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राजस्थान : कांग्रेसी टूलकिट का हो रहा पालन, सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं की सिफारिश पर अस्पतालों में मिल रहे हैं वेड और वेंटिलेटर

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को बदनाम करने के लिए टूलकिट तैयार की थी, जिसका खुलासा होने के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। इस टूलकिट में कहा गया है कि सिर्फ उन लोगों की मदद कीजिए जो इंडियन यूथ कांग्रेस के ट्विटर पेज को टैग कर रहे हों। टूलकिट में अस्पतालों में बेड और अन्य सुविधाओं की जमाखोरी की बात भी कही गई है। यह भी कहा गया है कि कुछ

हॉस्पिटल में कुछ बेड ब्लॉक करके रखें और हमारे अनुरोध पर ही उसे रिलीज़ करें। टूलकिट में दिए गए इन निर्देशों का राजस्थान के कोटा के अस्पतालों मे पूरी तरह पालन हो रहा है। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद राजवर्धन सिंह राठौर ने कोटा के एमबीएस अस्पलात में एक महिला मरीज से साथ घटी घटना का जिक्र करते हुए ट्वीट किया है कि जैसा कांग्रेस टूलकिट में कहा गया,ठीक वैसा ही राजस्थान में हो रहा है। बेड ख़ाली है, लेकिन चाहे मरीज को कितनी भी जरूरत हो, वो सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओंं की सिफारिश के बिना नहीं मिल सकता है।

 

एमबीएस अस्पताल की आईसीयू में बेड व वेंटिलेटर खाली होने के बावजूद महिला मरीज को नहीं दिया गया। परिजनों ने आईसीयू में जाकर खाली बेड व वेंटिलेटर की फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखाया और परिजन दो घंटे तक डॉक्टर के सामने बेड के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन फिर भी महिला मरीज को बेड नहीं दिया गया। आखिरकार महिला की सांस टूट गई।

मृतका के नाती चंदन ने बताया कि उसकी नानी बीना देवी महात्मा गांधी कॉलोनी की रहने वाली थी। उनकी 19 अप्रैल को रात 2 बजे तबीयत खराब हो गई। जांच में पॉजिटिव होने पर एमबीएस के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती काराया गया था। नानी का ऑक्सीजन सेच्युरेशन डाउन था। उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही थी। बुधवार रात 2 बजे नानी की तबीयत बिगड़ गई।

वार्ड में मौजूद डॉक्टर ने वेंटिलेटर पर शिफ्ट करने को कहा, लेकिन अस्पताल में आईसीयू व वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कही। डॉक्टर ने साफ मान कर दिया और कहा कि हमारे पास वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। आप इनको ले जा सकते हैं। अगर आपकी किसी नेता से जान पहचान है तो आप उनका फोन करावा दो, आपका काम हो जाएगा।

चंदन ने बताया कि जब उन्होंने आईसीयू में जाकर देखा तो वहां बेड व वेंटिलेटर खाली था। बाकायदा उसका फोटो खींचकर लेकर आए और डॉक्टर को दिखाया। लेकिन डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। मरीज को खाली पड़े वेंटिलेटर पर शिफ्ट करने के लिए 2 घंटे तक डॉक्टर से गिड़गिड़ाते रहे। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिर तड़के करीब 4 बजे महिला मरीज ने दम तोड़ दिया।