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पंजाब चुनाव : ‘राघव चड्ढा चोर है’: AAP के पंजाब सह-प्रभारी, जमकर हंगामा, चले लात-घूँसे

पिछले दरवाजे से भागते राघव चड्ढा (साभार: ट्विटर)
पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों (Punjab assembly polls) में आम आदमी पार्टी (AAP) भले ही जीत के दावे कर रही हो, लेकिन वास्तविकता यही है कि वहाँ पार्टी में ही फूट पड़ी हुई है। शुक्रवार (7 जनवरी 2022) को जालंधर में आम आदमी पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान आप नेता टिकट बँटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए और खूब लात-घूँसे चले।

प्रेस क्लब में राघव चड्ढा (Raghav chaddha) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉन्ग्रेस के पूर्व पार्षद दिनेश ढल को पार्टी में शामिल करवाया जाना था, लेकिन टिकट बँटवारे को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पंजाब के सह-प्रभारी के खिलाफ ‘राघव चड्ढा चोर है’ के नारे लगाए गए। बात यहीं तक रहती तो गनीमत होती, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि लोगों के बीच जमकर मारपीट भी हो गई। टिकट बंटवारे को लेकर करीब 45-50 मिनट हुए बवाल के बाद राघव चड्ढा को पिछले दरवाजे से बाहर भागना पड़ा।

आम आदमी पार्टी में इस अंदरूनी बवाल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया (social media) पर खूब शेयर किए जा रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो में पार्टी के नेताओं को जालंधर प्रेस क्लब में एक-दूसरे को धक्का देते और मारपीट करते देखा जा सकता है।

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो बीजेपी (BJP) नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज (Lakshmikant bhardwaj) ने ट्विटर पर शेयर किया, जिसमें आप के कार्यकर्ता और नेता ‘राघव चड्ढा चोर हैं’ के नारे लगाते हुए देखे जा सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बवाल टिकट के दावेदार जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से डॉ शिव दयाल माली और जालंधर मध्य क्षेत्र के डॉ संजीव शर्मा के समर्थकों और राघव चड्ढा व दिनेश ढल के समर्थकों के बीच शुरू हुआ। टिकट के लिए दावेदारी करने वाले आप नेताओं के समर्थकों का आरोप है कि राघव चड्ढा अपने साथ बाउंसर लेकर आए थे। जब वो टिकट के लिए नारेबाजी कर रहे थे तो उन बाउंसर्स ने उनके साथ मारपीट की।

7 जनवरी 2021 की शाम को जब 4:30 बजे प्रेस क्लब में घुस रहे थे, तो उसी दौरान आप के समर्थकों ने ‘राघव चड्ढा चोर है’ के नारे लगाते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन कर रहे आप के समर्थकों ने भ्रष्ट लोगों को पार्टी में शामिल करने के लिए सीक्रेट समझौते करने का आरोप राघव चड्ढा पर लगाया।

विरोध के बाद राघव चड्ढा पहले तो अपनी कार से लौट गए और फिर कुछ देर में अपने साथ कुछ बॉडी बिल्डर्स को लेकर लौटे। इन बॉडी बिल्डर्स ने प्रदर्शन कर रहे आप कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की करके प्रेस क्लब के अंदर राघव चड्ढा को पहुँचाया।

अंदर जाने के तुरंत बाद चड्ढा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता और दो बार के पार्षद दिनेश ढल को पार्टी में शामिल कराया और पिछले दरवाजे से निकलकर अपनी गाड़ी में बैठ गए। हालाँकि, प्रदर्शनकारी आप समर्थकों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया, लेकिन ड्राइवर गाड़ी भगाकर निकाल ले गया।

पंजाब के लोगों को केजरीवाल ने दिया था मुफ्तखोरी का लालच

भले ही पंजाब में आम आदमी पार्टी टिकट के बँटवारे को लेकर अंदरूनी विद्रोह का सामना कर रही हो, लेकिन अरविंद केजरीवाल कोरोना नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए जमकर चुनावी रैलियाँ कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी की सरकार आने पर पंजाब में 300 यूनिट मुफ्त बिजली, बकाया बिजली बिलों को रद्द करने और चौबीसों घंटे बिजली देने का वादा किया है। हाल ही में भगवंत मान को पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर सहमति जताई गई थी।

बेड न मिलने से अस्पताल के बाहर मरीज ने दम तोड़, उड़ा दी केजरीवाल के दावे की धज्जियां

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2 मई, 2020 को ‘दिल्ली कोरोना’ एप लॉन्च किया। इस एप को लॉन्च करते समय केजरीवाल ने कहा कि अब लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, लेकिन हमने इतना इंतजाम किया हुआ है कि अगर आपके घर में कोई बीमार होता है तो उसके लिए बेड, ऑक्सीजन और आईसीयू का इंतजाम है। लेकिन दो दिन बाद ही केजरीवाल के इस दावे की पोल खुल गई। बेड न मिलने की वजह से एक मरीज ने लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के बाहर दम तोड़ दिया। 
मृतक 1 जून को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। घरवालों की शिकायत है कि मरीज को 1 तरीख से लगातार दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में एडमिट करने की कोशिश की गई लेकिन उन्हें कहीं जगह नहीं मिली।
जून 4 की सुबह जब मरीज की हालत ज्यादा खराब हुई तो उन्हें दिल्ली के लोक नायक अस्पताल लाया गया। लेकिन अस्पताल ने मरीज को एडमिट करने से मना कर दिया। काफी देर इंतजार करने के बाद घर वाले खुद मरीज को स्ट्रेचर पर सुलाकर इमरजेंसी में ले जाने लगे तो एक डॉक्टर ने मरीज को भर्ती किया। कुछ समय के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले पर सफाई देते हुए अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जब मरीज अस्पताल लाया गया तो वो पहले से ही मृत था। वहीं मृतक की बेटी अमरप्रीत ने ट्वीट कर आपने पिता की मौत की जानकारी देते हुए कहा कि वो अब नहीं रहे, हमारी सरकार ने हमें फेल कर दिया।


अमरप्रीत पिछले कई दिनों से लगातार ट्वीटर पर अपने पिता के इलाज को लेकर दिल्ली सरकार और अस्पतालों से मदद मांगने की कोशिश कर रही थीं। पिता को अस्पताल लाने के बाद अमरप्रीत ने ही ट्वीट कर कहा “मेरे पिता को तेज बुखार है, हमें जल्द उन्हें अस्पताल में भर्ती करना है, मैं लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के बाहर खड़ी हूं और ये लोग इन्हें भर्ती नहीं कर रहे हैं। मेरे पिता को कोरोना है, तेज बुखार है, उन्हे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। वो बिना मदद के नहीं बच पाएंगे। प्लीज मदद कीजिए।”
एप लॉन्च करते समय सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर बेड खाली होने के बाद भी कोई अस्पताल मरीज को नहीं भर्ती करता है तो आप 1031 पर फोन कीजिए और अपनी समस्या बताइए। इसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को होगी और वह तुरंत उस अस्पताल से बात करके आपको ऑन द स्पॉट बेड दिलवाएंगे। लेकिन हेल्पलाइन पर मदद की गुहार लगाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अमरप्रीत ने ट्वीट कर बताया कि 2 जून को हैल्पलाइन नंबर पर कॉल किया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पिता को खोने के बाद अब अमरप्रीत और उनके परिवारवालों के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। पिता की मौत की खबर के बाद अमरप्रीत ने ट्वीट कर बताया कि उनके परिवार का कोरोना टेस्ट नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि हम सुबह से कोशिश कर रहे हैं लेकिन हमारा टेस्ट नहीं हो पा रहा है। मेरी मां, भाई, उनकी बीवी और 2 बच्चों का टेस्ट होना है।
दिल्ली सरकार के दावे के विपरीत अस्पतालों में अव्यवस्था का आलम है। कोरोना टेस्ट की समुचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से मरीज और उनके परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटकने को मजबूर है। मरीज के परिजन सीएम केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और आम आदमी पार्टी के नेताओं से ट्विटर और अन्य माध्यम से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मरीज के परिजनों ने केजरीवाल को नसीहत दी है कि रोज 12 बजे टीवी पर आकर गाल बजाने से इलाज नहीं होता।