Showing posts with label #sabotage Army space. Show all posts
Showing posts with label #sabotage Army space. Show all posts

मध्य प्रदेश : बुरहानपुर में रेल पटरी पर डेटोनेटर बिछाने वाला साबिर गिरफ्तार, रेलवे का ही है कर्मचारी: कर्नाटक से कश्मीर जा रही थी आर्मी स्पेशल ट्रेन

             रेलवे ट्रैक पर लगे थे 10 डेटोनेटर, रेलवे कर्मचारी साबिर गिरफ्तार (फोटो साभार: जागरण/AI Bing)
2014 से नरेंद्र मोदी को बदनाम करने भारत में भारत विरोधी toolkit अपना जाल बिछाये हुए है, इस
 toolkit को भारत के उन नेताओं का भी समर्थन है, जिन्होंने संविधान की शपथ ली हुई है। CAA विरोध से लेकर अब रेलवे लाइनो को उखाड़ना या भारी पत्थर रखना या फिर लोहे की रॉड रखना यह काम किसी सियासत संरक्षण के बिना नहीं हो सकता। गिरफ्तार साबिर से सख्ती से इस काम में शामिल लोगों के नाम कबूलवाने ही नहीं, इसे मिलने वाली हर सरकारी सुविधा जैसे आधार कार्ड, BPL, पेंशन, ग्रेचुटी और मतदान पहचान पत्र आदि से वंचित करना चाहिए।       

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में बुधवार (18 सितंबर) को रेलवे ट्रैक पर डेटोनेटर बरामद हुए थे। आशंका जताई गई थी कि ये डेटोनेटर उस ट्रेन को ब्लास्ट के साथ बेपटरी करने के लिए रखे गए थे, जिसमें अधिकतर भारतीय सेना के जवान व अधिकारी सफर कर रहे थे। अब इस मामले में पुलिस ने साबिर नाम के आरोपित को गिरफ्तार किया है। साबिर रेलवे का ही कर्मचारी है। इस करतूत के पीछे के मकसद की जाँच करवाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे के स्टाफ साबिर की गिरफ्तारी सोमवार (23 सितंबर 2024) को हुई है। उस से NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी), ATS और RPF पूछताछ कर रही है। डेटोनेटर को पटरी पर रखना कोई साजिश थी या शरारत इसकी भी पड़ताल करने में जाँच एजेंसियाँ जुटी हुई है। साबिर की गिरफ्तारी का संज्ञान रेल मंत्रालय ने भी लिया है। मंत्रालय की तरफ से भी जाँच के आदेश जारी किए गए हैं। मामला सेना से जुड़ा हुआ है इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

वहीं इस मामले में सेंट्रल रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ स्वप्निल नीला का भी बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि बरामद डेटोनेटर रेलवे द्वारा ही प्रयोग में लाए जाते हैं लेकिन ये जहाँ मिले, वहाँ उनके होने का औचित्य नहीं था। बताते चलें कि डेटोनेटर अमूमन कोहरे या धुंध में ट्रेनों को रोकने के काम आते हैं। इनकी आवाज से ड्राइवर को अलर्ट जाता है और वो ट्रेन को रोकना शुरू कर देते हैं। ये डेटोनेटर स्टेशन मास्टर, की मैन और लोको पायलट आदि के पास उपलब्ध होते हैं।

यह घटना बुरहानपुर के नेपानगर इलाके की है। यहाँ के सागफाटा इलाके से 18 सितंबर को जम्मू कश्मीर से होते हुए आर्मी स्पेशन ट्रेन कर्नाटक की तरफ जा रही थी। अचानक ही ट्रैक पर विस्फोट होने लगे तो लोको पायलट ने ट्रेन रोक कर एक बड़े हादसे की आशंका को टाल दिया। मामले की सूचना उसी समय कंट्रोल रूम को दी गई थी जिसके बाद एजेंसियों ने जाँच शुरू कर दी थी।