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दिल्ली : फिर डराने लगा कोरोना, देश में पिछले 24 घंटों में सामने आए 20,551 नए मामले

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के कुल 2,202 नए मामले सामने आए हैं। यहां संक्रमण दर की रफ्तार 11.84 पर पहुंच गई है। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 4 लोगों की मौत हो गई। इसे मिलाकर अभी तक दिल्ली में कोरोना से 26,325 लोगों की जान जा चुकी है।

देश में तेज रफ्तार से जारी टीकाकरण के बाद भी दिल्ली-केरल जैसे राज्यों के कारण कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कारण देश में कोरोना के मामलों में कमी नहीं आ पा रही है। जहां हर जगह कोरोना के मामलों में कमी आ रही है, वहीं दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में मामले बढ़ ही रहे हैं। इन राज्यों के नए मामलों को मिलाकर देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20,551 नए मामले सामने आए हैं। इस कारण देश में फिलहाल एक्टिव केस 1,35,364 पर है। इस समय रिकवरी रेट 98.50 प्रतिशत पर है।

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,862 नए मामले सामने आए हैं, इससे राज्य में अब तक कोरोना के कुल 80,53,965 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही यहां कोरोना से 1,48,124 लोगों की मौत हो चुकी है।

तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,211 नए मामले सामने आए हैं, इससे राज्य में अब तक कोरोना के कुल 35,49,406 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही तमिलनाडु में कोरोना से 38,033 लोगों की मौत हो चुकी है।

पिछले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल में कोरोना के 775 नए मामले सामने आए हैं, इससे राज्य में अब तक कोरोना के कुल 20,96,896 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में अभी तक कोरोना से 21,384 लोगों की मौत हो चुकी है।

केरल तो शुरू से ही कोरोना हब बना हुआ है। पौने चार करोड़ से भी कम की आबादी वाला केरल 67.26 लाख मामलों के साथ कोरोना के मामले में देश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। केरल में पिछले 24 घंटे में 1,364 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 27 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 70,536 पर पहुंच गई है। कोरोना से मौत के मामले में यह छोटा सा राज्य देश में दूसरे स्थान पर है।

केरल ने तो कोरोना मौत के मामले को दबाने की भी कोशिश की। अदालत की सख्ती के बाद केरल ने बैकलॉग जोड़ने शुरू किए। इससे कोरोना से मौत के मामले अचानक काफी बढ़ गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 21 अक्तूबर, 2021 से लेकर 11 नवंबर, 2021 के बीच 21 दिनों में सरकारी डेटा में दिखाई गई 7,838 मौतों में सिर्फ 1,257 ताजा मामले थे। इनमें से 6,581 मौतें पहले के थे। लेफ्ट सरकार इसी तरह आंकड़े को कम दिखाकर केरल मॉडल पर पक्षकारों से वाहवाही प्राप्त कर अपने पक्ष में माहौल बनाती थी।

कोरोना मामले में आगे होने के बाद भी यहां की वामपंथी सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट दे दी थी। इससे राज्य में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हो गया। तथाकथित सेकुलर, लिबरल पक्षकारों के बल पर केरल मॉडल को लेकर वाहवाही लूटने वाली वामपंथी सरकार कोरोना प्रबंधन में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रोपगेंडा और लेफ्ट मीडिया के बल पर दुनिया भर में केरल मॉडल का बखान करने वाली केरल सरकार की पोल खुल गई है। बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर 20 जुलाई, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ये डरावना है कि ऐसे हालात होने को बावजूद पाबंदियों में इस तरह छूट दी गई। कोरोना के इस हालात में रियायत देना सॉरी स्टेट ऑफ अफेयर है।

इस सबके बावजूद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका नजारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी के साथ छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में देखने को मिला।

सीएम पी विजयन बैठक के दौरान चाय पीते और कुछ खाते दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि वे सिर्फ बैठक में शामिल होने की औपचारिकता निभा रहे थे। उनकी हरकत से साफ लग रहा था कि बैठक में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। 

इतना सब होने के बाद भी लेफ्ट के करीबी पक्षकार केरल के सीएम का पक्ष ले रहे हैं और केरल मॉडल की प्रशंसा करने में जुटे हुए हैं। इसे क्या कहिएगा

सेक्स, कामुकता, शराब और रिलेशनशिप की बातें: चेन्नई में 3 यूट्यूबर्स गिरफ्तार

                                                   'चेन्नई टॉक्स' चैनल के एक वीडियो में महिलाओं से बात करते यूट्यूबर
ग्रेटर चेन्नई की पुलिस ने 3 यूट्यूबर्स को गिरफ्तार किया है। वो यूट्यूब पर ‘चेन्नई टॉक्स’ नामक चैनल चलाते हैं। चैनल के एक वीडियो में ये लोग एक महिला के साथ सेक्स और शराब पीने के बारे में चर्चा कर रहे थे, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। 200 वीडियो वाले इस चैनल के अधिकतर वीडियो वॉक्स-पॉप फॉर्मेट में हैं, जिसमें कई लोगों से अलग-अलग मुद्दों पर बात की जाती है और उन्हें एडिट कर के एक साथ लाया जाता है।

पुलिस का कहना है कि इनमें से अधिकतर वीडियोज में युवक-युवतियाँ सेक्स, कामुकता, रिलेशनशिप और शराब पीने को लेकर चर्चा करते दिखते हैं। शास्त्री नगर पुलिस ने बताया कि ये लोग अधिकतर अपने वीडियो को बसंत नगर बीच पर शूट करते थे। कैमरा और माइक्रोफोन लेकर लोगों से सवाल पूछे जाते थे। पुलिस ने चैनल के मालिक दिनेश (31), वीजे असेन बादशाह (23) और कैमरापर्सन अजय बाबू (24) को गिरफ्तार किया है।

इन सबके खिलाफ सार्वजनिक रूप से अश्लीलता फैलाने के साथ-साथ यौन शोषण का भी आरोप लगाया गया है। कुछ लोगों ने इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कहा कि बीच पर ये लोग प्रैंक वीडियो शूट कर रहे थे और रोकथाम के लिए आए लोगों को गाली दे रहे थे। पुलिस ने कहा कि महिलाओं से उनके व्यक्तिगत जीवन के डिटेल्स भी पूछे जाते थे। इसी तरह के एक वीडियो में देखी गई एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

महिला इस वीडियो में खुल कर बात करती दिख रही है। लेकिन, उसका कहना है कि इसके वायरल होने के बाद उसे ‘स्लट-शेमिंग’ का सामना करना पड़ा और कई लोगों ने उसे गालियाँ बकीं। महिला का कहना है कि चैनल ने कमेंट्स डिसेबल करने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। महिला ने वीडियो के लिए 1500 रुपए लेने की बात कबूल करते हुए कहा कि वीडियो का स्क्रिप्ट ही वायरल होने के लिए तैयार किया गया था।

इन यूट्यूबर्स के खिलाफ IPC की धारा-294(b) (किसी भी सार्वजनिक स्थान या उसके आस पास कोई अश्लील गाना या बातचीत), 354(b) (किसी शख्स द्वारा जबरन किसी महिला के कपड़े उतरवाना या फिर इसके लिए उकसाना), 509 (किसी स्त्री की एकान्तता का अतिक्रमण, किसी शब्द का वस्तु के प्रदर्शन से महिला को ठेस पहुँचाना) और 506 (ii) (किसी को देख लेने की धमकी) के साथ-साथ तमिलनाडु में महिला अपराध के खिलाफ बने कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उनके सारे उपकरणों को जब्त कर के आरोपितों को जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया है। चैनल पर 7 करोड़ से अधिक व्यूज आ चुके हैं। पुलिस चैनल को डिलीट करने के लिए भी प्रयास कर रही है। हालाँकि, वीडियो में क्या अवैध था, इस सम्बन्ध में पुलिस ने मीडिया को कुछ नहीं बताया है। पुलिस ने बताया कि चैनल के लोग ही वीडियो में आसपास से गुजरते लोगों का भी रोल करते थे और इसे नेचुरल रूप में दिखाते थे।

नवंबर 2020 में भी एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया गया था। बिहार मूल के यूट्यूबर राशिद सिद्दीकी ने 4 महीनों में सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के मामले में फ़ेक न्यूज़ का फैलाकर 15 लाख रुपए कमाए थे। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने अपने बारे में झूठे दावों के कारण उस पर 500 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। 25 वर्षीय राशिद सिद्दीकी सिविल इंजिनियर था और उसके चैनल पर 3.70 लाख सब्सक्राइबर्स थे।

ABP-C Voter का ओपिनियन पोल : असम-पुडुचेरी में BJP की सरकार, बंगाल में 5% वोट से बिगड़ रही बात, ममता तीसरी बार

चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के साथ ही 5 राज्यों में आचार संहिता लागू हो चुकी है और खास बात ये है कि भाजपा इस बार पाँचों राज्यों में शीर्ष 2 की लड़ाई में है। ये वो राज्य हैं, जहाँ 2014 से पहले पार्टी के लिए खाता खोलना भी मुश्किल होता था। इसी बीच एबीपी न्यूज और सी-वोटर ओपिनियन पोल ने सर्वे किया है, जिसके आधार पर दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनती दिख रही है।

इस ओपिनियन पोल के हिसाब से कुल 294 सीटों में वोट प्रतिशत की बात करें TMC को 43% वोट, बीजेपी को 38% वोट मिल सकता है। वहीं कांग्रेस-वामपंथी गठबंधन को 13% वोट मिल सकता है। दूसरे अर्थों में कहा जाए कि इतने वर्ष राज करने वाली कांग्रेस और वामपंथी धरातल में जा रहे हैं। अन्य के खाते में 6% वोट जाने की संभावना जताई गई है।

ममता बनर्जी की पार्टी TMC को 148-164 सीटें आने की संभावना जताई गई है। भाजपा यूँ तो तो 200 का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है, लेकिन उसे 92-100 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

इस सर्वे के हिसाब से कांग्रेस और वामपंथियों का गठबंधन लड़ाई में भी नहीं है और उसे 31-39 सीटें ही मिलने की संभावना है। बताते चलें कि 34 साल तक सत्ता में रहे वामदलों के गठबंधन को हराकर TMC ने 2011 में 294 सीटों में से 194 सीटें हासिल की थी।

2016 के विधानसभा चुनाव में TMC और मजबूत हुई और कुल 211 सीटों पर उसका कब्ज़ा हुआ। बंगाल में किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों के जादुई आँकड़े की जरूरत होती है।

सर्वे की मानें तो केरल में CPI(M) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खाते में इस बार 83-91 सीटें जाने की संभावना है और कांग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को मात्र 47 से 55 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। इस तरह से पिनाराई विजयन दोबारा मुख्यमंत्री बन सकते हैं। LDF को 40% और UDF को 33% वोट्स मिलने की संभावना जताई गई है।

असम में भाजपा के लिए अच्छी खबर है और सत्ता में उसकी लगातार दूसरी बार वापसी होती दिख रही है। भाजपा गठबंधन का वोट प्रतिशत 42% होने का अनुमान लगाया गया है और उसे 126 सदस्यीय विधानसभा में 68-76 सीटें मिलते दिखाया गया है। हालाँकि, कांग्रेस यहाँ 31% वोट्स पाकर 43-51 सीटें झटक सकती है। 30 सीटों वाली पुडुचेरी में भी भाजपा 36% वोट शेयर और 17-21 सीटें जीत कर सरकार बना सकती है।

बात दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की करें तो वहाँ DMK गठबंधन को आगे बताया गया है। इस सर्वे की मानें तो AIADMK और भाजपा के गठबंधन को जहाँ महज 29% वोट ही मिलेंगे, वहीं स्टालिन की अगुआई वाली कांग्रेस और DMK गठबंधन को 41% वोट मिलेंगे। सीटों की बात करें तो 154-162 सीटें पाकर स्टालिन मुख्यमंत्री बन सकते हैं, वहीं मौजूद सत्ताधारी गठबंधन को 58-66 सीटों से संतोष करना पड़ेगा।

उधर सीएम ममता ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। बीजेपी के कहने पर ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा, किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा, ”क्या केंद्र के निर्देश पर तारीखों का ऐलान किया गया है? जिलों को 2 भागों में क्यों बाँटा गया है? हमारा अनुरोध है कि पैसे की बर्बादी बंद की जाए। हम जमीनी नेता हैं और स्थानीयों की परेशानी से वाकिफ हैं।”

‘एक भी बाल मजदूर मिला तो लोकसभा से इस्तीफा दे दूँगा’: पटाखों पर झूठ फैला रही पत्रकार को कांग्रेस नेता, मणिकम टैगोर,की चुनौती

कांग्रेस सांसद ने रूपा सुब्रमण्या के झूठ की खोली पोल
पत्रकार रूपा सुब्रमण्या ने ऑपइंडिया की ‘मिशन ब्राइट एंड लाउड दीवाली 2021’ का विरोध करते हुए कुछ ऐसा कह दिया, जिससे कांग्रेस के एक नेता ही उनसे नाराज़ हो गए और जम कर फटकार लगा दी। रूपा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई अभियान नहीं देखा, जिसमें इससे ज्यादा प्रदूषण को प्रमोट किया गया हो, या फिर ऐसे इंडस्ट्री का समर्थन किया गया हो, जो ‘बाल मजदूरी’ पर आश्रित है। उन्होंने ऑपइंडिया के लिए ‘पूप इंडिया’ शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि ये रोज नई गहराई की ओर जा रहा है। इस पर एक कांग्रेस नेता ने उन्हें लताड़ा।

ऑपइंडिया ने अपनी घोषणा में बताया था कि दीवाली 2021 प्रतिबंधों के चंगुल से निकले, इसके लिए परस्पर सहयोग के साथ एक ऐसा अभियान चलाया जाएगा, जिसमें क़ानूनी लड़ाई, एक्टिविज्म और रिसर्च का सहारा लिया जाएगा। इतनी से बात से भड़की रूपा सुब्रमण्या ने ट्विटर पर जहर उगल दिया। इसका जवाब दिया लोकसभा में कांग्रेस के व्हिप और और पार्टी की वर्किंग कमिटी के परमानेंट इन्वायटी मणिकम टैगोर बी ने।

दूसरी बार सांसद बने मणिकम तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी भी हैं। उन्होंने इस दौरान तमिलनाडु के शिवकाशी की बात करते हुए कहा कि ये पटाखों की इंडस्ट्री 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से वैध इंडस्ट्री है, जिसमें 60,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने अफवाहें न फैलाने की सलाह देते हुए कहा कि क्षेत्र में पटाखों के 1000 फैक्ट्रीज हैं और दिल्ली से मदुरै तक रोज दो फ्लाइट्स चलती हैं।

उन्होंने रूपा से कहा कि वो शिवकाशी आएँ, जो एयरपोर्ट से 70 किलोमीटर है और कैब बुक कर के वहाँ आया जा सकता है। उन्होंने अपना फोन नंबर देते हुए कहा कि रूपा वहाँ की फैक्ट्री में आएँ और वो फैक्ट्रीज के मैनेजर्स से कह देंगे वो उन्हें शिवकाशी की फैक्ट्री में घुमाएँ। उन्होंने चुनौती दी कि अगर पूरी फैक्ट्री या शिवकाशी में एक भी बाल मजदूर मिला तो वो अपनी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे दे देंगे।

साथ ही उन्होंने पूछा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या रूपा शिवकाशी में एक भी बाल मजदूर न होने की बात पर लेख लिखेंगी? उन्होंने सलाह दी कि रूपा सुब्रमण्या को अगर कुछ पता नहीं है तो उन्हें पटाखा इंडस्ट्री में काम करने वाले हमारे भाइयों-बहनों के आत्म-सम्मान का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ हम चीन के वैश्विक पटाखा बाजार से सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग अफवाह फैला रहे हैं।

उन्होंने ‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट भी शेयर की, जिसमें बताया गया था कि किस तरह से पटाखों पर प्रतिबंध लगने से शिवकाशी इंडस्ट्री के कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। इस रिपोर्ट में बताया था कि 8 लाख लोगों की आजीविका पर पटाखे बैन होने से प्रभाव पड़ा है। साथ ही हजारों करोड़ की इंडस्ट्री पर नुकसान की बात भी कही गई थी। ऊपर से कोरोना के कारण पहले से ही महीनों तक ये फैक्ट्रीज बंद ही पड़ी हुई थीं।

रूपा के इस लेख पर ट्विटर पर लोग हिन्दू विरोधी रवैये पर अपना गुस्सा भी व्यक्त कर रहे हैं:-

साथ ही उन्होंने वो ग्राफ भी शेयर किया, जिससे पता चलता है कि चीन किस कदर वैश्विक पटाखा बाजार पर कब्ज़ा कर के बैठा हुआ है। अमेरिका में जितने भी पटाखे इम्पोर्ट किए जाते हैं, उनमें से 94% अकेले चीन से आते हैं। इसके बाद क्रमशः स्पेन, हॉन्गकॉन्ग, जर्मनी, थाईलैंड, इटली और यूके का स्थान है। इसके जवाब में रूपा सुब्रमण्या ने ये कह कर इतिश्री कर ली कि काश शिवकाशी के लोगों के पास कोई और काम होता क्योंकि पटाखे बनाना अच्छा नहीं है। रूपा सुब्रमण्या के पास कॉन्ग्रेस नेता के तर्कों का कोई जवाब नहीं सूझा।

बता दें कि विराट कोहली ने भी 18 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था, “मेरी तरफ से आपको और आपके परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। भगवान आपको इस दिवाली शांति, समृद्धि और खुशी प्रदान करें। कृपया याद रखें कि पटाखे न फोड़ें, पर्यावरण की रक्षा करें और इस शुभ अवसर पर एक साधारण दीए और मिठाई के साथ अपने प्रियजनों के साथ घर पर मस्ती करें। भगवान आप सबका भला करे। अपना ख्याल रखिएगा।”

मनमोहन सिंह को राज्यसभा भेजने के लिए कांग्रेस के पास बचा है अब सिर्फ राजस्थान

मनमोहन सिंह को राज्यसभा भेजने के लिए कांग्रेस के पास बचा है अब सिर्फ इस राज्य का सहारा...पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को एक बार फिर राज्यसभा में पहुंचाने के लिए कांग्रेस के पास अब राजस्थान का सहारा है, क्योंकि असम और गुजरात के रास्ते बंद हो जाने के बाद तमिलनाडु में भी सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने जुलाई 2 को राज्य की तीनों राज्यसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए, और दो सीटें अपने पास रखकर तीसरी सीट के लिए उन्होंने कांग्रेस के स्थान पर अन्य सहयोगी MDMK के वी. गोपालसामी अथवा वाइको का नाम घोषित किया. 
तमिलनाडु में सत्तासीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) तथा विपक्षी दल DMK, दोनों के पास इतने विधायक हैं कि वे तीन-तीन सीटें जीत सकते हैं. पिछले दिनों इस तरह की ख़बरें काफी गर्म रहीं कि एक वक्त में प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम की पैरवी करने वाले DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन इस बात के लिए राज़ी थे कि अपने कोटे की एक सीट वह डॉ मनमोहन सिंह को दे देंगे. 
सूत्रों का कहना है कि DMK का इरादा बदलने के पीछे एक कारण यह रहा कि कांग्रेस के शीर्ष दोनों नेताओं - राहुल गांधी या उनकी मां सोनिया गांधी - ने सीधे एम.के. स्टालिन से बात नहीं की, बल्कि उनके स्थान पर कांग्रेस नेताओं अहमद पटेल तथा गुलाम नबी आज़ाद ने DMK में अपने समकक्षों से बात की, जिसकी वजह से DMK नेतृत्व नाराज़ हो गया.
वर्ष 2014 में कांग्रेस-नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार की हार से पहले 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह पूर्वोत्तर के असम राज्य से राज्यसभा सांसद थे, लेकिन अब इस राज्य में कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या में विधायक मौजूद नहीं हैं, ताकि डॉ सिंह को संसद के उच्च सदन में फिर भेजा जा सके. 
कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री को गुजरात से राज्यसभा भेजने का फैसला किया था, जहां केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह तथा स्मृति ईरानी के लोकसभा सदस्य बन जाने की वजह से दो सीटें रिक्त हो गई हैं. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, राज्य की दोनों राज्यसभा सीटों के लिए एक साथ चुनाव करवाए जाने की मांग खारिज हो जाने के बाद पार्टी ने फैसला पलट दिया.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का तर्क था कि यदि दोनों सीटों के लिए अलग-अलग चुनाव करवाया जाता है, तो 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' सिस्टम के चलते दोनों सीटों पर BJP की जीत होगी, क्योंकि उनके पास कांग्रेस के मुकाबले 20 विधायक ज़्यादा हैं. उनका कहना था कि अगर दोनों सीटों पर एक ही दिन में एक साथ चुनाव करवाया जाता, तो कांग्रेस एक सीट जीत सकती थी. लेकिन चुनाव आयोग के अनुसार, इस तरह के चुनावों को कभी एक साथ नहीं करवाया जाता. उधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली गुजरात कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया. 
अब बताया जा रहा है कि कांग्रेस की योजना डॉ मनमोहन सिंह को राजस्थान से राज्यसभा में भेजने की है, जहां पिछले ही महीने राज्य BJP प्रमुख मदनलाल सैनी के निधन के बाद एक राज्यसभा सीट खाली हुई है. उनका कार्यकाल अप्रैल, 2024 तक का था. पिछले साल दिसंबर में राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य में सत्तासीन हुई कांग्रेस को यहां अपनी जीत का भरोसा है.

भाजपा के खिलाफ गलत नारे लगाने पर महिला लेखक गिरफ्तार

तमिलनाडु के तूतीकोरिन एयरपोर्ट पर एक महिला ने भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। जिसकी वजह से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना की वजह से सियासी हलचल तेज हो गई है। गिरफ्तारी की निंदा करते हुए डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने इसे आजादी पर हमला बताया है। महिला का नाम लुई सोफिया है और वह तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष तमिलसाई सुंदरराजन के साथ सफर करके तूतीकोरिन पहुंची थी।
सुंदरराजन जैसे ही अपना सामान लेने के लिए लगेज बॉक्स में पहुंचे महिला ने ‘फासीवादी भाजपा सरकार हाय-हाय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी से परेशान सुदंरराजन और महिला के बीच थोड़ी बहस हो गई। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष ने पुलिस से महिला की शिकायत कर दी। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करके 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में कोकिराकुलम जेल भेज दिया गया है। बता दें कि सोफिया लेखिका हैं और स्टरलाइट और चेन्नई-सलेम हाइवे प्रोजेक्ट का भी विरोध किया है।
इस घटना पर गिरफ्तारी के लिए एमके स्टालिन ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे लोकतंत्र और बोलने की आजादी पर हमला बताया है। उन्होंने ट्वीट कर सोफिया को तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए कहा है कि आपको (तमिलनाडु सरकार) उन सभी लोगों को गिरफ्तार करना होगा जो ऐसे नारे लगाते हैं। मैं भी ऐसे नारे लगाउंगा। ‘फासीवादी बीजेपी सरकार हाय-हाय’।
इस मामले पर सोफिया के पिता ने सुंदरराजन और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ उनकी बेटी को धमकाने और गाली देने के आरोप में मामला दर्ज करवाया है। वहीं घटना पर टिप्पणी करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, एक अधेड़ उम्र की महिला मुझे देखते ही नारेबाजी करने लगी और अराइवल गेट तक मेरा पीछा करते हुए आ गई। उसके हाव-भाव डराने वाले थे। मुझे लगता है उसके पीछे कुछ संगठन काम कर रहे हैं।