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कर्नाटक में बैलेट पेपर से भी मिली करारी हार, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के गढ़ में लहराया बीजेपी का परचम


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनका जादू देश के लोगों सर चढ़कर बोल रहा है। ये मोदी लहर का नतीजा है कि विरोधियों के सारे समीकरण ध्वस्त हो गए हैं। अब कर्नाटक के स्थानीय निकाय चुनावों ने कांग्रेस के तमाम दावों की पोल खोल दी है और यह साफ कर दिया है कि जनता का भरोसा अब उनके नारों से उठ चुका है। जिन चार टाउन पंचायतों और दो वार्ड उपचुनावों के नतीजे आए हैं, वहां कांग्रेस को करा
री हार मिली है।

कर्नाटक स्थानीय निकाय चुनावों में भी कांग्रेस की करारी हार
कर्नाटक स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ करते हुए ‘क्लीन स्वीप’ किया है। दिलचस्प बात यह है कि ये चुनाव कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गृह राज्य में हुए, जहां सत्ता भी कांग्रेस की है और मतदान भी बैलेट पेपर से हुआ। ऐसे में अब कांग्रेस के पास न तो ‘ईवीएम’ को दोष देने का बहाना बचा है और न ही ‘सरकारी मशीनरी’ के दुरुपयोग का विलाप करने का अवसर। बीजेपी की यह प्रचंड जीत दर्शाती है कि जनता कांग्रेस के कुप्रबंधन और झूठे वादों से तंग आ चुकी है। लोकसभा चुनाव की हार से सबक लेने के बजाय केवल बहानों की राजनीति करने वाली कांग्रेस के लिए यह नतीजे एक बड़ा आईना हैं कि संगठन अब जमीन से गायब हो चुका है और नेतृत्व केवल आत्ममुग्धता में जी रहा है। बीजेपी ने 4 टाउन पंचायतों की कुल 76 सीटों में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि सत्ताधारी कांग्रेस महज 23 सीटों पर सिमट गई। इतना ही नहीं, बीजेपी ने 2 वार्ड उपचुनावों में भी शानदार जीत हासिल कर अपनी पकड़ साबित कर दी है।


केरल : लेफ्ट-कांग्रेस के गढ़ में खिल गया कमल, थरूर के तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत; INDI गठबंधन पस्त

केरल में जहां लेफ्ट, मुस्लिम लीग और कांग्रेस का वर्जस्व होने की वजह से भारतीय जनसंघ से लेकर बीजेपी को कोई गरदंता नहीं था, जबकि संघ के केरल में काम को नज़रअंदाज़ किया जाता था। स्वयंसेवकों की निर्मम हत्या की जाती थी। लेकिन नगर निकाय और पंचायतों के हुए चुनावों में बीजेपी ने लेफ्ट, मुस्लिम लीग और कांग्रेस को चौंका दिया। जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बीजेपी के दरवाजे खोलने से INDI गठबंधन की नींद उड़ा दी है।      
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनका जादू देश के लोगों सर चढ़कर बोल रहा है। ये मोदी लहर का नतीजा है कि केरल की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। केरल की राजधानी में नगर निकाय चुनाव ने राजनीति की दिशा बदल दी है। बीजेपी ने यहां ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। आमतौर पर लेफ्ट और कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस राज्य में, बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में भगवा लहराकर सभी को हैरान कर दिया है। यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि बीजेपी ने लोकतांत्रिक मोर्चा- LDF से सत्ता छीन ली है, जो इस निकाय पर पिछले चार दशकों से काबिज था। यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी का जनाधार अब उन दक्षिणी राज्यों में भी फैल रहा है, जहां उसकी जमीन पारंपरिक रूप से कमजोर थी। बीजेपी-एनडीए ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र राजधानी तिरुवनंतपुरम में शानदार प्रदर्शन किया। 101 वार्डों में से एनडीए ने सीधे 50 पर जीत हासिल करके बहुमत का आंकड़ा छू लिया। वहीं, सत्ताधारी LDF 29 सीटों पर सिमट गई, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF सिर्फ 19 सीटें ही जीत पाया, और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी। इस जीत से साफ है कि मोदी लहर अब केरल के तटीय इलाकों तक भी पहुंच चुकी है और यह बीजेपी के लिए ‘दक्षिणी विजय’ की शुरुआत साबित हो सकती है।

बीजेपी की इस जबरदस्त जीत पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए इसे केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जनता को पूरा भरोसा है कि राज्य की विकास संबंधी आकांक्षाओं को केवल बीजेपी ही पूरा कर सकती है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम की जनता का आभार व्यक्त किया और शहर के विकास के लिए काम करने का वादा किया।

पीएम मोदी ने अपनी पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं को भी इस सफलता का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं के कठिन परिश्रम और संघर्षों का फल है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया और आज के शानदार नतीजे को मुमकिन बनाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की ताकत बताया और उन पर गर्व जताया।