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क्या शरिया लागू होने पर मॉडर्न फलक को इंस्टाग्राम पर आने की आज़ादी होगी? ‘योगी बंदर, चायवाला मोदी, तड़ीपार शाह’: ‘गलीचपने’ में सईदा फलक निकली ओवैसी की उस्ताद

AIMIM नेता सैयदा फलक(जो पब्लिक मीटिंग में हिजाब और इंस्टाग्राम पर मॉडर्न) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ पर अपमानजनक टिप्पणी की (Instagram: syedafalakk)
असदुद्दीन ओवैसी की मजहबी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता आए दिन विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कभी मुंब्रा की पार्षद सहर शेख खुलेमंच से पूरे इलाके को ‘हरा रंग‘ में रंगने का ख्वाब बुनती हैं, तो कभी असदु्द्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ‘15 मिनट के लिए पुलिस हटाने‘ की धमकी देती हैं। तो अब ताजा उदाहरण हैं सईदा फलक। ये देश के उच्च पदों पर बैठे नेताओं के लिए ‘गंदी भाषा’ का इस्तेमाल करती हैं।

सईदा फलक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपमानजनक टिप्पणी की है। मुस्लिम भीड़ को संबोधित करते हुए सईदा फलक अपमानजनक टिप्पणी करते यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग सईदा फलक की इन अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

सईदा फलक ने पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी पर की अपमानजनक टिप्पणी

सामने आए वीडियो में AIMIM नेता सईदा फलक सीएम योगी आदित्यनाथ को ‘बंदर’ कहती है। सईदा ने कहा, “ये ‘बंदर’ योगी बंगाल में कहता है कि बंगाल को काबा नहीं बनने देंगे। ये क्या आपके बाप की जागीर है।” वे चेतावनी देते हुए कहती है, “इंशाल्लाह, कयामत तक हम दाढ़ी करेंगे, हिजाब पहनेंगे, टोपी पहनेंगे, अजान पढ़ेंगे, नमाज पढ़ेंगे, शरियत पर चलेंगे।”

असदुद्दीन ओवैसी की हिजाब पहनने वाली महिला को भारत का प्रधानमंत्री बनने वाले बयान का जिक्र करते हुए सईदा फलक ने आगे कहा, “जब ओवैसी ऐसा कहते हैं, तो सब कहते हैं कि ये गजवा-ए-हिंद की बात कर रहे हैं… क्यों नहीं बन सकते? जब कल का तड़ीपार आज होम मिनिस्टर बनकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहा है, जो कल का चायवाला था वो प्राइम मिनिस्टर बनकर देश को बेच रहा है।” सईदा की इस अपमानजनक टिप्पणी पर मुस्लिम भीड़ जोर-जोर से हँस रही है और नारेबाजी कर रही है।

सईदा फलक के खिलाफ लोगों ने कार्रवाई की माँग की

AIMIM नेता सईदा फलक की पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ लोगों ने कार्रवाई की माँग की है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोग यूपी पुलिस, गृह मंत्रालय और योगी कार्यालय को टैग करते हुए कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

अमिताभ चौधरी नाम के ‘एक्स’ यूजर लिखते हैं, “AIMIM नेता सईदा फलक सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रही है।
@Uppolice @myogioffice @AmitShahOffice मामले में दखल दें।”

‘फाइटर 3.0’ नाम से यूजर कहते हैं, “आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन मर्यादा की सीमा लांघकर की गई टिप्पणी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हो सकती। सईदा फलक द्वारा योगी आदित्यनाथ और अमित शाह पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियाँ सीधे-सीधे राजनीतिक शालीनता पर सवाल उठाती हैं। सीधा संदेश: असहमति हो सकती है, लेकिन अभद्रता नहीं।”

वे आगे कहते हैं, “राजनीति में स्तर गिराकर नहीं, तर्क और काम के दम पर जवाब दिया जाता है। जरूरत है कि ऐसी भाषा पर कड़ा संज्ञान लिया जाए, ताकि सार्वजनिक विमर्श की गरिमा बनी रहे और कोई भी नेता सीमाएँ पार करने की हिम्मत न करे। @Uppolice @myogioffice @AmitShahOffice“

दीपक शर्मा नाम के यूजर लिखते हैं, “हैलो @Uppolice सईदा फलक हमारे CM योगीजी के लिए बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है। इस खुदीली खातून के खिलाफ कार्यवाही करें।”

कौन हैं सईदा फलक?

हैदराबाद की रहने वाली 31 साल की सईदा फलक कराटे की खिलाड़ी रह चुकी हैं। सईदा ने 20 राष्ट्रीय और 22 अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप जीते हैं। वे तेलंगाना की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्ल्ड कराटे चैंपियनशिप और एशियाई कराटे चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। खिलाड़ी के तौर पर सईदा की सबसे बड़ी उपलब्धि 2016 में यूएस ओपन कराटे चैंपियनिशिप और 2022 में दुबई के शोरिन काई कराटे कप में स्वर्ण पदक जीतकर हासिल की। इसके अलावा सईदा फलक पेशेवर तौर पर एक एडवोकेट भी हैं।

खेल में करियर बनाने के बाद सईदा ने राजनीति ज्वाइन की। साल 2020 में सईदा ने ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थाम लिया। तभी से वह AIMIM की विचारधारा का प्रचार करते नजर आती हैं। AIMIM ज्वाइन करने के बाद सईदा फलक की एक अलग पहचान बनी। सईदा को बुर्के में भड़काऊ भाषण देते देखा गया, जो सीधे नेताओं को टारगेट कर बोलती हैं, इसीलिए उन्हें ‘लेडी ओवैसी’ भी कहा जाने लगा।

सईदा फलक का हिजाब पर समर्थन और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान को लेकर

सईदा फलक एक तरफ हिजाब पहनने का समर्थन करती हैं और दूसरी तरफ महिलाओं की आवाज बुलंद करने के लंबे-लंबे भाषण देती हैं। यही वजह है कि सईदा को उनके ही भाषणों के लिए कई बार घेरा जा चुका है। 4 साल पहले न्यूज 18 की डिबेट में सईदा फलक ने कहा कि ‘मदरसों में लड़कियों को हिजाब की अहमियत समझाई जाएगी’, तब होस्ट अमन चोपड़ा ने उनसे सवाल किया, “आप भी हिजाब नहीं पहनती थी।” तो सईदा ने इसे विकल्प बताया, लेकिन अगली ही लाइन में इसे इस्लाम में जरूरी बताया, जिसके बाद वे टीवी डिबेट में घिरती नजर आईं।

और जब अकबरुद्दीन ओवैसी ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हुए कहा था, “कई इन लोगों के खुदा हैं। वो क्या-क्यो जो पूजा करते हैं। कितने राम-लक्ष्मण-दुर्गा क्या क्या है? हर 8 दिन में एक नया पैदा हो जाता है। अब हनुमान जयंती आ गई, लक्ष्मू मालूम थी और अब भाग्य लक्ष्मी आ गई।” तब सईदा फलक ने न्यूज 18 के साथ डिबेट में अकबरुद्दीन ओवैसी का बचाव किया था।

पहले भी सीएम योगी पर की अभद्र टिप्पणी, जानिए पुराने विवादित बयान

सईदा फलक को यूँ ही AIMIM में ‘लेडी ओवैसी’ नहीं कहा जाता है बल्कि उनके बयान भी ओवैसी से मिलते जुलते हैं। सईदा फलक कभी-भी मंच से किसी भी नेता को धमकी दे देती हैं, कभी किसी के लिए अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करती हैं।

वे पहले भी सीएम योगी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर चुकी हैं, “उनका (सीएम योगी) खुद का नाम पहले अजय बिष्ट था, नाम बदलकर योगी आदित्यनाथ रख लिया। तो बेहतर यह होगा कि एक बार फिर से वो अपना नाम बदलकर नाम बदलने वाला बंदर रख लें।”

हाल ही में बिहार चुनाव और मुंबई के BMC चुनावों में भी सईदा फलक के कई विवादित बयान सामने आए थे। किशनगंज में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सईदा शेख ने पीएम मोदी और सीएम योगी को ‘छोटा शैतान‘ कहा था। वहीं BMC चुनावों में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए सईदा ने कहा था, “सुन लो फडणवीस, अगर अल्लाह ने चाहा तो एक दिन इसी नकाब और हिजाब को पहनकर एक मुस्लिम औरत हिंदुस्तान की प्राइम मिनिस्टर बनेगी।”

AIMIM नेताओं की ‘गलीचपने’ की रही पृष्ठभूमि

अब सईदा शेख की इन अपमानजनक टिप्पणियों को सुनने के बाद ज्यादा हैरानी भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये उसी पार्टी की नेता हैं, जिसमें सहर शेख और अकबरुद्दीन ओवैसी जैसे नेता शामिल हैं। और यही AIMIM की पहचान है, कि देश के प्रधानमंत्री और प्रशासन को सीधी ‘गाली’ या ‘धमकी’ देकर चर्चा में आओ और फिर खुद को बड़ा नेता बनाओ। इन सभी नेताओं से ऐसे बयान करने की उम्मीद भी है, क्योंकि इनके मुखिया असदु्द्दीन ओवैसी ही आए दिन हिंदू-विरोधी और कट्टर बयान देते नजर आते हैं और मंच के सामने बैठी कौम इसपर ठहाके मारकर हँसती है।

उत्तर प्रदेश : ‘… यही औकात है उसकी’ : KRK ने बसपा प्रमुख मायावती पर किया अपमानजनक ट्वीट, देवबंद में केस दर्ज

कोई महिला कितनी सहनशील हो सकती है, मायावती को देखना चाहिए। राजनीति में जितने जख्मी मोदी, योगी, अमित आदि हैं, मायावती भी कम नहीं। समाजवादी पार्टी प्रमुख रहे मुलायम सिंह ने क्या नहीं किया, वह दर्द गन्दी सियासत में "गेस्ट हाउस कांड" के नाम से चर्चित है। अगर KRK किसी महिला को सम्मान नहीं दे सकता तो अपमान करने का भी हक़ नहीं। मायावती एक महिला है। अगर मुसलमानों को टिकट देने के बाद भी कोई न जीते तो मायावती का क्या कसूर।    
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के लिए अपशब्द बोलने के मामले में कमाल राशिद खान उर्फ KRK पर केस दर्ज हुआ है। उनके खिलाफ बसपा के जिला प्रमुख ने देवबंद थाने में शिकायत दी थी। ये शिकायत केआरके के एक पोस्ट के खिलाफ दी गई थी जिसमें उन्होंने मायावती को लेकर घटिया बात लिखी थी।

कमाल राशिद खान ने अपने ट्वीट में लिखा था- “बहन जी ने टिकट दिया! कौन है बहन जी? बहन जी को बोलो शौचालय साफ करें। यही औकात है उसकी।”

केआरके का यह ट्वीट देखने के बाद उनके ऊपर आईपीसी की धारा 500, 509 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसपी सागर जैन ने भी मीडिया को जानकारी दी कि बॉलीवुड अभिनेता कमाल राशिद खान, जिन्हें केआरके के नाम से जाना जाता है, पर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए देवबंद पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 500, 509 और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

इससे पहले मायावती को लेकर केआरके तब हमलावर हुए थे जब मायावती ने बयान दिया था कि मुस्लिम समाज ने बसपा को वोट नहीं दिया, तो आगे वो भी टिकट सोच समझकर देंगी। केआरके ने कहा था- “ना ही तेरी घटिया पार्टी का टिकट किसी मुस्लिम को चाहिए और न ही किसी मुस्लिम को तेरे को वोट देना है। अब अपने घर पर बैठकर सीएम बनने के सपने देख… देश को लूटने का मौका नहीं मिलेगा।”

इसके अलावा एक ट्वीट में केआरके ने कहा था- “हर चुनाव में हारने के बाद ये मायावती अपनी भड़ास मुस्लिमों पर उतारती है। ऐसा लगता है जैसे मुस्लिम इसके नौकर हैं। तुम्हें समझना होगा मायावती मुस्लिम तुम्हारे नौकर नहीं हैं। यूपी के मुस्लिम किसी भी पार्टी को वोट दे सकते हैं। तेरा कोई एहसान नहीं है यूपी के मुस्लिमों पर।”

इसके अलावा एक ट्वीट में केआरके ने ये भी आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस और सपा को हराने के लिए बसपा ने भाजपा की मदद की।

तेलंगाना : ‘नास्तिक’ दलित नेता बैरी नरेश द्वारा भगवान अयप्पा स्वामी पर अपमानजनक टिप्पणी करने पर भीड़ ने पीटा

साभार: Telugu Samayam
तेलंगाना के कोडंगल में भगवान अयप्पा स्वामी (Ayyappa Swamy) पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर लोगों के आक्रोश के बाद पुलिस ने दलित नेता और ‘भारत नास्तिक समाजम्’ के अध्यक्ष बैरी नरेश की गिरफ्तारी की खबर आ रही है। नरेश पर लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचाने के आरोप में तीन पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया है।

30 दिसंबर 2022 को पूरे प्रदेश में अयप्पा स्वामी के भक्तों ने विरोध प्रदर्शन किया और बैरी नरेश के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। बैरी नरेश ने दो दिन पहले कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए भगवान अयप्पा स्वामी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

विकास नाम के एक ट्विटर यूजर ने दावा कि भगवान अयप्पा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले ‘भारत नास्तिक समाजम्’ के अध्यक्ष बैरी नरेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने इसके लिए हिंदू एकता की भी सराहना की। हालाँकि, गिरफ्तारी की अभी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है। हालाँकि, वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस बैरी को खींच रही है।

Bairi Naresh who abused Swamy Ayyappa arrested .. thanks to Hindu unity 🔥 pic.twitter.com/EnSKNXNPxp

— Viक़as (@VlKASPR0NAM0) December 30, 2022

बैरी नरेश द्वारा की अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके भगवान अयप्पा स्वामी के भक्तों में आक्रोश भड़क उठा। अयप्पा स्वामी के भक्तों की भावनाओं को आहत करने और हिंदू भगवान के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने के लिए बैरी नरेश के खिलाफ भक्तों ने तीन पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बैरी के खिलाफ निवारक नजरबंदी अधिनियम (PDA) को लागू करने की माँग की थी।

इनमें से एक शिकायत कराटे कल्याणी नाम की एक महिला ने दर्ज कराई है। इस शिकायत में कहा गया है कि प्रचार के लिए हिंदू देवताओं को नीचा दिखाने का चलन हो गया है। हिंदू भावनाओं को आहत करने के लिए नरेश के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। शिकायत में कहा गया है कि ये बयान हिंदू भावनाओं को ‘गंभीर रूप से आहत’ करने के उद्देश्य से दिए गए थे। शिकायत के बाद नरेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A और 153A के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस बयान के बाद लोगों ने हैदराबाद में विरोध मार्च निकाला और इसी दौरान बैरी नरेश को अयप्पा स्वामी के भक्तों ने पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। हालाँकि, नरेश को पुलिस ने बचा लिया। घटना का वीडियो स्थानीय मीडिया ने शेयर किया था। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (पूर्व में TRS) की आलोचना की और मामले में कार्रवाई की माँग की थी।