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कश्मीर ना पाकिस्तान का था और ना कभी होगा : मुस्लिम विद्वान इमाम मोहम्मद ताहिदी

शांति के इमामएक अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक स्कॉलर ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को आईना दिखा दिया है। इराकी मूल के ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिम विद्वान इमाम मोहम्मद ताहिदी ने जम्मू-कश्मीर के मसले पर भारत के हक में ऐसी-ऐसी बातें कहीं, जिसे सुनकर पाकिस्तानियों और पाकिस्तान परस्त दूसरे लोगों के भी कान खड़े हो जाएंगे। ताहिदी ने साफ कह दिया है कि पाकिस्तान को इस मसले में पड़ना ही नहीं चाहिए, क्योंकि कश्मीर न तो कभी पाकिस्तान का था और न कभी हो ही पाएगा।
शांति के इमाम 

जाने-माने मुस्लिम विद्वान इमाम मोहम्मद ताहिदी खुद को 'इमाम ऑफ पीस' बताते हैं। उनके मुताबिक वे शांति दूत हैं और सुधारवादी इमाम हैं। अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने खुद को 'नेशनल बेस्टसेलिंग ऑथर' बताया है, जो उग्रवाद के साथ-साथ अति-वामपंथ और अति-दक्षिणपंथ का भी विरोधी है। वह हमेशा से कश्मीर को 'हिंदुओं की धरती' बताते रहे हैं और जब भारत यात्रा पर आए थे, तब भी कहा था कि कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हो ही नहीं सकता। वही बात इस बार उन्होंने ज्यादा विस्तार से और खुलकर बताई है।
भारत तो इस्लाम से भी पुराना है 
इमाम मोहम्मद ताहिदी ने पाकिस्तान से कहा है कि वह कश्मीर की परिस्थितियों पर ईमानदारी से विचार करे। उन्होंने पाकिस्तान से दो टूक कह दिया है कि कश्मीर न तो कभी पाकिस्तान था और न ही कभी होने वाला है। उनके शब्दों में,"कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं था। कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा। पाकिस्तान और कश्मीर दोनों भारत के अंग हैं। मुसलमान हिंदू धर्म से इस्लाम में परिवर्तित हो रहे हैं.....इससे ये सच्चाई नहीं बदल जाती कि यह पूरा क्षेत्र हिंदुओं का है। पाकिस्तान को तो छोड़िए, भारत तो इस्लाम से भी पुराना है.....ईमानदारी से स्वीकार कीजिए....."

ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं ताहिदी 

इस इमाम के खिलाफ भी जारी हो चुका है फतवाईरान में जन्मे इराकी मूल के मोहम्मद ताहिदी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। वे ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रवचन कई मुस्लिम धर्मगुरुओं को रास नहीं आते। इसके चलते वह कई बार वे आलोचनाओं के भी शिकार हो चुके हैं। बता दें कि उनपर एक बार मेलबर्न में हमला भी हो चुका है। तब दो मुस्लिम युवकों ने उनकी कार पर हमला किया था। ताहिदी मुस्लिम महिलाओं के हिजाब पहनने की भी आलोचना करते हैं। उन्होंने कई मौकों पर शरिया कानून अपनाने वाले मुस्लिम देशों की भी आलोचना की है। वे दुनियाभर में हुए आतंकी हमलों की आलोचना कर चुके हैं और कहते हैं इस्लाम में कट्टरपंथ कैंसर की तरह फैल रहा है। ताहिदी का ये भी कहना है कि आतंकी संगठन आईएस का इस्लाम से कोई लेना देना नहीं है। वे हिंदुत्व को ईश्वर के सबसे ज्यादा करीब और दुनिया का सबसे पवित्र धर्म और हिंदू को खूबसूरत बता चुके हैं।
इस इमाम के खिलाफ भी जारी हो चुका है फतवा 

इस्लाम के खिलाफ कड़े बयानों को लेकर उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया जा चुका है। मुस्लिमों का एक तबका उन्हें फर्जी इमाम भी बताता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के नेशनल इमाम काउंसिल भी बयान देकर उन्हें फर्जी शेख बता चुका है। हालांकि एक भारतीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि 'भारत के मुसलमान बहुत अच्छे हैं। लेकिन मेरी दिक्कत इस्लाम के पाकिस्तानी वर्जन से है। जो आतंकियों से काफी प्रभावित है।'

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