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TMC नेता मछली फ्राई के बहाने बुलाकर गरीब महिलाओं की लूटता था इज्जत: बांग्लादेश भागते समय रबीउल इस्लाम गिरफ्तार

           TMC नेता रबीउल इस्लाम का करोड़ों का घर, जहाँ लूटता था महिलाओं की इज्जत (साभार : News18)
जैसे-जैसे TMC के सत्ता से बाहर होने के दिन बीत रहे हैं वैसे-वैसे ममता बनर्जी के समय हुई काली करतूतें सामने आने लगी हैं। जिसे देख शंका होती है कि ये जो नेता ममता का साथ छोड़ रहे हैं इसके पीछे बहुत गहरा षड़यंत्र दिखाई पड़ता है। क्योकि जो आज पार्टी को छोड़ अपने आपको दूध का धुला साबित करने की कोशिश कर रहे हैं इन काली करतूतों में इनके भी शामिल होने पर शक होना स्वाभाविक है। इनको मालूम है कि पहले तो ममता की छत्रसाया में चाहे कुछ भी कर लो कोई पूछने वाला नहीं। जिस हिसाब से नेता पार्टी छोड़ रहे हैं उस हिसाब से तो इतनी काली करतूतें नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन हुई, क्यों? क्यों नहीं जिस तरह हिन्दू महिलाओं का बलात्कार हो रहा था, हिन्दू त्यौहारों पर हमले हो रहे थे और हिन्दुओं पर जानलेवा हमले हो रहे थे तब क्यों नहीं पार्टी छोड़ी? तब कहाँ मर गया था इनका जमीर?           

बंगाल में संदेशखाली के विलेन शेख शाहजहाँ के बाद एक और दरिंदा सामने आया है। TMC नेता रबीउल इस्लाम पर महिलाओं को बंधक बनाकर उनका जिस्म लूटने और करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने का आरोप है। पुलिस ने इस हैवान को बांग्लादेश भागते समय बॉर्डर पर दबोचा।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर 24 परगना के देगंगा से इस TMC नेता की काली करतूत बाहर आई है। आरोप है कि रबीउल इस्लाम ने 100 बीघे की जमीन पर अपना एक आलीशान गार्डन हाउस बना रखा था।

वह गरीब महिलाओं को रात के अँधेरे में वहाँ मछली तलने और खाना बनाने के बहाने बुलाता था। वहाँ पहुँचने के बाद महिलाओं को बंधक बना लिया जाता था। फिर रबीउल और उसके गुर्गे उनके साथ अमानवीय अत्याचार करते थे। इलाके में इसका इतना खौफ था कि पीड़ित परिवार डर के मारे मुँह नहीं खोलते थे।

मजदूर से करोड़पति बनने का खूनी सफर

रबीउल इस्लाम के अपराध और रसूख की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। साल 2011 से पहले रबीउल एक साधारण दिहाड़ी मजदूर था। वह दो वक्त की रोटी के लिए तरसता था। लेकिन सत्ता का हाथ मिलते ही वह देगंगा पंचायत समिति में वन एवं भूमि विभाग का बड़ा अफसर बन बैठा। इसके बाद उसने सरकारी पैसों और पेड़ों को लूटकर अपना 10 करोड़ का अय्याशी का अड्डा तैयार किया।

पुलिस को ठेंगा, फिर भागते हुए दबोचा गया

रबीउल ने अपने राजनीतिक रसूख के दम पर लंबे समय तक कानून की धज्जियाँ उड़ाईं। उसके खिलाफ जबरन वसूली और महिला उत्पीड़न के कई केस थाने पहुँचे, लेकिन पुलिस हाथ डालने से डरती थी।

अब जब बीजेपी की सरकार आई, तब जाकर इस हवस के शिकारी पर शिकंजा कसा, और ये डरपोक अंडरग्राउंड हो गया। जान बचाकर सीमा पार बांग्लादेश भागने की फिराक में था। लेकिन बसिरहाट बॉर्डर पर मुस्तैद पुलिस ने उसकी चालाकी फेल कर दी और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया।

बंगाल : करोड़ों की वसूली में TMC नेता सब्यसाची दत्ता को देर रात घर में घुसकर पुलिस ने किया गिरफ्तार

                    करोड़ों की वसूली में TMC नेता सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार (फोटो साभार : ETVbharat)
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने TMC को एक और बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज TMC नेता सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। सब्यसाची दत्ता पर करोड़ों रुपए की रंगदारी और उगाही करने का गंभीर आरोप है।

बिधाननगर नॉर्थ पुलिस ने सोमवार (8 जून) को उन्हें राजारहाट स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। राज्य में सरकार बदलने के बाद से TMC नेताओं पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सब्यसाची दत्ता बिधाननगर-राजारहाट इलाके के बेहद प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।

जानकारी के अनुसार, सब्यसाची दत्ता पर दंगा करने का आरोप है एक व्यापारी ने सब्यसाची के खिलाफ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी इसी एफआईआर के आधार पर पुलिस ने तृणमूल के पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया सब्यसाची ने 26वें चुनाव में तृणमूल के टिकट पर बारासात से चुनाव लड़ा था इससे पहले वे राजारहाट-न्यूटाउन निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल के विधायक रह चुके हैं सब्यसाची बिधाननगर नगरपालिका के महापौर भी रह चुके हैं

पुलिस काफी समय से इन आरोपों की जाँच कर रही थी। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब TMC में बड़ी बगावत के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के करीब 20 विधायक दिल्ली में एनडीए (NDA) के बड़े नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। ये सभी विधायक जल्द ही एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।

देर रात हुए गिरफ्तार

उस शिकायत के आधार पर, सब्यसाची को सोमवार रात को उनके न्यूटाउन स्थित फ्लैट से गिरफ्तार कर पुलिस स्टेशन ले जाया गया लंबी पूछताछ के बाद, जब उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पुलिस ने उन्हें देर रात गिरफ्तार कर लिया उन्हें मंगलवार(9 जून) को बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा हालांकि, बिधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन ने इस संबंध में अब तक कोई घोषणा नहीं की है सब्यसाची के खिलाफ जबरन वसूली या मानसिक उत्पीड़न के आरोप नए नहीं हैं न सिर्फ व्यापारी और आम लोग, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनके खिलाफ कई आरोप लग चुके हैं पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं

पहले भी होती रही है शिकायत

मधुसूदन चक्रवर्ती ने पहले भी कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी हालांकि, तृणमूल सरकार के दौरान पुलिस की निष्क्रियता के आरोप लगे थे आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन सरकार बदलने के बाद वही पुलिस अब सक्रिय हो गई है राज्य में सत्ता में आने के बाद से भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा तब से पुलिस लगातार सक्रिय है तृणमूल नेताओं और पार्षदों को एक के बाद एक गिरफ्तार किया जा रहा है इस बार सब्यसाची का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है

क्या वाकई बंगाल में बदलाव हुआ है? फाल्टा से रहे ममता की पार्टी का उम्मीदवार जहाँगीर खान गिरफ्तार, नेपाल बॉर्डर से पकड़ाया अभिषेक बनर्जी का करीबी

बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने पर जिस रफ़्तार से TMC नेताओं पर कानूनी डंडा चल रहा है यह हकीकत है या कोई सपना? उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ द्वारा गुंडों और माफिया गैंग पर होती कार्यवाही पर तो सारा INDI गठबंधन चिल्ला रहा है लेकिन बंगाल में सब खामोश। जबकि दोनों जगह बीजेपी। इतना ही नहीं मुसलमान तक वर्तमान सरकार की कार्यवाहियों से खुश हैं। वही पुलिस वही मुस्लिम! अब कोई हिन्दू-मुस्लिम नहीं हो रहा। इतना ही नहीं जनता TMC नेताओं को जूतों का हार पहना रही है, अंडे और टमाटर फेंक रही है। क्या वाकई वामपंथियों से लेकर ममता राज तक जनता इतनी दुखी थी? सारा विपक्ष खामोश? जिसको देखो अपनी पार्टी को बचाए रखने की कोशिश में लगा है।अपने-अपने नेताओं तक की फ़िक्र नहीं। अजीब तमाशा चल रहा है बंगाल में।          

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने TMC नेता जहाँगीर खान को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। जहाँगीर खान फाल्टा विधानसभा सीट से TMC के उम्मीदवार थे लेकिन चुनाव के दौरान हुईं गड़बड़ियों के बाद फिर से मतदान हुआ था। इसके बाद यहाँ दोबारा मतदान हुआ और जहाँगीर खान ने मैदान छोड़ दिया था।

जहाँगीर खान को ममता बनर्जी के भतीजी और TMC के सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। जहाँगीर खान का यूपी के चर्चित IPS ऑफिसर अजयपाल शर्मा की चुनाव के दौरान तनातनी खूब चर्चा में रही थी। जहाँगीर खाने ने अजयपाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा था कि वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूँ झुकूँगा नहीं।

जहाँगीर के खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और दंगा भड़काने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। जहाँगीर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज है और ED उस मामले की जाँच कर रही है।

बंगाल : TMC नेता के करीबी के घर से भारी मात्रा में हथियार बरामद, 140 राउंड कारतूस के साथ एक महिला गिरफ्तार

                                          हथियारों के साथ महिला गिरफ्तार (फोटो साभार: ANI)
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शनिवार (9 मई 2026) को पुलिस ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक नेता के करीबी के घर से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरहामपुर के सैदाबाद गिरजापाड़ा इलाके में पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 140 राउंड कारतूस, तीन 7.65 एमएम रिवॉल्वर और एक मैगजीन जब्त की।

मौके से टुकू सरकार नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो अन्य आरोपित पापाई घोष और उसका सहयोगी आशीम सरकार फरार बताए जा रहे हैं।

यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में TMC की चुनावी हार के बाद कई इलाकों से छिटपुट हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। आरोप है कि TMC का नेतृत्व जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहा और अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं को भड़का रहा है कि पार्टी को किसी भी हालत में चुनाव नहीं हारना चाहिए था।

इसी बीच बीजेपी विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर बंपर जीत हासिल की है।

बंगाल : TMC नेता सलाउद्दीन सरदार के दफ्तर में मिले धारदार हथियार, गोला-बारूद भी बरामद


पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घुटियारी शरीफ के नारायणपुर में TMC कार्यालय पर छापा मारा गया। इस दौरान पुलिस ने वहाँ से भारी मात्रा में धारदार हथियार बरामद किए हैं।

यह दफ्तर स्थानीय TMC नेता सलाउद्दीन सरदार का बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पार्टी कार्यालय में हथियार छिपाकर रखे गए हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहाँ से 18 धारदार हथियार जब्त किए। इसके साथ ही भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद होने की खबर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चुनाव के बीच इतनी बड़ी संख्या में हथियार वहाँ क्यों जमा किए गए थे। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बंगाल : BJP का समर्थन करने पर TMC नेता ने की पत्नी की हत्या, फाँसी पर लटकाया

पश्चिम बंगाल से राजनीतिक हिंसा का एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता ने अपनी पत्नी की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वह प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थन करती थी।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मृतका की पहचान अदिप्ता दास के रूप में हुई है। यह घटना रविवार(12 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखान इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि महिला को उसके पति राहुल दास ने अपने पिता सुब्रत दास की मदद से पहले बेरहमी से पीटा और बाद में फाँसी पर लटका दिया। महिला का शव फाँसी पर लटका मिला जिसके बाद आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया।

ताजा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के माता-पिता ने बताया कि 2021 में शादी के बाद से ही उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के परिजन ने उसके ससुराल वालों पर बार-बार धमकी देने का आरोप भी लगाया है।

हालाँकि, मृतका के ससुराल वालों ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि अदिप्ता ने आत्महत्या की थी और उसकी राहुल से शादी आपसी सहमति से हुई थी। स्थानीय तृणमूल नेताओं ने हत्या के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया है। हरोआ थाने की पुलिस ने शव को बरामद कर बसीरहाट में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मामला और अधिक स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ कर रही है।

‘BJP को वोट मत देना वरना…’: लोगों को घर-घर जाकर धमका रहा था TMC का मुस्लिम नेता, पुलिस ने किया गिरफ्तार

                           वोटर्स को धमकाया, TMC नेता राजू मंडल गिरफ्तार (साभार : Video SS)
चुनाव आयोग के सख्त निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुर्शिदाबाद से तृणमूल कांग्रेस  (TMC) मुस्लिम 
नेता राजू मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। राजू मंडल पर मतदाताओं को डराने और धमकानेका गंभीर आरोप है। धमकी देते हुए मुस्लिम नेता राजू मंडल का Video भी शामिल आया है।

सवाल है कि क्या चुनाव आयोग TMC को इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इजाजत देगा? चाहिए तो ये कि इस क्षेत्र से TMC को इस क्षेत्र से चुनाव ही लड़ने की इजाजत नहीं दे, जो आगे आने वाले चुनावों के लिए मिसाल बनेगी। चुनाव आयोग को इस बात पर भी निगाह रखनी होगी जो मुस्लिम क्षेत्रों में घुसपुसाहट कर बीजेपी को वोट नहीं देने का खेल खेला जाता है।     

अमित मालवीय ने ट्विट कर जानकारी दी और राजू मंडल को मुस्लिम नेता बताया है। राजू मंडल अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने लोगों से कहा, “आप भाजपा (पद्म फूल) को वोट नहीं दे सकते। अगर कोई समस्या हुई तो वोट डालने जाने की जरूरत नहीं है। मैं आपके घर चनबारा और रसगुल्ला भेज दूँगा, वरना आपको तृणमूल को ही वोट देना होगा।”

जानकारों का मानना है कि मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए ऐसे और भी नेताओं पर कार्रवाई की जरूरत है। कई अन्य TMC नेताओं पर भी वोटरों को डराने के आरोप लगे हैं। राज्य में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए पुलिस पर भविष्य में ऐसी और गिरफ्तारियाँ करने का दबाव बढ़ सकता है।

ममता राज का हिंदू विरोध फिर उजागर, ‘जिहादियों’ ने भगवान राम की मूर्ति का सिर काटा, TMC नेता बोले- राम केवल उत्तर भारत के देवता


पश्चिम बंगाल सरकार का हिंदू विरोधी चेहरा एक बार फिर एक्सपोज हो गया है। रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व से ठीक पहले पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में भगवान राम की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना ने स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं को आहत किया है। किसी भी धर्म, प्रतीक या आस्था से जुड़ी वस्तु पर हमला केवल एक स्थानीय घटना नहीं होती, बल्कि उसका प्रभाव व्यापक सामाजिक मनोविज्ञान पर पड़ता है। बेहद चिंताजनक पहलू यह भी है कि ममता राज का हिंदू विरोधी चेहरा पहली बार उजागर नहीं हुआ है। इससे पहले भी मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए ममता बनर्जी और तृणमूल सरकार कई बार हिंदू आस्था पर हमला कर चुकी हैं। यहां तक कि उन्हें जय श्रीराम के नारे तक पर आपत्ति रही है और अब उनके ही नेता और पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम को सिर्फ उत्तर भारत का भगवान घोषित कर दिया है। एक तो पहले ही भगवान राम की मूर्ति का सिर काटने के कृत्य से हिंदू जनमानस आहत है, उस पर सिन्हा की टिप्पणी ने आग में घी का काम किया है। ऐसी घटनाएं और बयानबाजी न केवल धार्मिक संवेदनशीलता को झकझोरती हैं, बल्कि समाज में अविश्वास और तनाव की स्थिति भी पैदा करती हैं। इसलिए इस घटना को केवल एक आपराधिक कृत्य मानकर छोड़ देना पर्याप्त नहीं होगा।

रामनवमी के उत्सव से पहले नंदीग्राम में श्रीराम की मूर्ति का सिर काटा
पश्चिम बंगाल में हिंदू आस्था पर हमले का एक और मामला सामने आया है। राम नवमी के लिए तैयार की जा रही भगवान राम की एक मूर्ति के सिर को ‘जिहादी’ काटकर ले गए। यह घटना नंदीग्राम के ब्लॉक-2 के वेटुरिया बस स्टैंड की है जहाँ प्रभु श्री राम की मूर्ति लगभग तैयार हो चुकी थी। लेकिन इससे पहले ही मूर्ति का सिर काटकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, काम खत्म होने के बाद मूर्ति को वहीं बस स्टैंड पर छोड़ दिया गया था। जब अगली सुबह कारीगर लौटे तो उन्होंने देखा कि मूर्ति का सिर गायब है। कई लोगों ने इस घटना को सनातन हिंदू आस्था पर हमला बताया है। यह घटना उस समय हुई जब रामनवमी के उत्सव की तैयारियां अपने अंतिम चरण में थीं, जिससे स्वाभाविक रूप से लोगों में आक्रोश और असंतोष बढ़ा। विपक्षी नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और सरकार पर सवाल उठाए, वहीं प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया। ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण है कि दोषियों की शीघ्र पहचान हो और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, लेकिन ममता सरकार इस पर भी परदा डालने में लगी है।

राज्य में हिंदू मंदिरों और मूर्तियों पर हमले अब आम बात- सुवेंदु
नंदीग्राम के विधायक और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राज्य में हिंदू मंदिरों और मूर्तियों पर हमले अब आम हो गए हैं। इसके लिए उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार की ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ और प्रशासन की ‘शर्मनाक निष्क्रियता’ को जिम्मेदार ठहराया। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई, जिसमें राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक ही है। असली मुद्दा यह है कि क्या राज्य की कानून-व्यवस्था ऐसी घटनाओं को रोकने और उनके बाद प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम भी है या नहीं।

राम केवल उत्तर भारतीयों के देवता, हम काली के भक्त – सिन्हा
नंदीग्राम में प्रभु श्रीराम की मूर्ति का सिर काटने की घटना इसलिए और चिंताजनक हो गई है, क्योंकि टीएमसी सरकार इसकी परवाह करने की बजाए प्रभु श्रीराम का अपना भगवान ही नहीं मानती। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने जहां इसकी कड़ी निंदा की है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता औरे पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के बयान ने आग में घी का काम किया है। सिन्हा ने अपने विवादित बयान में कहा है कि रामचंद्र तो केवल उत्तर भारत के देवता हैं। सिन्हा ने उल्टे भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में रामचंद्र नहीं चलेगा। बंगाल के लोग तो मां काली के भक्त हैं। भाजपा नेताओं ने सिन्हा की बयान की आलोचना करते हुए इसे भगवान श्रीराम का अपमान बताया है। ऐसे में हर स्तर पर मुख्यमंत्री, सरकार और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि आस्था का सम्मान बना रहे और कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो।

ममता का राज हिंदू विरोधी घटनाओं के लिए रहा है कुख्यात
पश्चिम बंगाल में समय-समय पर धार्मिक स्थलों या प्रतीकों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। विभिन्न रिपोर्टों में मंदिरों में तोड़फोड़, मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने या धार्मिक जुलूसों के दौरान तनाव जैसी घटनाओं का उल्लेख मिलता है। हालांकि इन घटनाओं की प्रकृति और कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौती बनती हैं। इसलिए इनका समाधान केवल राजनीतिक विमर्श से नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई से ही संभव है। लेकिन ममता सरकार ने अपनी मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के चलते इनमें लापहवाही ही दिखाई है। किसी भी राज्य सरकार की पहली जिम्मेदारी अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना होती है। चाहे घटना किसी भी धर्म से जुड़ी हो, प्रशासन को निष्पक्षता और तत्परता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। दोषियों की पहचान, गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करना आवश्यक है, ताकि यह संदेश जाए कि ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुस्लिम तुष्टिकरण और हिंदुत्व विरोध की राजनीति की हदें पार कीं

पश्चिम बंगाल पिछले डेढ़ दशक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुस्लिम तुष्टिकरण और हिंदुत्व विरोध की राजनीति का गवाह रहा है। तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए खुलकर खजाना खोला है और इसमें राज्य की माली हालत की भी चिंता नहीं की है। अल्पसंख्यकों की राजनीति के लिए ममता सरकार ने सारी सीमाएं ही लांघ ली है और आंखें बंद कर इन पर पैसा लुटाया जा रहा है। इसका अंदाजा इसी एक तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2010-11 में राज्य का जो अल्पसंख्यक बजट मात्र 472 करोड़ था, वह आज 5,600 करोड़ को पार कर चुका है। अल्पसंख्यक युवाओं का वोट बैंक पक्का करने के लिए करोड़ों रुपये का ऋण दिया गया है। खास बात यह कि तृणमूल सरकार ने इनसे ऋण वापसी पर कोई फोकस नहीं किया है। इतना ही नहीं इमामों और मुअज्जिनों के लिए मासिक मानदेय में भी कई गुना की वृद्धि की गई है। दूसरी ओर प्रभु श्रीराम के नाम से लेकर हिंदुत्व और सनातन विरोध के कई उदाहरण ममता बनर्जी के हैं। इससे यह शीशे की तरह साफ है कि तृणमूल सरकार ने अल्पसंख्यकों और घुसपैठियों को खूब पाला-पोसा है।

राम नाम मास्क बांटने पर बीजेपी नेता गिरफ्तार
राम नवमी के लिए तैयार की जा रही भगवान राम की एक मूर्ति के सिर को ‘जिहादी’ काटकर ले गए। यह घटना नंदीग्राम के ब्लॉक-2 के वेटुरिया बस स्टैंड की है जहाँ प्रभु श्री राम की मूर्ति लगभग तैयार हो चुकी थी। लेकिन इससे पहले ही मूर्ति का सिर काटकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, काम खत्म होने के बाद मूर्ति को वहीं बस स्टैंड पर छोड़ दिया गया था। जब अगली सुबह कारीगर लौटे तो उन्होंने देखा कि मूर्ति का सिर गायब है। कई लोगों ने इस घटना को सनातन हिंदू आस्था पर हमला बताया है।

बंगाल : ‘BJP कार्यकर्ताओं को आग लगा देंगे’: TMC विधायक ने SIR को लेकर दिया भड़काऊ बयान, मेयर हकीम बोले- बीजेपी और चुनाव आयोग की टाँगे तोड़ देंगे

                       बीजेपी कार्यकर्ताओं को TMC विधायक की धमकी (साभार : dailypioneer)
आखिर चुनाव आयोग द्वारा बंगाल में SIR से क्यों डर लग रहा है? क्या तृणमूल नेताओं द्वारा भड़काऊ बयान देने के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन है? आखिर संवैधानिक पद पर बैठी ममता संवैधानिक संस्था के काम में क्यों दखल कर रही है? क्या ममता बंगाल राज्य में गुंडाराज को अप्रयत्क्ष समर्थन दे रही है? यदि ऐसा होता है तो ममता के राज में अब तक हुए उपद्रवों को ध्यान में रख राज्य के शांतिप्रिय लोगों को चुनावी दिनों में चोटिल होने के ड्रामे को नज़रअंदाज कर सत्ता से बाहर करने के लिए मतदान करें।      

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया के बीच हिंसक और भड़काऊ बयान दिए हैं। बर्दवान (उत्तर) के TMC विधायक निशीथ मलिक ने एक रैली में खुलेआम धमकी दी कि अगर बीजेपी ने SIR के नाम पर किसी भी असली वोटर को हटाने की कोशिश की, तो वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से आग लगा देंगे।

इस धमकी को TMC के मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के बयान से और हवा मिली। हकीम ने कहा कि वे CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) का विरोध करेंगे, जिसका बीजेपी और चुनाव आयोग गठजोड़ कर रहे हैं और ‘उनके पैर तोड़ दिए जाएँगे।’ मेयर फिरहाद हकीम ने जोर देकर कहा कि जब तक ममता बनर्जी हैं, बीजेपी में यहाँ NRC लागू करने की हिम्मत नहीं है।

दोनों TMC नेताओं ने धमकी दी है कि अगर एक भी असली वोटर का नाम हटाया गया तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे। बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता एस आर बनर्जी ने इन बयानों को अशांति पैदा करने की रणनीति बताते हुए चुनाव आयोग से केंद्रीय बलों की सुरक्षा में SIR प्रक्रिया पूरी कराने की माँग की है।