहुँचे, उन्हें अब ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी गई है। सत्यम पंडित ने एक लेटर दिखा कर दावा किया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की तरफ से उन्हें यह धमकी दी गई है। उनको यह पत्र गाजियाबद में अपने ऑफिस खोलने के दौरान शनिवार (2 दिसंबर 2023) को मिला। इसमें लिखा गया है: “तू श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही मस्जिद ईदगाह मथुरा केस में पैरवी करना बंद कर दे। वरना अल्लाह का वास्ता, राजस्थान के कन्हैयालाल की तरह तेरा भी सर तन से जुदा कर देंगे, माशाल्लाह।”

सत्यम पंडित को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी मामले के संबंध में गाजियाबाद घंटाघर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी निमिष पाटिल के मुताबिक, शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और आगे जाँच की जा रही है। पीड़ित के ऑफिस के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पीड़ित सत्यम पंडित ने शनिवार (2 दिसंबर 2023)सुबह धमकी के तौर पर मिले PFI के इस पत्र को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शेयर किया है। उन्होंने जब शनिवार (2 दिसंबर 2023)को गाजियाबाद के अपने ऑफिस का शटर उठाया तो वहाँ उन्हें एक कागज पड़ा मिला। इसमें उन्हें पीएफआई ने ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी है।

सत्यम पंडित ब्राह्मण एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट में केंद्रीय मंत्री के पद पर भी हैं। उन्होंने ट्रस्ट की तरफ से लगभग ढाई साल पहले कृष्ण जन्मभूमि की जमीन को विवादित शाही मस्जिद से खाली कराने के लिए सिविल कोर्ट मथुरा में केस दर्ज किया था।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) नाम की ओर आए इस धमकी के बावजूद सत्यम पंडित ने कहा है कि वो इस केस में पैरवी करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली। मैं बता देना चाहता हूँ कि मैं डरने वाला नहीं।”

सत्यम पंडित को धमकी देने वाला पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) शायद यह भूल रहा है कि पीड़ित राजस्थान नहीं योगी के उत्तर प्रदेश में रहता है। यदि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) अपने मकसद में सफल हो भी जाता है, फिर इसके दुष्परिणाम भुगतने को भी तैयार रहना चाहिए। क्या 'सर तन से जुदा' की धमकी देकर सच्चाई को दबाने में सफल नहीं हो पायेगा।