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गुजरात : AAP का उपाध्यक्ष हसमुख पटेल गिरफ्तार, बेनामी संपत्तियों को छिपाने से इनकार करने पर अपनी ही महिला अकाउंटेंट का किया अपहरण

                                                   बेनामी लेनदेन में पकड़े गए AAP प्रदेश उपाध्यक्ष
गुजरात के गाँधीनगर में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश उपाध्यक्ष हसमुख पटेल को एक महिला अकाउंटेंट के अपहरण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला बेनामी लेनदेन और संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों के खुलासे से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अहमदाबाद के गोटा इलाके में रहने वाली महिला गाँधीनगर के सेक्टर-25 GIDC स्थित HBC लाइफ साइंस कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करती थी। कंपनी के मालिक हसमुख पटेल हैं, जबकि उनके भाई हिमांशु पटेल ने महिला को अपनी दूसरी कंपनी मैक्सिएमएस हॉलीडे प्राइवेट लिमिटेड के ऑडिट का काम भी सौंपा था।

ऑडिट के दौरान महिला ने करीब 80 से 85 लाख रुपए के संदिग्ध लेनदेन और बिना बिल के भुगतान का खुलासा किया। इस खुलासे के बाद कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया और यहीं से पूरे विवाद की शुरुआत हुई।

अपहरण, मारपीट और धमकी देने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, 26 मार्च 2026 को दोपहर के समय कंपनी के पार्किंग एरिया से महिला को जबरन एक हरे रंग की कार में बैठाकर अगवा कर लिया गया। चलती गाड़ी में आरोपितों ने महिला के साथ मारपीट की, उसके बाल खींचे और धमकी दी कि अगर उसने इस मामले की जानकारी किसी को दी तो उसे जान से मारकर कहीं दफना दिया जाएगा।

घटना के बाद डरी हुई महिला ने हसमुख पटेल को फोन कर पूरी जानकारी दी, लेकिन मदद करने के बजाय उस पर शिकायत न करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि यह पूरी साजिश उन्हीं के इशारे पर रची गई थी।

बाद में महिला ने गाँधीनगर के सेक्टर-21 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हसमुख पटेल को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अन्य आरोपितों के खिलाफ भी जाँच जारी है।

रूबिया अपहरण कांड : 35 साल बाद शफत अहमद को CBI ने दबोचा, आतंकी यासीन मलिक का था मददगार


केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने 01 दिसंबर 2025 को 1989 के रूबिया सईद अपहरण कांड में नई गिरफ्तारी की है। CBI ने 35 साल बाद इस केस में श्रीनगर के हवाल इलाके से शफत अहमद शुंगलू को धर दबोचा। पहले शुंगलू को निशात पुलिस स्टेशन ले जाया गया, फिर सीबीआई (CBI) ने हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से कई राज खुल सकते हैं।

उस समय यह भी चर्चा थी कि यह तथाकथित अपहरण है। यह सिर्फ आतंकियों को छुड़ाने के लिए ड्रामा था। दादी उसके साथ रह रही है खाना घर से जा रहा है फिर अपहरण कैसा? और इसका किसी ओर से खंडन करने की बजाए चुप्पी साध ली गयी थी। असली कहानी अब आएगी सामने। 

देखा जाए तो अपहरण हो या प्लेन हाइजेक इसकी जन्मदाता कांग्रेस ही है। मुफ़्ती मोहम्मद सईद जनता पार्टी से पहले किस पार्टी में था कांग्रेस में। दूसरे, इंदिरा गाँधी को जेल से छुड़ाने के लिए प्लेन हाइजेक किसने करवाया संजय गाँधी ने, संजय गाँधी किस पार्टी में था कांग्रेस। फिर भी महामूर्ख कहते है कांग्रेस अच्छी पार्टी है।    

रूबिया अपहरण केस क्या था, जिसने हिला दिया था पूरा देश

शफत अहमद शुंगलू की ताजा गिरफ्तारी रूबिया सईद अपहरण कांड की जाँच को नई जान दे रही है, जो कश्मीर के आतंकवाद के इतिहास का एक काला अध्याय है। 8 दिसंबर 1989 को तब के गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के आतंकियों ने अगवा कर लिया था।

लाल डीड अस्पताल में डॉक्टर रूबिया बस से घर लौट रही थीं जब बंदूक की नोक पर उन्हें किडनैप कर लिया गया। यह खबर दिल्ली पहुँचते ही हड़कंप मच गया। पूरे देश में सन्नाटा छा गया, क्योंकि यह पहली बार था जब आतंकी केंद्र सरकार के मंत्री के घर तक सेंध लगा बैठे।

अपहरण के पीछे साफ मकसद था- जेल में बंद अपने साथियों को रिहा कराना। आतंकियों ने शर्त रखी: रूबिया की जान चाहिए तो पाँच खूँखार सदस्यों को छोड़ो। सरकार मुश्किल में फँस गई। एक तरफ मंत्री की बेटी की जिंदगी, दूसरी तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा। कई दिनों तक पर्दे के पीछे बातचीत चली।

आखिरकार 13 दिसंबर को वीपी सिंह सरकार झुक गई। पाँच आतंकियों को रिहा किया गया, बदले में रूबिया घर लौट आईं। लेकिन इस सौदे ने कश्मीर का चेहरा हमेशा के लिए बदल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी घटना ने आतंकियों के हौसले बुलंद कर दिए।

यासीन मलिक था अपहरण केस का मास्टरमाइंड, खुद रूबिया ने की थी पहचान

इस सौदे के केंद्र में था जेकेएलएफ का चीफ यासीन मलिक। मलिक पर अपहरण का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, दिसंबर 1989 के पहले हफ्ते में मलिक और उसके साथियों ने साजिश रची। रूबिया को निशाना बनाकर सरकार को ब्लैकमेल करने का प्लान था।

मलिक ने खुद को अपहरण की योजना का सूत्रधार बताया। 2022 में रूबिया ने टाडा कोर्ट में मलिक समेत चार आरोपितों की पहचान की। उन्होंने कहा, “यही वो लोग थे जिन्होंने मुझे अगवा किया।” रूबिया का यह बयान केस को मजबूत करने वाला साबित हुआ। “

यासीन मलिक की भूमिका सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं थी। वह जेकेएलएफ का चेहरा था, जो पाकिस्तान समर्थित आतंक को कश्मीर में फैला रहा था। मलिक ने अपहरण को एक राजनीतिक हथियार बनाया। रिहाई के बाद रिहा हुए आतंकी जैसे अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद यासिन फतेह और इकबाल अहमद गंदरू ने जेकेएलएफ को नई ताकत दी। मलिक ने इन्हें हथियारों से लैस किया और हमलों की साजिशें रचीं।

मलिक की गिरफ्तारी के बाद दोबारा खुली फाइल

साल 2019 में मलिक की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने पुरानी फाइलें खोलीं। जनवरी 2024 में मलिक समेत 10 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें अपहरण, साजिश और बंधक बनाने के आरोप हैं। अब उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी मलिक ने कभी अपराध नहीं माना, लेकिन गवाहों के बयानों ने उसे आखिरकार न्याय के कटघरे में खड़ा कर दिया।

रूबिया अपहरण केस के बाद कश्मीर में हिंदुओं पर हुआ जुल्म

इस अपहरण ने कश्मीर में आतंकवाद को तेजी से बढ़ावा दिया। पहले कश्मीर में अलगाववाद था, लेकिन 1989 के बाद यह हिंसा का सैलाब बन गया। रिहा हुए आतंकियों ने नई भर्तियाँ कीं, हथियारों का जखीरा बढ़ाया। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस सौदे ने आतंकियों को संदेश दिया- सरकार झुक सकती है। नतीजा? 1990 में कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हो गया।

जेकेएलएफ ने हिंदू परिवारों पर हमले किए, हजारों घर जलाए। मलिक पर कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का भी आरोप है। सरकार ने 2019 में जेकेएलएफ को आतंकी संगठन घोषित किया। गृह मंत्रालय ने कहा, “यह संगठन 1989 के पंडित जेनोसाइड, आईएएफ अधिकारियों की हत्या और रूबिया अपहरण के लिए जिम्मेदार है।”

कश्मीर में आई अपहरण की बाढ़, हर तरफ आतंकी ही आतंकी

अपहरण के बाद किडनैपिंग की होड़ लग गई। 1991 में आईएएस अधिकारी ए.के. भट्टाचार्य का बेटा अपहरण हुआ। 1992 में वीसी चिल्टन का बेटा। ये सभी जेकेएलएफ की साजिशें थीं। मलिक ने इनसे फंडिंग और हथियार जुटाए। कश्मीर घाटी में ग्रेनेड हमले, सड़क किनारे बम विस्फोट आम हो गए। 1989 से 1990 के बीच आतंकी घटनाएं दोगुनी हो गईं।

पीआईबी के अनुसार, 1989 में 200 से ज्यादा हमले हुए, जो 1990 में 1000 पार कर गए। मलिक की रणनीति थी- हाई-प्रोफाइल टारगेट चुनो, सरकार को मजबूर करो। इसने अलगाववाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाकर पाकिस्तान को मजबूत किया।

कश्मीर में आतंकवाद के बढ़ने की वजह सिर्फ अपहरण नहीं, बल्कि मलिक जैसी साजिशें थीं। 1989 के बाद जेकेएलएफ ने आईएएफ के चार अधिकारियों की हत्या की। मलिक पर यह केस भी चल रहा है। एनआईए ने 2019 में मलिक को टेरर फंडिंग में उम्रकैद दी। ओपन मैगजीन के अनुसार, मलिक ने अपहरण से कश्मीर को ‘कॉन्सपिरेटर’ बना दिया।

इस अपहरण कांड के बाद बढ़ा था कश्मीर में आतंकवाद

सीबीआई की यह कार्रवाई दिखाती है कि कानून कभी सोता नहीं। शुंगलू की पूछताछ से बाकी फरार जैसे अली मोहम्मद मीर तक पहुँच बन सकती है। मलिक की साजिश ने कश्मीर को आग में झोंक दिया, लेकिन अब न्याय की बारी है। कश्मीर के इतिहासकार कहते हैं कि अपहरण ने ‘अलगाववाद से आतंकवाद’ का रास्ता खोला। 1990 में 1 लाख पंडित बेघर हुए। जेकेएलएफ ने 1000 से ज्यादा हमले किए। मलिक ने पाकिस्तान से ट्रेनिंग ली, हथियार मँगवाए।

बहरहाल, ताजा गिरफ्तारी से केस में नया मोड़ आ गया है। शफत अहमद शुंगलू पर अपहरण में सहयोग का आरोप है। एक चश्मदीद गवाह ने कहा, “मैंने 1989 के बाद सोपोर में शुंगलू को देखा।” कुछ आरोपित धारा 164 के तहत जुर्म कबूल कर चुके हैं। वहीं, सीबीआई इस केस को टाडा कोर्ट में चला रही है। जिसमें जनवरी 2021 में कोर्ट ने मलिक समेत 10 के खिलाफ आरोप तय किए थे। अब अगली सुनवाई में शुंगलू की भूमिका खुल सकती है।

तालिबानी आतंकियों के राज में टीवी देखने पर मौत की सजा; समलैंगिकों को पत्थर मार मौत: चोर की निकाली परेड

अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान से निकलने के बाद तालिबान ने देश के 85 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र पर अपना कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक ​तालिबान अफगानिस्तान की 18 प्रांतीय राजधानियों पर अपना कब्जा जमा चुका है और काबुल की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तालिबानी आतंकियों की क्रूरता की तुलना उसके पिछले शासनकाल से की जा रही है। ऐसे में तालिबानी आतंकी अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में पुराने शरिया कानून को फिर से लागू करना शुरू कर दिया है।

इन कानूनों में महिलाओं के साथ बर्बरता, चोरों और समलैंगिक लोगों को दर्दनाक सजा दी जाती है। स्मगलिंग और किडनैपिंग जैसे अपराधों में सबसे पहले अपराधी​ की उंगलियाँ काटी जाती हैं, इसके बाद हथेलियाँ, कोहनी और फिर बाजुओं तक को काटा जाता है। वहीं, समलैंगिक लोगों को पत्थर मार-मारकर मौत के घाट उतार दिया जाता है या फिर उन्हें 8-10 फीट की दीवार के पीछे खड़ा करके उन पर उस दीवार गिरा दी जाती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन ने अपने पुराने कड़े नियमों को फिर से लागू करना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान के हेरात पर कब्जा करने के बाद तालिबानी आतंकियों ने चोरी के आरोपितों के चेहरों को रंग कर उसके गले में फंदा डालकर शहर की गलियों में घुमाया है। अफगान पत्रकार बिलाल सरवे द्वारा शेयर की गई वीडियो में आप तालिबानी आतंकियों की बर्बरता को देख सकते हैं।

9/11 हमले को 20 साल पूरे होने वाले हैं। यानी करीब 20 साल बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना वापस जा रही है। अमेरिकी सैनिकों की लंबे समय के बाद अफगानिस्तान से वापसी के बाद तालिबानी आतंकवादियों ने देश के दो तिहाई हिस्से पर कब्जा कर लिया है। ऐसे में हर पल अफगानिस्तान के लोगों को तालिबानी आतंकियों द्वारा की जाने वाली क्रूरता का भय सता रहा है। दरअसल, तालिबानी शासन में यह कोई नई बात नहीं है। इस तरह की सजा तालिबानी शासन में दी जाती रही है। पहले भी हत्या के दोषियों को सरेआम मौत के घाट उतार दिया जाता था।

तालिबान के राज में सबसे ज्यादा दुर्दशा महिलाओं की होती है। तालिबानी शासन में महिलाओं पर ऐसी होने वाली क्रूरता के बारे में सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएँगे। महिलाओं को बुर्का पहनना जरूरी है और बच्चियाँ स्कूल नहीं जा सकती हैं। 8 साल या उससे ऊपर की लड़कियाँ घर से बाहरी पुरुषों के साथ खुले में बात नहीं कर सकती हैं। महिलाओं के हाई हील्स पहनने पर पाबंदी है। लड़कियाँ या महिलाएँ बिना बुर्के के और बिना किसी पुरुष परिजन के बाहर नहीं जा सकती हैं। उन्हें खिड़की से बाहर झाँकने की भी आजादी नहीं होती है। तालिबान-राज वाले इलाकों में घरों के नीचे फ्लोर की खिड़कियाँ बंद कर दी जाती हैं और उन पर पेंट की मोटी परत चढ़ा दी जाती है।

इसके अलावा, तालिबानी अपने शासन में मनोरंजन सहित कई चीजों की इजाजत नहीं देता है। तालिबानियों के शासनकाल में टीवी देखना इस्लाम का अपमान माना जाता है। पुरुषों को हर समय दाढ़ी रखनी पड़ती है। संगीत सुनना भी गैर-इस्लामी माना जाता है और ऐसा करने वाले को क्रूर सजा दी जाती है।

पक्षियों को घर में रखने पर पाबंदी होती है। पक्षियों के साथ पाए जाने वाले को बर्बरता से मार दिया जाता है। तालिबान की सत्ता में पतंग उड़ाने, आपत्तिजनक साहित्य, इंटरनेट पर प्रतिबंध है।

राजस्थान: 2 नाबालिग बहनों को 4 युवकों ने गैंगरेप के बाद पहाड़ियों पर फेंका


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राजस्थान से आए दिन बलात्कार की घटनाएँ सामने आ रही हैं
। ताजा मामला जालोर के भीनमाल थाना क्षेत्र का है। यहाँ दो नाबालिग बहनों का अपहरण करके 4 युवकों (कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 युवक) ने उनके साथ गैंगरेप किया। बाद में पहाड़ की झाड़ियों में घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिर ऑटोरिक्शा से लड़कियों को अस्पताल पहुँचाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीनमाल क्षेत्र के एक गाँव से इन दोनों चचेरी बहनों का अपहरण शनिवार रात (अक्टूबर 17, 2020) उस समय हुआ जब वह अपने घर सो रही थी। चार युवकों ने इनका पहले अपहरण किया फिर बच्चियों को एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित इन दोनो बच्चियों को राजपुरा की पहाड़ियों पर फेंककर फरार हो गए। वहीं परिजन पूरी रात बच्चियों की खोजबीन करते रहे। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियाँ पहाड़ियों पर मिलीं। इन्हें इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया। वहाँ एक पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।

जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरी वारदात के मद्देनजर लड़कियों के परिजनों ने 4 युवकों (चेतनराम, अशोक, तेजाराम, पीराराम) को नामजद किया है। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। फिलहाल, उनका कोई सुराग नहीं है।

राजस्थान पुलिस को इस संबंध में सूचना अक्टूबर 18 की सुबह-सुबह ही मिल गई थी, लेकिन पुलिस पहले तो लड़कियों को तलाशने की बात कहकर इधर-उधर करती रही। फिर करीब 11 बजे जाकर लड़कियाँ राजपुरा की पहाड़ियों पर खून से लथपथ हालत में मिली। इनमें एक बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी कि वह अपने पैरों पर भी नहीं उठ पा रही थी।

चुरू विधायक राजेंद्र राठौर ने इस घटना के मद्देनजर लिखा, “जालोर के भीनमाल में दो नाबालिग लड़कियों को अगवा कर आधा दर्जन युवकों द्वारा गैंगरेप की घटना को अंजाम देना मानवता को शर्मसार करने वाला है। ऐसे कृत्य स्वयं ही प्रदेश में सरकार द्वारा राज्य में महिलाओं और बच्चियों के लिए किए जा रहे सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान है।”

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लिखती हैं, “राजस्थान में हर रोज़ हो रहे दुष्कर्म की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। भीनमाल (जालोर) में दो नाबालिग बच्चियों के साथ किए गए गैंगरैप ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान में ना कोई कानून – व्यवस्था दिखाई देती और ना ही कोई सरकार।”

उत्तर प्रदेश के हाथरस मुद्दे को जिस तरह गैर-भाजपाई उछाल कर भाजपा की छवि को धूमिल करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे, विपरीत इसके भाजपा राजस्थान में हो रहे बलात्कारों पर चुप्पी साधे हुए हैं। मीडिया भी राजस्थान में हो रहे बलात्कारों को उतना महत्व नहीं दे रही, मानो राजस्थान महिलाओं का कोई सम्मान नहीं। काश! राजस्थान में भाजपा होती, भाजपा को जवाब देना भारी पड़ गया होता। और अपने बचाव में भाजपा बलात्कारों के लिए विरोधियों को दोषी ठहरा रही होती। राजस्थान हो या दिल्ली, यहाँ का भाजपा संगठन केवल योगी और मोदी के कंधे सवार सियासत कर रहा है। इतने होते बलात्कारों पर राजस्थान भाजपा की चुप्पी इसको प्रमाणित कर रहा है। वसुंधरा के ट्वीट पर भी जबरदस्त प्रक्रिया सामने आ रही है, जिसका भाजपा केन्द्रीय शीर्ष नेतृत्व को संज्ञान लेना चाहिए:-

पिछले दिनों राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा पर सख्ती की पोल खोलती एनसीआरबी की रिपोर्ट सामने आई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि राजस्थान में महिलाएँ सबसे ज्यादा बलात्कार का शिकार होती हैं। इसमें दिए आँकड़ों के अनुसार वहाँ पिछले साल 5997 मामले दर्ज किए गए थे। यानी प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो प्रदेश में हर दिन 16 रेप की घटना हुईं। सूची, रेप पीड़िताओं की संख्या भी प्रदेश में 6051 बताती है। इतना ही नहीं प्रदेश में प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध की दर 15.9 है। 

अतीक अहमद समेत 17 के खिलाफ CBI ने दर्ज किया मामला

यूपी के पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद और उनके बेटे के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है. लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल की शिकायत पर सीबीआई ने यह FIR दर्ज की है. दोनों के खिलाफ अवैध वसूली, लूट, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, धमकाने की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है. FIR सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए दर्ज की गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों बाप-बेटे पर दिसंबर 2018 में रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल का अपहरण कर जेल में लाकर पीटने का आरोप है. सीबीआई ने अतीक अहमद सहित 17 अन्य आरोपियों को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया है. लखनऊ के रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल ने अतीक अहमद के विरुद्ध न केवल जेल में पीटने, बल्कि दो कंपनियों को हड़पने का भी आरोप लगाया था और इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी.
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उत्तराखंड में कांग्रेस पार्षद द्वारा युवकों की पिटाई, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी देवगौड़ा द्वारा जेडीयू कार्यक....

कथित तौर पर अतीक अहमद के गुर्गों ने 26 दिसंबर, 2018 को बिल्‍डर मोहित का सरेआम अपहरण कर लिया था. मोहित को उसी के वाहन से देवरिया जेल ले जाया गया था. आरोप है कि अतीक अहमद ने जेल में ही मोहित की बंधवाकर पिटाई करवाई. साथ ही उनकी दो कंपनियों को जबरदस्ती अपने गुर्गों के नाम करवा लिया.

विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान यात्रा के खिलाफ चेतावनी जारी की


भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने में सफलता अर्जित है, उसके लिए हर भारतवासी को दिल से उनका धन्यवाद करना चाहिए। जबकि भारत में उनके विरोधी उन्हें सत्ता मुक्त करने के लिए एक के बाद एक षड्यंत्र रच रहे हैं। आतंकवाद, जिसकी आग में भारत इतने वर्षों से जल रहा था, लेकिन भारत में छद्दम देशप्रेमी और तुष्टिकरण के पुजारी धर्म-निरपेक्ष नेता अपनी कुर्सी और तिजोरियों की खातिर इस्लामिक आतंकवादियों को बचाने एवं संरक्षण देने के लिए "हिन्दू आतंकवाद-भगवा आतंकवाद" हिन्दू धर्म को कलंकित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ रहे थे। बेकसूर साधु/संत और साध्वी को जेलों में बंद कर प्रताड़ित कर रहे थे। जिसका उदाहरण भाजपा द्वारा इस मनगढ़ंत शिगूफा की शिकार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनांते ही इन छद्दमों ने भारतीय राजनीति में उबाल आना।  
क्या पाकिस्तान की बोली बोलने वाले भारतीय नेता विश्व समुदाय की इस चेतावनी से शिक्षा ले कर, पाकिस्तान की बोली बोलना बंद करेंगे?    
पूरे पाकिस्तान में आतंकवाद, अपहरण और सांप्रदायिक हमले के प्रबल खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। एफसीओ परामर्श में कहा गया है, ‘आतंकी पाकिस्तान में हमला कर सकते हैं।
इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर और कराची जैसे शहरों सहित पूरे देश में आतंकवाद, अपहरण और सांप्रदायिक हिंसा का गंभीर खतरा है। छोटी सी चेतावनी पर प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं और फिर तुरंत ही हिंसा हो शुरू सकती है। आप प्रदर्शन, लोगों की भीड़ और सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने से बचें।’
कार्यालय ने कहा है कि पश्चिमी देशों के नागरिकों को सीधे निशाना बनाया जा सकता है। बाजार, शापिंग मॉल, रेस्त्रां और ऐसी जगह जहां विदेशी और पाकिस्तानी सभ्रांत जमा होते हैं, हमले के लिए सबसे संभावित स्थल हैं। वहां की यात्रा के दौरान आप हर समय सतर्क रहें। ब्रिटिश कार्यालय ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इलाकों में जाने से बचने के लिए कहा है।(एजेंसीज इनपुट्स)

गरुड़ शास्त्र में पराई स्त्री के साथ सम्बन्ध बनाने एवं दैनिक कर्म के परिणाम

हमारे गृहस्थ जीवन के बारे में भारतीय प्राचीन शास्त्रों बहुत से सुझाव लिखे गये है| हर काम को करने के नतीजों के बारे में बताया गया है, फिर वो चाहे अच्छे कर्म हो या बुरे, अच्छे कर्मो का नतीज़ा हमेशा ही अच्छा होता है वही बुरे कर्मों के बुरे नतीजे भी लोगो को भुगतने पड़ते है।  शास्त्रों के अनुसार किसी पराई स्त्री के साथ सम्भोग करना पाप माना जाता है, और ऐसे इंसान को सीधे नर्क में जाना पड़ता है। वही किसी स्त्री के ऊपर बुरी नज़र रखने वाले, किसी पराई स्त्री के साथ संभोग का सोचने वाले लोगो को भी नर्क में ही जगह दी जाती है।
एक समय था, जब दिल्ली के पुराना किला स्थित भैरों मंदिर में किले की दीवारों पर चित्रों के माध्यम से प्राणियों को दुष्कर्मों से दूर रहने के लिए मृत्यु उपरान्त यमलोक में दी जाने वाली यातनाओं से अवगत करवाया जाता था। लेकिन पश्चिमी सभ्यता के मानव जीवन पर हावी होने के कारण मानव जीवन से हिन्दू मान्यताएँ धूमिल ही नहीं हुईं, बल्कि आस्था पर भी आघात हुआ है।
परिवार में किसी मृत्यु उपरान्त गरुड़ पुराण पाठ किया जाता है, लेकिन मनुष्य है, इसे केवल मृतक तक ही सीमित समझ एक धार्मिक पूर्ति मात्र मान कर करते हैं, परन्तु पुराण में दी गयीं शिक्षाओं को नजरअंदाज कर देते हैं।
जो लोग धर्म, देवता और पितरों का अपमान करते है ऐसे व्यक्ति पापी, मूर्छित कहलाते है और ये लोग नर्क में जाते है।नर्क में लोगो को अपने-अपने कुकर्मों के अनुसार दंडित किया जाता है और उस नर्क को झेलने की अवधि भी उसके किये गए पाप के अनुसार ही तय होती है। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति मर्यादा की रेखा पार करके परस्त्री अथवा परपुरुष से संबंध बनाता है उसके लिए यमराज ने बड़ा ही कठोर दंड निर्धारित किया है। ऐसे स्त्री और पुरुष की जीवात्मा को दहकते लोहे के खंभे का आलिंगन करवा जाता है। इससे जीवात्मा का शरीर जल जाता है। जीवात्मा उस क्षण को याद करके रोता है जब उसने अवैध संबंध बनाया था। इससे भी यमराज के दूतों के हृदय नहीं पिघलता हैं और बार बार दहकते लौह स्तंभ का आलिंगन करवाते हैं।
मनुस्मृति में बताया गया है कि मनुष्य को संयम से काम लेना चाहिए और परस्त्री संबंध से बचना चाहिए। मनु स्मृति में यह भी बताया गया है कि जो व्यक्ति काम भावना के वशीभूत होकर गुरु पत्नी से संबंध जोड़ता है उसके परलोक में उसके सिर पर योनि का चिन्ह बना दिया जाएगा। यह चिन्ह अगले जन्म में व्यक्ति के सिर पर नजर आएगा।

आग में लाल हुई स्त्री की मूर्ति का आलिंगन करना होगा जब तक व्यक्ति को अग्नि शुद्घ नहीं कर देती। ऐसे व्यक्ति के लिए तीसरी सजा यह है कि उसे अपने लिंग और अंडकोष को अपने हाथों से काटकर दक्षिण पश्चिम दिशा में चलना होगा जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो जाती है।
कुंवारी अथवा अल्पायु कन्या से संबंध की सजा गरूड़ पुराण में बताया गया है कि जो स्त्री अपने पति को छोड़कर दूसरे पुरूषों से संबंध स्थापित करती हैँ, उन्हेँ यमलोक में दहकते लोहे का आलिंगन कराया जाता है। पाप की सजा पूरी होने पर ऎसी स्त्री चमगादड़, छिपकली अथवा दो मुंहा सांप के रूप में जन्म लेती हैँ।
जो पुरूष अपने गोत्र की स्त्री से संबंध बनाता है, उसे लकड़बघ्घा अथवा शाही के रूप में जन्म लेना पड़ता है। कुंवारी अथवा अल्पायु कन्या से संबंध बनाने वाले को नर्क की घोर यातना सहने के बाद अजगर योनी में आकर जन्म लेना पड़ता है। जो व्यक्ति काम भावना से पीड़ित होकर गुरू की पत्नी का मान भंग करता है, ऐसा व्यक्ति वर्षों तक नर्क की यातना सहने के बाद गिरगिट की योनी में जन्म लेता है। मित्र के साथ विश्वासघात करके उसके पत्नी से संबंध बनाने वाले को यमराज गधा की योनी में जन्म देते हैं।
Tamisaraजो व्यक्ति दूसरों के धन ,स्त्री और पुत्र का अपहरण करता है, उस दुरात्मा को तामिस्र नामक नरक में यातना भोगनी पड़ती है। इसमें यमदूत उसे अनेक प्रकार का दण्ड देते हैं । उन्हें गरुड़ पुराण के अनुसार घोड़ो के द्वारा चलाये जाने वाले हथियार “गडा ” से कुचला जाता है। 

2 अन्ध्तामिसरा AndhTamisara

andhtamisaraजो पुरूष किसी के साथ विश्वासघात कर उसकी स्त्री से समागम करता है, उसे अंधतामिस्र नरक में घोर यातना भोगनी पड़ती है।इस नरक में वह नेत्रहीन हो जाता है।शादी के बाद पति या पत्नी को धोखा देने वाले को अचेत हालत में नरक कुण्ड में डाल दिया जात है

3 रोरवा Rourava

Rouravaदुसरो के परिवार को ख़त्म करने या दुखी करने वाले को यमदूतो के द्वारा जननांगो पर चोट मारी जाती है

4 महारौरव Maharaurava

Maharauravaइस नरक में माँस खाने वाले रूरू जीव दूसरे जीवों के प्रति हिंसा करने वाले प्राणियों को पीड़ा देते हैं ।दुसरो की सम्पति हडपने वाले को जंगली जानवरों से प्रताड़ित किया जाता है

5 कुम्भीपाक Kumbhipakam

Kumbhipakamपशु-पक्षी आदि जीवों को मार कर पकाने वाला मनुष्य कुम्भीपाक नरक में गिरता है। यहाँ यमदूत उसे गरम तेल में उबालते हैं। भोजन के लिए मासूम लोगो की जान लेने वाले को यमदूतो के द्वारा गर्म तेल की कढ़ाही में तला जाता है इस सजा को आपने अपरिचित फिल्म में भी देख चुके होंगे |

6 असिपत्र Asipatram

Asppatramवेदों के बताए मार्ग से हट कर पाखण्ड का आश्रय लेने वाले मनुष्य को असिपत्र नामक नरक में कोड़ों से मारकर दुधारी तलवार से उसके शरीर को छेदा जाता है।

7 शूकरमुख

अधर्मपूर्ण जीवनयापन करने वाले या किसी को शारीरिक कष्ट देने वाले मनुष्य को शूकरमुख नरक मे गिराकर ईख के समान कोल्हू में पीसा जाता है।

8 अंधकूप

दूसरे के दुःख को जानते हुए भी कष्ट पहुचाने वाले व्यक्ति को अंधकूप नरक में गिरना पड़ता है। यहाँ सर्प आदि विषैले और भयंकर जीव उसका खून पीते हैं।
Anthakoopa

#9 संदंश

धन चुराने या जबरदस्ती छीनने वाले प्राणी को संदंश नामक नरक में गिरना पड़ता है। जहाँ उसे अग्नि के समान संतप्त लोहे के पिण्डों से दागा जाता है।

#10 तप्तसूर्मि

जो व्यक्ति जबरन किसी स्त्री से समागम करता है, उसे तप्तसूर्मि नामक नरक में कोड़े से पीटकर लोहे की तप्त खंभों से आलिंगन करवाया जाता है।
Garud Puran Punisments 12

#11 शाल्मली

जो पापी व्यक्ति पशु आदि प्राणियों से व्यभिचार करता है, उसे शाल्मली नामक नरक में गिरकर लोहे के काँटों के बीच पिसकर अपने कर्मों का फ़ल भोगना पड़ता है।

12 वैतरणी

धर्म का पालन न करने वाले प्राणी को वैतरणी नामक नरक में रक्त, हड्डी, नख, चर्बी, माँस आदि अपवित्र वस्तुओं से भरी नदी में फेंक दिया जाता है।
vaitharni

#13 प्राणरोध

मूक प्राणियों का शिकार करने वाले लोगों को प्राणरोध नामक नरक में तीखे बाणों से छेदा जाता है।
Garud Puran Punisments 28

#14 विशसन

जो मनुष्य यज्ञ में पशु की बलि देतें हैं, उन्हें विशसन नामक नरक में कोड़ों से पीटा जाता है।
Garud Puran Punisments 26

15 लालाभक्ष

कामावेग के वशीभूत होकर सगोत्र स्त्री के साथ समागम करने वाले पापी व्यक्ति को लालाभक्ष नरक में रहकर वीर्यपान करना पड़ता है।
Garud Puran Punisments 33

#16 सारमेयादन

धन लूटने वाले अथवा दूसरे की सम्पत्ति को नष्ट करने वाले को व्यक्ति को सारमेयादन नरक में गिरना पड़ता है। जहाँ सारमेय नामक विचित्र प्राणी उसे काट-काट कर खाते हैं।
Garud Puran Punisments 34

17 अवीचि

दान एवं धन के लेन-देन में साक्षी बनकर झूठी गवाही देने वाले व्यक्ति को अवीचि नरक में, पर्वत से पथरीली भूमि पर गिराया जाता है; और पत्थरों से छेदा जाता है।
Garud Puran Punisments 36

#18 अयःपान:

मदिरापान करने वाले मनुष्य को अयःपान नामक नरक में गिराकर गर्म लोहे की सलाखों से उसके मुँह को छेदा जाता है।Garud Puran Punisments 37

19 पंरिमुखम :

मासूम लोगो को बिना कानूनी प्रक्रिया से सजा देने वाले को सूअर जैसे जानवर के दातो टेल छोड़ दिया जाता है

panrimukham20 क्षारकर्दम:

अपने से श्रेष्ठ पुरूषों का सम्मान न करने वाला व्यक्ति क्षारकर्दम नामक नरक में असंख्य पीड़ाएँ भोगता है।

21 शूलप्रोत:

Garud Puran Punisments 21पशु-पक्षियों को मारकर अथवा शूल चुभोकर मनोरंजन करने वाले मनुष्य को शूलप्रोत नामक नरक में शूल चुभाए जाते हैं। कौए और बटेर उसके शरीर को अपनें चोंचों से छेदते हैं।

22 कालासुथिरा 


Ngaye_Naraka_in_Burmese_artभूख से पीड़ित अपने माता पिता और परिवार को प्रताड़ित करने को भी तेल में ही तला जाता है
Garud Puran Punisments 10

#24 पर्यावर्तन:

घर आए अतिथियों को पापी दृष्टि से देखने वाले व्यक्ति को पर्यावर्तन नामक नरक में रखा जाता है।जहाँ कौए, गिद्ध, चील, आदि क्रूर पक्षी अपनी तीखी चोंचों से उसके नेत्र निकाल लेते हैं।

25 असितपत्र्म

:–  जो अपने धार्मिक कर्म  को ढंग से नहीं निभाते उनको बुरी आत्माओ से डराया जाता है
Garud Puran Punisments 13

#26 सूचीमुख:

सदा धन संग्रह में लगे रहने वाले और दूसरों की उन्नति देखकर ईर्ष्या करने वाले मनुष्य को सूचीमुख नरक में यमदूत सूई से वस्त्र की भाँति सिल देते हैं।
Garud Puran Punisments 20

#27 कालसूत्र:

पिता और ब्राह्मण से वैर करने वाले मनुष्य को इस नरक में कोड़ों से मारा जाता है; और दुधारी तलवार से छेदा जाता है।

#13 प्राणरोध

मूक प्राणियों का शिकार करने वाले लोगों को प्राणरोध नामक नरक में तीखे बाणों से छेदा जाता है।
Garud Puran Punisments 28

#14 विशसन

जो मनुष्य यज्ञ में पशु की बलि देतें हैं, उन्हें विशसन नामक नरक में कोड़ों से पीटा जाता है।
Garud Puran Punisments 26

15 लालाभक्ष

कामावेग के वशीभूत होकर सगोत्र स्त्री के साथ समागम करने वाले पापी व्यक्ति को लालाभक्ष नरक में रहकर वीर्यपान करना पड़ता है।
Garud Puran Punisments 33

#16 सारमेयादन

धन लूटने वाले अथवा दूसरे की सम्पत्ति को नष्ट करने वाले को व्यक्ति को सारमेयादन नरक में गिरना पड़ता है। जहाँ सारमेय नामक विचित्र प्राणी उसे काट-काट कर खाते हैं।
Garud Puran Punisments 34

17 अवीचि

दान एवं धन के लेन-देन में साक्षी बनकर झूठी गवाही देने वाले व्यक्ति को अवीचि नरक में, पर्वत से पथरीली भूमि पर गिराया जाता है; और पत्थरों से छेदा जाता है।
Garud Puran Punisments 36

#18 अयःपान:

मदिरापान करने वाले मनुष्य को अयःपान नामक नरक में गिराकर गर्म लोहे की सलाखों से उसके मुँह को छेदा जाता है।Garud Puran Punisments 37

19 पंरिमुखम :

मासूम लोगो को बिना कानूनी प्रक्रिया से सजा देने वाले को सूअर जैसे जानवर के दातो टेल छोड़ दिया जाता है

panrimukham20 क्षारकर्दम:

अपने से श्रेष्ठ पुरूषों का सम्मान न करने वाला व्यक्ति क्षारकर्दम नामक नरक में असंख्य पीड़ाएँ भोगता है।

21 शूलप्रोत:

Garud Puran Punisments 21पशु-पक्षियों को मारकर अथवा शूल चुभोकर मनोरंजन करने वाले मनुष्य को शूलप्रोत नामक नरक में शूल चुभाए जाते हैं। कौए और बटेर उसके शरीर को अपनें चोंचों से छेदते हैं।

22 कालासुथिरा 

Ngaye_Naraka_in_Burmese_artभूख से पीड़ित अपने माता पिता और परिवार को प्रताड़ित करने को भी तेल में ही तला जाता है
Garud Puran Punisments 10

#24 पर्यावर्तन:

घर आए अतिथियों को पापी दृष्टि से देखने वाले व्यक्ति को पर्यावर्तन नामक नरक में रखा जाता है।जहाँ कौए, गिद्ध, चील, आदि क्रूर पक्षी अपनी तीखी चोंचों से उसके नेत्र निकाल लेते हैं।

25 असितपत्र्म

:–  जो अपने धार्मिक कर्म  को ढंग से नहीं निभाते उनको बुरी आत्माओ से डराया जाता है
Garud Puran Punisments 13

#26 सूचीमुख:

सदा धन संग्रह में लगे रहने वाले और दूसरों की उन्नति देखकर ईर्ष्या करने वाले मनुष्य को सूचीमुख नरक में यमदूत सूई से वस्त्र की भाँति सिल देते हैं।
Garud Puran Punisments 20

#27 कालसूत्र:

पिता और ब्राह्मण से वैर करने वाले मनुष्य को इस नरक में कोड़ों से मारा जाता है; और दुधारी तलवार से छेदा जाता है।